सेतु बंध आसन करने के लिए सबसे पहले

सेतुं बंध सर्वांगासन

कमरदर्द, थायरॉइड और वजन कम करने में मददगार है सेतुं बंध सर्वांगासन, जानें तरीका
सेतु बंध आसन रीढ़ की हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
सेतु बंध आसन का अभ्यास आपको थायरॉइड से बचाता है।
इस आसन के अभ्यास से ब्लड का सर्कुलेशन ठीक रहता है।
Read More : सेतु बंध आसन करने के लिए सबसे पहले about सेतु बंध आसन करने के लिए सबसे पहले

त्राटक मेडिटेशन क्या है?

त्राटक मेडिटेशन

त्राटक योगा की प्रमुख टेकनीक या कहे की क्रिया या साधना है. त्राटक शब्द का अर्थ – त्राटक शब्द का अर्थ होता है किसी एक विशेष वस्तु पर अपनी नजरो से लगातार देखते रहना. त्राटक क्रिया हठ योगा का एक प्रकार है. यह हठ योगा के सात अंगो में से एक अंग षटकर्म की एक क्रिया है. हठयोग में इस क्रिया का वर्णन दृष्टि को जाग्रत करने की शक्ति के रूप में किया गया है. आँखों को आत्मा का प्रवेशद्वार माना जाता है. त्राटक साधना द्वारा आँखों को आत्मा और मन के बीच संपर्क स्थापित करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है. त्राटक मेडिटेशन शरीर को शक्ति और शुद्धी प्रदान करने के लिए की जाती है.
Read More : त्राटक मेडिटेशन क्या है? about त्राटक मेडिटेशन क्या है?

जलनेति से कीजिये अपने सारे रोगों को दूर

जलनेति से कीजिये

नेति मुख्यत: सिर के अन्दर वायु-मार्ग को साफ करने की क्रिया है। यह एक जल चिकित्‍सा है जो एलर्जी, अस्‍थमा, साइनस और आंखों कि बीमारी को ठीक कर देती है। नेति के मुख्यत: दो रूप हैं : जलनेति तथा सूत्रनेति। जलनेति में जल का प्रयोग किया जाता है; सूत्रनेति में धागा या पतला कपड़ा प्रयोग में लाया जाता 
विधि
Read More : जलनेति से कीजिये अपने सारे रोगों को दूर about जलनेति से कीजिये अपने सारे रोगों को दूर

भुजंगासन

भुजंगासन

भुजंगासन:- पेट के बल लेटकर दोनों हथेलियां भूमि पर रखते हुये हाथों को छाती के दोनों और रखें। कोहनियां ऊपर उठी हुई तथा भुजायें छाती से सटी हुई होनी चाहिये। पैर सीधे तथा पंजे आपस में मिले हुये हों। पंजे पीेछे की और तने हुये भूमि पर टिके हुये हों। श्वांस अन्दर भरकर छाती व सिर को धीरे धीरे ऊपर उठाइये। नाभि के पीछे वाला भाग भूमि पर टिका रहे। सिर को उपर उठाते हुये गर्दन को जितना पीछे मोड़ सकते हैं, मोड़ना चाहिये। इस स्थिती में करीब 10 से 30 सैकण्ड जितनी देर यथाशक्ति श्वासं रोक सके रूकें। श्वांस छोड़कर पूर्व स्थिती में आ जायें। सवाईकल, स्पोंडलाइटिस, पेट के रोग, स्लीपडिस्क स्त्रीरोग में लाभप्रद। 
Read More : भुजंगासन about भुजंगासन

त्यामुळे योगाचे खरे स्वरूप जाणून घेणे गरजेचे आहे

त्यामुळे योगाचे खरे स्वरूप जाणून घेणे गरजेचे आहे

सध्या योगाबाद्दल जिज्ञासा, चर्चा व प्रत्यक्ष अभ्यास करण्याची इच्छा वाढत्या प्रमाणात आढळून येते. पण बरेचदा योगाबद्दलचा दृष्टीकोन स्पष्ट असतोच असे नाही. एकदा ग्रामीण भागातील एक रुग्ण आला व म्हणाला, ”डॉक्टर तुम्ही औषधांबरोबर जादुटोणा ही करता असे कळले.” माझ्या लक्षात आले की मी रुग्णांना योगाभ्यासाचा जो सल्ला देतो, त्या संदर्भात तो बोलत होता. Read More : त्यामुळे योगाचे खरे स्वरूप जाणून घेणे गरजेचे आहे about त्यामुळे योगाचे खरे स्वरूप जाणून घेणे गरजेचे आहे

Language: 

भ्रामरी प्राणयाम करने का तरीका

श्वांस को लम्बा गहरा फफड़ों में भरते हुये, दोनों कानों में अंगुलियां डालकर कानों को बन्द कर देंगे, बाहर की कोई भी ध्वनि सुनाई ना दे। अब मुहं व होठों का बन्द करके जीभ को ऊपर तालु पर लगा देंगे। ओउम का दीर्घ गुंजन, भौरें के उड़ते समय की ध्वनि की तरह करेंगे, जिसमें श्वांस नासिका से गुंजन के साथ बाहर निकलेगा और पूरे मस्तिष्क में कम्पन्न होगा। यह प्राणायाम करते समय अपना ध्यान आज्ञा चक्र भृकुटिद् पर केन्द्रित करेंगे। इस प्रकार 5 से 7 बार दोहरायेंगे। मन एकाग्र होता है, याददाश्त तेज होती है। मानसिक तनाव, उच्चरक्तचाप, हृदयरोग, उत्तेजना में लाभप्रद।  Read More : भ्रामरी प्राणयाम करने का तरीका about भ्रामरी प्राणयाम करने का तरीका

श्वास सजगता : प्राणायाम पूर्वतयारी

श्वसन ही शरिरात जन्मापासून मृत्यूपर्यंत अखंड सुरू असलेली क्रिया आहे. या क्रियेतील श्वास किंवा पूरकाच्या द्वारे हवेतील प्राणवायूच्या स्वरूपात शरिराला उर्जेचा पुरवठा होतो आणि प्रश्वास किंवा रेचकाद्वारे शरिरातील सूक्ष्म मळ असलेल्या रक्तातील कर्बाम्लवायूचे निष्कासन होते.
वातावरणातील हवा शरिरातील श्वसन यंत्रात प्रवेश करण्यासाठी श्वासनलिकेतला हवेचा दाब (758 mm hg) वातावरणातल्या हवेच्या दाबापेक्षा (760mm hg) कमी असतो, त्यामुळे हवा जास्त दाबाकडून कमी दाबाकडे या नियमाप्रमाणे वातावरणातून श्वासनलिकेत प्रवेश करते.
श्वसन प्रक्रिया
Read More : श्वास सजगता : प्राणायाम पूर्वतयारी about श्वास सजगता : प्राणायाम पूर्वतयारी

Language: 

यौगिक ध्यान से लाभ

महर्षि पतंजलि के योगसूत्र में ध्यान भी एक सोपान है।
चित्त को एकाग्र करके किसी एक वस्तु पर केन्द्रित कर देना ध्यान कहलाता है। प्राचीन काल में ऋषि मुनि भगवान का ध्यान करते थे। ध्यान की अवस्था में ध्यान करने वाला अपने आसपास के वातावरण को तथा स्वयं को भी भूल जाता है। ध्यान करने से आत्मिक तथा मानसिक शक्तियों का विकास होता है। जिस वस्तु को चित मे बांधा जाता है उस मे इस प्रकार से लगा दें कि बाह्य प्रभाव होने पर भी वह वहाँ से अन्यत्र न हट सके, उसे ध्यान कहते है।
ध्यान से लाभ
ऐसा पाया गया है कि ध्यान से बहुत से मेडिकल एवं मनोवैज्ञानिक लाभ होते हैं।
Read More : यौगिक ध्यान से लाभ about यौगिक ध्यान से लाभ

भ्रस्त्रिका प्राणायाम

भ्रस्त्रिका प्राणायाम
  • श्वांस को लम्बा गहरा धीरे-धीरे नाक के द्वारा फेफड़ों में डायफ्राॅम तक भरेंगे पेट नहीं फुलायेंगे और श्वासं बिना अन्दर रोके, लिये गये श्वांस को नासिका द्वारा धीरे धीरे पूरा ही बाहर छोड़ देंगे तथा बाहर भी श्वांस को बिना रोके पूर्व की भांति श्वासं को भरेंगे। इस अभ्यास को जारी रखें।
  • नये साधक थकने पर बीच में कुछ देर के लिये विश्राम कर सकते हैं। तथा अपने उथले श्वासं की गहराई को बढ़ाने का प्रयास करें।
  • गर्मी में 3 मिनट व सर्दी में 7 मिनट तक किया जा सकता है।

दूध को इस प्रकार पिये

दूध को इस प्रकार पिये

दूध शरीर के लिये सबसे जरुरी चीज़ है जिसका हमारे आहार में शामिल होना महत्‍वपूर्ण है। आयुर्वेद, सभी को नियमित रूप से हल्‍का गर्म दूध पीने की सलाह देता है। दूध में विटामिन (A, K और B12), थायमाइन और निकोटिनिक एसिड, मिनरल्‍स जैसे- कैल्शियम, फास्फोरस, सोडियम और पोटेशियम पाए जाते हैं। READ: आयुर्वेद के अनुसार दूध पिने के कुछ नियम इस बात पर काफी बहस हो चल रही है कि दूध पीने का सही समय क्‍या होता है। यदि इसका सेवन दिन में किया जाए तो यह हमें दिनभर एनर्जी देगा। अगर इसे रात मे पिया जाए तो यह दिमाग को शांत और अनिंद्रा दूर करेगा। आयुर्वेद में रात को दूध पीने की प्राथमिकता दी गई है। Read More : दूध को इस प्रकार पिये about दूध को इस प्रकार पिये

Pages

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.