खुश रहने के लिये खूब खाएं फल और सब्‍जियां

खुश रहने के लिये खूब खाएं फल और सब्‍जियां

अक्‍सर लोग, अपने खाने-पीने में कोताही बरत देते हैं ऐसा करना उनके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक हो सकता है। ओसवॉल्‍ड ने इस बारे में कहा है कि इनका सेवन करने का असर, शरीर पर शीघ्र ही दिखने लगता है। लगातार ऐसी हेल्‍दी खुराक लेने पर दो साल में मनोवैज्ञानिक लाभ भी व्‍यक्ति को मिलने लग जाता है। Read More : खुश रहने के लिये खूब खाएं फल और सब्‍जियां about खुश रहने के लिये खूब खाएं फल और सब्‍जियां

सुबह का नाश्ता राजा की तरह, दोपहर का भोजन राजकुमार की तरह और रात का भोजन भिखारी की तरह करना चाहिए।’

सुबह का नाश्ता राजा की तरह, दोपहर का भोजन राजकुमार की तरह और रात का भोजन भिखारी की तरह करना चाहिए।’

कामकाजी हो या गृहिणी, घर-बार के अलावा उन्हें खुद को संभालने का वक्त बहुत कम मिल पाता है। कम वक्त और सही जानकारी के अभाव में, सैकड़ों बार कोशिश करने के बावजूद हमारा वजन कभी कम नहीं हो पाता। लेकिन इस बार होगा, कैसे? आइए जानते हैं वजन कम करने के सही तरीके, बता रही हैं रुचि गुप्ता Read More : सुबह का नाश्ता राजा की तरह, दोपहर का भोजन राजकुमार की तरह और रात का भोजन भिखारी की तरह करना चाहिए।’ about सुबह का नाश्ता राजा की तरह, दोपहर का भोजन राजकुमार की तरह और रात का भोजन भिखारी की तरह करना चाहिए।’

आसन

विभिन्न ग्रंथों में आसन के लक्षण हैं - उच्च स्वास्थ्य की प्राप्ति, शरीर के अंगों की दृढ़ता, प्राणायामादि उत्तरवर्ती साधनक्रमों में सहायता, स्थिरता, सुख दायित्व आदि। पंतजलि ने स्थिरता और सुख को लक्षणों के रूप में माना है। प्रयत्नशैथिल्य और परमात्मा में मन लगाने से इसकी सिद्धि बतलाई गई है। इसके सिद्ध होने पर द्वंद्वों का प्रभाव शरीर पर नहीं पड़ता। किंतु पतंजलि ने आसन के भेदों का उल्लेख नहीं किया। उनके व्याख्याताओं ने अनेक भेदों का उल्लेख (जैसे - पद्मासन, भद्रासन आदि)  Read More : आसन about आसन

'अलग-अलग सोएं खुश रहें'

'अलग-अलग सोएं खुश रहें'

अगर आपको अपने स्वास्थ्य और दांपत्य संबंधों को बेहतर रखना है तो अलग अलग सोने पर विचार करें.

विशेषज्ञों का कहना है कि एक ही बिस्तर पर सोने से पति पत्नी के बीच कई मामलों मसलन खर्राटे लेने और रज़ाई-तकिए को लेकर विवाद हो सकते हैं और इससे नींद खराब हो सकती है.

ब्रिटेन में नींद के मामलों के विशेषज्ञ डॉक्टर नील डॉक्टर स्टैनली बताते हैं कि एक ही बिस्तर पर सोने से दंपत्तियों को कई प्रकार की मुश्किलें हो सकती हैं.

एक अध्ययन से पता चला कि एक पलंग पर साथ सोने वाले दम्पत्तियों को औसतन नींद से जुड़ी 50 प्रतिशत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा. Read More : 'अलग-अलग सोएं खुश रहें' about 'अलग-अलग सोएं खुश रहें'

गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़

गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़

गायन हर किसी में यह विशेषता नहीं होती हैं। संगीत को भगवान की दें मानी जाती है और ऐसा सोंचा जाता है की जिसपे भगवान की कृपा होती है वही गा सकता है. परन्तु ईश्वर ने सबको अपनी कर्मठता से अपने सपने साकार करने की शक्ति दी है. अगर आपका गला और आवाज़ साधारण भी है, तो भी जबरदस्त रियाज़ करके आप अपनी आवाज़ में न सिर्फ नयी जान ला सकते है बल्कि संगीत की बुलंदियों को छू सकते हैं. गायन में बेहतर बनने के लिए दैनिक अभ्यास की जरूरत होती है। संगीत सीखने के लिए पहले संगीत का ज्ञान जरूरी है, बेहतर गायक बनने के समय लगेगा, लेकिन आप जल्दी परिणाम देखने के लिए निम्न टिप्स शुरू करना चाहिए। Read More : गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ about गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़

ओशो डाइनैमिक ध्‍यान

ओशो डाइनैमिक ध्‍यान

ओशो डाइनैमिक ध्‍यान ओशो के निर्देशन में तैयार किए गए संगीत के साथ किया जाता है। यह संगीत ऊर्जा गत रूप से ध्‍यान में सहयोगी होता है और ध्‍यान विधि के हर चरण की शुरूआत को इंगित करता है|

निर्देश
डायनमिक ध्‍यान आधुनिक मनुष्‍य को ध्‍यान अपलब्‍ध करवाने के लिए ओशो के प्रमुख योगदानों में से एक है। Read More : ओशो डाइनैमिक ध्‍यान about ओशो डाइनैमिक ध्‍यान

रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग

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प्रमुख रागों में ऐसे स्वर समूह होते है जिनसे उनकी स्वतंत्र छवि बनती है। ऐसे ही स्वतंत्र छवि बनाने वाले स्वर समूह को रागांग कहते है तथा स्वतंत्र अंग वाले राग, रागांग प्रमुख राग माने जाते हैं। ऐसे रागों में विस्तार की विस्तृत संभावनायें रहती है। आधुनिक काल में हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति में रागांग वर्गीकरण पद्धति को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। इसी पद्धति एवं प्रमुख रागांग आदि का विश्लेषण इस लेख में प्रस्तुत किया गया है।
Read More : रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग about रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग

योगासन एवं आसन के मुख्य प्रकार

योगासन एवं आसनयोगासन एवं आसन पद्मासन, वज्रासन, सिद्धासन, मत्स्यासन, वक्रासन, अर्ध-मत्स्येन्द्रासन, पूर्ण मत्स्येन्द्रासन, गोमुखासन, पश्चिमोत्तनासन, ब्राह्म मुद्रा, उष्ट्रासन, योगमुद्रा, उत्थीत पद्म आसन, पाद प्रसारन आसन, द्विहस्त उत्थीत आसन, बकासन, कुर्म आसन, पाद ग्रीवा पश्चिमोत्तनासन, बध्दपद्मासन, सिंहासन, ध्रुवासन, जानुशिरासन, आकर्णधनुष्टंकारासन, बालासन, गोरक्षासन, पशुविश्रामासन, ब्रह्मचर्यासन, उल्लुक आसन, कुक्कुटासन, उत्तान कुक्कुटासन, चातक आसन, पर्वतासन, काक आसन, वातायनासन, पृष्ठ व्यायाम आसन-1, भैरवआसन,

चित्त को स्थिर रखने वाले तथा सुख देने वाले बैठने के प्रकार को आसन कहते हैं। आसन अनेक प्रकार के माने गए हैं। योग में यम और नियम के बाद आसन का तीसरा स्थान है

आसन का उद्‍येश्य : आसनों का मुख्य उद्देश्य शरीर के मल का नाश करना है। शरीर से मल या दूषित विकारों के नष्ट हो जाने से शरीर व मन में स्थिरता का अविर्भाव होता है। शांति और स्वास्थ्य लाभ मिलता है। अत: शरीर के स्वस्थ रहने पर मन और आत्मा में संतोष मिलता है।

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हार्टफेल से बचाएगा एरोबिक एक्‍सरसाइज

एरोबिक एक्‍सरसाइज

हार्ट फेल हो जाना, एक गंभीर बीमारी है और इसका इलाज होना असंभव है। यह सिंड्रोम, कार्डिक आउटपुट की कमी के द्वारा सामने आती है जिससे रोगी को मरीज को सांस लेने में समस्‍या होने लगती है और दिल रूक जाता है व मृत्‍यु हो जाती है। 

हाल ही में चूहों पर किए गए एक अध्‍ययन के मुताबिक, एरोबिक एक्‍सरसाइज; जैसे - ब्रिस्‍क वॉकिंग, रनिंग, जॉगिंग या स्‍वीमिंग, हार्ट फेल में कार्डिक प्रोटीन क्‍वालिटी कंट्रोल सिस्‍टम को रिस्‍टोर करने के लिए संभावित है।  Read More : हार्टफेल से बचाएगा एरोबिक एक्‍सरसाइज about हार्टफेल से बचाएगा एरोबिक एक्‍सरसाइज

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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