यूरिया जहर है !

यूरिया जहर है !

हम बिना जुताई की कुदरती खेती करते हैं जिसमे हम किसी भी प्रकार की मानव निर्मित खाद और दवाई का उपयोग नहीं करते हैं। हमने यह पाया है की जब हमारे पडोसी अपने खेतों में यूरिया डालते हैं और सिंचाई करते हैं तो पानी यहां वहां डबरों में भर जाता है उस पानी से मेंढक ,मछलियाँ मर जाती हैं यदि उस पानी को मवेशी पी लेते हैं तो वो भी मर जाते हैं। हमारे स्वम् के मवेशी भी अनेक बार मरे हैं। Read More : यूरिया जहर है ! about यूरिया जहर है !

किसी का ध्यान नहीं करना है, अपने भीतर ध्यान में पहुंचना है।

किसी का ध्यान नहीं करना है

रामकृष्ण को ऐसा हुआ था। वे काली के ऊपर ध्यान करते थे, धारणा करते थे। फिर धीरे-धीरे उनको ऐसा हुआ कि काली के उनको साक्षात होने लगे अंतस में। आंख बंद करके वह मूर्ति सजीव हो जाती। वे बड़े रसमुग्ध हो गए, बड़े आनंद में रहने लगे। फिर वहां एक संन्यासी का आना हुआ। और उस संन्यासी ने कहा कि ‘तुम यह जो कर रहे हो, यह केवल कल्पना है, यह सब इमेजिनेशन है। यह परमात्मा का साक्षात नहीं है।’ रामकृष्ण ने कहा, ‘परमात्मा का साक्षात नहीं है? मुझे साक्षात होता है काली का।’ उस संन्यासी ने कहा, ‘काली का साक्षात परमात्मा का नहीं है।’ 
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ओशो – तुम कौन हो ?

ओशो – तुम कौन हो ?

तुम भी बिलकुल भूल गए हो कि तुम कौन हो। और जन्मों-जन्मों में तुम बहुत जगह गए हो, बहुत यात्राएं की हैं। और उन यात्राओं में तुम अभी भी भटक रहे हो। कोई चाहिए जो सूत्र पकड़ा दे; तुम्हें थोड़ी सी याद आ जाए; तुम अपने घर के सामने खड़े हो जाओ। एक बार याद आ जाए तुम्हें भीतर के परमात्मा की, फिर सब धीरे-धीरे याद आ जाएगा। Read More : ओशो – तुम कौन हो ? about ओशो – तुम कौन हो ?

निष्क्रिय विधियां : श्वास को देखना

निष्क्रिय विधियां  श्वास को देखना

ऐसी परिस्थिति में, जब आप सक्रिय ध्यान विधियों का प्रयोग नहीं कर सकते, आप के लिये दो साधारण लेकिन प्रभावशाली निष्क्रिय विधियां उपलब्ध हैं। ध्यान रहे कि इसके इलावा आप हमारे साप्ताहिक स्तंभ ´इस सप्ताह के ध्यान´ और ´व्यस्त व्यक्तियों´ के लिये में और भी विधियां पायेंगे।
  श्वास को देखना
 
श्वास को देखना एक ऐसी विधि है जिसका प्रयोग कहीं भी, किसी भी समय किया जा सकता है, तब भी जब आप के पास केवल कुछ मिनटों का समय हो। आती जाती श्वास के साथ आपको केवल छाती या पेट के उतार-चढ़ाव के प्रति सजग होना है। या फिर इस विधि को आजमायें:
 
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ओशो – पहले विचार फिर निर्विचार !

पहले विचार फिर निर्विचार

मनुष्य को समझने के लिए सबसे पहला तथ्य यह समझ लेना जरुरी है कि मनुष्य के जीवन में जो चीजें सहयोगी होती हैं , 

एक सीमा पर जाकर वे ही चीजें बाधक हो जाती हैं । अगर कोई 

आदमी सोचे भी , विचार भी करे , तो भी इस महत्वपूर्ण तथ्य का

एकदम से दर्शन नहीं होता है ।

क्योंकि हम सोचते हैं , जो सहायक है , वह कभी बाधक नहीं होगा । लेकिन हर सहायक चीज एक सीमा पर बाधक हो जाती है 
अगर कोई आदमी किसी मकान की सीढ़ियां चढ़ता हो , सीढियां बिना चढे़ वह मकान के ऊपर नहीं पहुंच सकता । Read More : ओशो – पहले विचार फिर निर्विचार ! about ओशो – पहले विचार फिर निर्विचार !

ओशो – एकाग्रता का महत्व

ओशो – एकाग्रता का महत्व

यह जो संगीत के खंड तुम भीतर इकट्ठे कर लोगे, इनको खंडों की भांति इकट्ठा मत करना, इनके बीच संबंध भी खोजना। Read More : ओशो – एकाग्रता का महत्व about ओशो – एकाग्रता का महत्व

ओशो – ध्यान धन है ।

ओशो – ध्यान धन है ।

संसार में लोग गंवाकर जाते हैं, कमाकर नहीं। 

अक्सर लेकिन हम समझते हैं कि लोग कमा रहे हैं। 

बाजारों में लोग कमाने में लगे हैं। 
पूछो तो जरा गौर से! क्या कमाकर ले जाओगे? 

क्या कमा रहे हो? गंवाकर जाओगे। 

एक संपदा थी भीतर, जिसको लुटाकर जाआगे। 

आत्मा बेच दोगे, ठीकरे खरीद लोगे। 
जीवन का परम अवसर जो 

परमात्मा का मिलन बन सकता था, 

उसमें कुछ कागज के नोट इकट्ठे कर लोगे।
और नोट यहीं पड़े रह जाएंगे। 

उन्हें तुम साथ न ले जा सकोगे। 

उन्हें कोई कभी साथ नहीं ले जा सका है। 

संसार की कोई भी वस्तु साथ नहीं जा सकती।  Read More : ओशो – ध्यान धन है । about ओशो – ध्यान धन है ।

प्रेम एक ऊर्जा क्षेत्र है

प्रेम एक ऊर्जा क्षेत्र है

प्रेम एक ऊर्जा क्षेत्र है…… .वैज्ञानिक भी इससे सहमत है। दूसरी चीज हैं—प्रेम में एक रूपांतरित कर देने वाली शक्ति है। वह तुम्ह भारहीन होने में सहायता करती है, वह तुम्हें पंख देती है। तुम अनंत की ओर सभी के पार जा सकते हो। धार्मिक विचारक इससे सहमत होंगे कि प्रेम परमात्मा और विद्युत दोनों ही हैं। प्रेम एक दिव्य ऊर्जा है। बाउलों ने प्रेम को चुना है, क्योंकि यह मनुष्य के जीवन में होने वाला सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण अनुभव है। तुम भले ही धार्मिक हो अथवा नहीं, इससे कोई अंतर नहीं पड़ता। प्रेम मनुष्य के जीवन का केंद्रीय अनुभव बना ही रहता है। यह सबसे अधिक सामान्य और सबसे अधिक असामान्य है। यह कम या अधिक प्रत Read More : प्रेम एक ऊर्जा क्षेत्र है about प्रेम एक ऊर्जा क्षेत्र है

स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां

स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां

स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां

स्वर

श्रुति

स्वर

श्रुति

 

तीव्रा

 

वज्रिका

 

कुमुद्वती

 

प्रसारिणी

 

मन्द्रा

 

प्रीति

सा

छन्दोवती

उस्ताद बड़े गुलाम अली खान वाला पटियाला घराना

उस्ताद बड़े गुलाम अली खान

पटियाला घराना ख्याल गायकी के बड़े घरानों में गिना जाता है. इस घराने के प्रतिनिधि गायकों में अली बख्श और फतेह अली खान की गिनती होती है.

हालांकि इस घराने की लोकप्रियता बड़े गुलाम अली खान के आने के बाद से बढ़ी. इस घराने में ठुमरियों की गायकी पर महारत हासिल है.

इस घराने की गायकी में भावपक्ष पर भी काफी जोर दिया जाता है. मंद्र, मध्य और तार यानी तीनों सप्तक में इस घराने के कलाकार अपनी द्रुत ताने प्रस्तुत करते हैं. Read More : उस्ताद बड़े गुलाम अली खान वाला पटियाला घराना about उस्ताद बड़े गुलाम अली खान वाला पटियाला घराना

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