नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं –

नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं –

नृतः केवल नृत्य है जिस में शारीरिक मुद्राओं का कलात्मिक प्रदर्शन है किन्तु उन में किसी भाव का होना आवश्यक नहीं। यही आजकल का ऐरोबिक नृत्य है।
नृत्य में भाव-दर्शन की प्रधानता है जिस में चेहरे, भंगिमाओं तथा मुद्राओं का प्रयोग किया जाता है।
नाट्य में शब्दों और वार्तालाप तथा संवाद को भी शामिल किया जाता है।
भारत में कई शास्त्रीय नृत्य की की शैलियाँ हैं जिन में ‘भरत-नाट्यम’, ‘कथक’, ‘कथकली’, ‘मणिपुरी’, ‘कुचीपुडी’ मुख्य हैं लेकिन उन सब का विस्तरित वर्णन यहाँ प्रसंगिक नहीं। Read More : नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – about नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं –

राग की तुलना में भाव सौंदर्य को अधिक महत्वपूर्ण ठुमरी होती है।

ठुमरी- ठुमरी गीत का वह प्रकार है जिसमें राग की शुद्धता की तुलना में भाव और सौंदर्य को अधिक महत्व दिया जाता है। इसकी प्रकृति चपल और द्रुत होती है। इसमें शब्द कम होते हैं और शब्दों का भाव विविध स्वर -समूहों द्वारा व्यक्त किया जाता है। ठुमरी श्रृंगार रस प्रधान होती है। इसमें मींड़ और कण का विशेष प्रयोग होता है।

ठुमरी का एक और प्रकार है जो शब्द और लय प्रधान है। इसके शब्द अनुप्रास युक्त होते हैं, जैसे छाई छटा, तरसे लरजे, जिया पिया बिना इत्यादि ।

इस ठुमरी में वियोग व्यथा की पराकाष्ठा का अनुमान कीजिये।

स्थाई:- पपीहा पी की बोली न बोल। Read More : राग की तुलना में भाव सौंदर्य को अधिक महत्वपूर्ण ठुमरी होती है। about राग की तुलना में भाव सौंदर्य को अधिक महत्वपूर्ण ठुमरी होती है।

कब्ज को करें गुडबाय

कब्ज को करें गुडबाय

कब्ज शरीर की सबसे आम बीमारियों में गिनी जाती है। खान-पान में गड़बड़ी व खराब जीवनशैली के कारण अधिकांश लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं।

शरीर में वात के बढऩे से कब्ज होती है। खान-पान की गलत आदतें, भूख से ज्यादा खाना, मीट और मुश्किल से पचने वाली भारी अन्न को खाना और फल-सब्जियां-सलाद कम खाने से कब्ज होती है। नींद पूरी न होना, तनाव-भय-चिंता या शोक आदि भी कब्ज का कारण हो सकते हैं। आंत में गांठ और रुकावट की वजह से भी कब्ज हो सकता है।

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सेहतमंद बालों के लिए रोज करें योग

सेहतमंद बालों के लिए रोज करें योग

रूखे और बेजान बालों या सिर पर तेज़ी से कम होते बालों को देखकर आप अंदाज़ा लगा सकती हैं कि हमारी दिनचर्या कितनी व्यस्त है. चिंता, ख़राब जीवनशैली का चुनाव, जेनेटिक्स, मेडिकेशन, हार्मोनल असंतुलन और बालों के ट्रीटमेंट के लिए केमिकल्स का अत्यधिक इस्तेमाल बचे-खुचे बालों को भी नष्ट कर देता है. इससे पहले कि आप बालों की रक्षा के लिए किसी प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करें, हम आपको योग करने की सलाह देते हैं. दमकती हुई त्वचा देने के साथ पूरी सेहत में सुधार लानेवाला योग बालों के लिए भी उम्दा नतीजे देता है. ‘‘कुछ योग मुद्राएं स्कैल्प, फ़ॉलिकल्स में रक्त प्रवाह को बढ़ाकर बेचैनी और चिंता से राहत प्रदान करती हैं. Read More : सेहतमंद बालों के लिए रोज करें योग about सेहतमंद बालों के लिए रोज करें योग

एपेंडिसाइटिस करें निर्धारित, कुछ उपयोगी टिप्स

एपेंडिसाइटिस करें निर्धारित, कुछ उपयोगी टिप्स

एपेंडिसाइटिस बीमारी इस प्रकार है 

अपैडेसिटिस काफी सामान्य और खतरनाक है बड़ी आंत की अंधी प्रक्रिया की सूजन से जुड़ी एक बीमारी ऐसी स्थितियों में, तत्काल चिकित्सा सहायता की मांग की जानी चाहिए इसलिए, घर पर एपेंडिसाइटिस निर्धारित करने की जानकारी, सभी के लिए उपयोगी होगी। सब के बाद, इस रोग के साथ विभिन्न लक्षणों के साथ किया जा सकता है, और लक्षणों की तीव्रता भी बदल सकती है। Read More : एपेंडिसाइटिस करें निर्धारित, कुछ उपयोगी टिप्स about एपेंडिसाइटिस करें निर्धारित, कुछ उपयोगी टिप्स

जानिए क्या हैं हृदय रोग के लक्षण

हृदय हमारे शरीर का एक महत्त्वपूर्ण अंग है। यह छाती के मध्य में, थोड़ी सी बाईं ओर स्थित होता है। हमारा ह्रदय एक दिन में लगभग एक लाख बार एवं एक मिनट में 60-90 बार धड़कता है। हृदय की मांसपेशिया जीवंत होती है और उन्हें जिन्दा रहने के लिए आहार और ऑक्सीजन की जरूरत होती है। जब एक या ज्यादा आर्टरी रुक जाती है तो हृदय की कुछ मांसपेशियों को आहार और ऑक्सीजन नही मिल पाती। इस स्थिति को हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा कहा जाता है। (इस सिलसिले में कुछ लोगो को भ्रम हो सकता है कि दिल से संबंधित और भी समस्याएं होती हैं जैसे – हार्ट वॉल्व की समस्या, कंजीनाइटल हार्ट प्रॉब्लम आदि, और जब हम दिल की बीमारियों की बात क Read More : जानिए क्या हैं हृदय रोग के लक्षण about जानिए क्या हैं हृदय रोग के लक्षण

तेजी से फैल रहा है टेक स्ट्रेस, कहीं आप में भी तो नहीं ऐसे लक्षण?

लाइफस्टाइल में गैजेट्स का महत्व बढ़ता जा रहा है। सुबह से शाम तक फोन व लैपटॉप में व्यस्त रहने के कारण अगर थोड़ी देर के लिए भी इनसे दूरी बनानी पड़ जाए तो मन बेचैन होने लगता है। इसी स्ट्रेस को टेक स्ट्रेस कहते हैं। आज की जीवनशैली में गैजेट्स की अहमियत को नकारा नहीं जा सकता है। हर छोटे-बड़े काम के लिए लोगों की उन पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। पढ़ाई, बैंकिंग, एंटरटेनमेंट व न्यूज़ पढऩे जैसी बेसिक ज़रूरतों के लिए मोबाइल फोन व लैपटॉप का इस्तेमाल हर किसी की ज़रूरत  बन गया है। जहां विभिन्न ऐप्स ने हमारा काम आसान बनाया है तो वहीं समय-समय पर इन गैजेट्स से दूरी बनाए जाने की सलाह भी दी जाती है। Read More : तेजी से फैल रहा है टेक स्ट्रेस, कहीं आप में भी तो नहीं ऐसे लक्षण? about तेजी से फैल रहा है टेक स्ट्रेस, कहीं आप में भी तो नहीं ऐसे लक्षण?

डायबिटीज से आंखों को होता है डायबिटिक रेटिनोपैथी का खतरा, जानिये इसके लक्षण

डायबिटीज के मरीजों की संख्या विश्वभर में तेजी से बढ़ रही है। डायबिटीज अगर ज्यादा बढ़ जाए तो ये खतरनाक बन जाता है। डायबिटीज के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है और इससे शरीर के कई अंगों पर भी प्रभाव पड़ता है। आंखों और किडनी पर इसका असर सबसे ज्यादा होता है। डायबिटीज में ब्लड शुगर का लेवल बढ़ता जाता है और इससे आंखों से जुड़ी परेशानियों का खतरा भी बढ़ता जाता है। आमतौर पर डायबिटीज बढ़ने के साथ-साथ रोगी के चश्मे का नंबर बढ़ता जाता है और कई बार तो ये स्तर अंधेपन तक पहुंच जाता है। इसी रोग को डायबिटीक रेटिनोपैथी कहते हैं।

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ऑस्टियोआर्थराइटिस में इन 5 आहारों के सेवन से बढ़ जाते हैं दर्द और सूजन

आजकल अनियमित खानपान अस्वस्थ आहार और बिना शारीरिक मेहनत के गुजर रही जिंदगी के कारण लोग कई तरह के रोगों से परेशान हैं। इन रोगों के कारण और पोषण की कमी के कारण शरीर के अंगों और दिमाग के साथ-साथ हड्डियां भी प्रभावित हो रही हैं। इसी तरह का एक रोग है गठिया यानि आर्थराइटिस, जिसमें आदमी के जोड़ों में लगातार दर्द होता है, जिससे उसके रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस आर्थराइटिस का ही एक रूप है जिसमें एक या एक से ज्यादा जोड़ों के कार्टिलेज टूट जाते हैं या घिसते रहते हैं। इस रोग में हड्डियों के कमजोर होने के कारण जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस होने पर Read More : ऑस्टियोआर्थराइटिस में इन 5 आहारों के सेवन से बढ़ जाते हैं दर्द और सूजन about ऑस्टियोआर्थराइटिस में इन 5 आहारों के सेवन से बढ़ जाते हैं दर्द और सूजन

जानिये कितना होना चाहिए आपका कोलेस्ट्रॉल और कब शुरू होती है इससे परेशानी

आजकल की अनियमित जीवनशैली और अस्वस्थ खानपान के कारण दिल की बीमारियों की संभावना बहुत ज्यादा हो गई है। दिल की बीमारियों की एक बड़ी वजह शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ जाना है। शरीर अच्छी तरह काम करे इसके लिए शरीर में एक निश्चित कोलेस्ट्रॉल लेवल होना चाहिए। कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने से शरीर में कई तरह की परेशानियां शुरू हो जाती हैं जैसे आर्टरी ब्लॉकेज, स्टोक्स, हार्ट अटैक और दिल की अन्य बीमारियां। दरअसल कोलेस्ट्रॉल वैक्स या मोम जैसा एक ऐसा पदार्थ है जो लिवर बनाता है। ये हमारे शरीर में कोशिकाओं और हार्मोन्स के निर्माण के लिए जरूरी होता है। इसके अलावा ये बाइल जूस बनाने में भी मदद करता है। आइये आपको Read More : जानिये कितना होना चाहिए आपका कोलेस्ट्रॉल और कब शुरू होती है इससे परेशानी about जानिये कितना होना चाहिए आपका कोलेस्ट्रॉल और कब शुरू होती है इससे परेशानी

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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