शांत प्रयोग सफल नहीं होता

शांत प्रयोग सफल नहीं होता

शांत प्रयोग सफल नहीं होता। क्योंकि आप भीतर इतने अशांत है कि जब आप आँख बंद करके बैठते हैं तो सिवाय अशांति के भीतर और कुछ भी नहीं होता। वह जो भीतर

अशांति है, वह चक्कर जोर से मारने लगती है। जब आप शांत होकर बैठते हैं, तब आपको सिवाय भीतर के उपद्रव के और कुछ भी नहीं दिखाई पड़ता।इसलिए, उचित तो यह है कि वह जो भीतर का उपद्रव है, उसे भी बाहर निकल जाने दें। हिम्मत से उसको भी बह जाने दें। उसके बह जाने पर, जैसे तूफान के बाद एक शांति आ जाती है, वैसी शांति आपको अनुभव होगी। तूफान तो धीरे-धीरे विलीन हो जाएगा और शांति स्थिर हो जाएगी। Read More : शांत प्रयोग सफल नहीं होता about शांत प्रयोग सफल नहीं होता

विपस्सना कैसे की जाती है?

विपस्सना कैसे

विपस्सना मनुष्य-जाति के इतिहास का सर्वाधिक महत्वपूर्ण ध्यान-प्रयोग है। जितने व्यक्ति विपस्सना से बुद्धत्व को उपलब्ध हुए उतने किसी और विधि से कभी नहीं। विपस्सना अपूर्व है! विपस्सना शब्द का अर्थ होता है: देखना, लौटकर देखना। बुद्ध कहते थे: इहि पस्सिको, आओ और देखो! Read More : विपस्सना कैसे की जाती है? about विपस्सना कैसे की जाती है?

निष्क्रिय विधियां : विश्रांति के चार तल

विश्रांति के चार तल

यह विशेष ध्यान विधि उन घड़ियों के लिये उपयोगी है जब आप बीमार होते हैं क्योंकि यह आपके तथा आप के देह -मन के बीच एक प्रेमपूर्ण सूत्र स्थापित करने में तथा सौहार्द्र् पैदा करने में सहायक होती है। तब अपनी उपचार -प्रक्रिया में आपका योगदान सक्रिय होने लगता है।
 
पहला चरण: देह
 
"जितनी बार हो सके, स्मरण रखें और देखें कि कहीं आप अपनी देह के भीतर कोई तनाव तो नहीं लिये चल रहे- गर्दन, सिर, टांगें... इसे होशपूर्व शिथिल करते जायें। शरीर के उसी अंग पर जायें और उसी अंग को सहलायें, इसे प्रेमपूर्वक कहें ‘शांत हो जाओ!’
 
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ध्यान एक अवस्था है, जब चेतना अकेली रह जाती है।

ध्यान एक अवस्था है

ध्यान किसी का नहीं करना होता है। ध्यान एक अवस्था है, जब चेतना अकेली रह जाती है। जब चेतना अकेली रह जाए और चेतना के सामने कोई विषय, कोई आब्जेक्ट न हो, उस अवस्था का नाम ध्यान है। मैं ध्यान का उसी अर्थ में प्रयोग कर रहा हूं। 
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भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम का नाम भारत में पाई जाने वाली बढ़ई मधुमक्खी से प्रेरित है जिसे भ्रामरी भी कहा जाता है। इस प्राणायाम को करने के पश्चात व्यक्ति का मन तुरंत शांत हो जाता है। इस प्राणायाम के अभ्यास द्वारा, किसी भी व्यक्ति का मन, क्रोध, चिंता व निराशा से मुक्त हो जाता है। यह एक साधारण प्रक्रिया है जिसको घर य ऑफिस, कहीं पर भी किया जा सकता है। यह प्राणायाम चिंता-मुक्त होने का सबसे अच्छा विकल्प है।

इस प्राणायाम में साँस छोड़ते हुए ऐसा प्रतीत होता है की आप किसी बढ़ई मधुमक्खी की ध्वनि निकाल रहे हैं। जो इसके नाम का स्पष्टीकरण करता है। Read More : भ्रामरी प्राणायाम about भ्रामरी प्राणायाम

नवदुर्गा का महत्व, नवरात्रि का उद्देश्य, नवदुर्गा मंत्र, नवरात्रि कैसे मनाएं, चैत्र नवरात्रि का महत्व, नवरात्रि के उपवास का महत्व, नवरात्रि श्लोक, हिंदी मंत्र

"अगर तुम अपनी सांस पर काबू पा सको तो अपनी भावनाओं पर काबू पा सकोगे। अवचेतन सांस की लय को बदलता रहता है, अत: अगर तुम इस लय के प्रति और उसमें होने वाले सतत बदलाव के बारे में होश से भर जाओगे तो तुम अपनी अवचेतन जड़ों के बारे में, अवचेतन की गतिविधि के बारे में सजग हो जाओगे।"

दि न्यू एल्केमी

 

 1) जब भी स्मरण हो, दिन भर गहरी सांस लो, जोर से नहीं वरन धीमी और गहरी; और शिथिलता अनुभव करो, तनाव नहीं।

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मन्त्रों का महत्व | मंत्र क्या है ?

आमतौर पर लोग मंत्रो को मात्र कुछ शब्दों की तरह देखते हैं परन्तु वो यह नहीं जानते की इन मन्त्रों की तरंगों में बहुत ताकत होती है। यह कुछ ऐसे-वैसे शब्द नहीं हैं। इन्हे हमारे ऋषि-मुनियों ने सालों की ध्यान साधना द्वारा प्राप्त किया है। मन्त्रों के श्रवण मात्र से हमारी चेतना जाग उठती है- यह महिमा है मन्त्रों की।
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योग करते समय रहें सावधान... और बनें स्वास्थ्य

योग करते समय

कहते हैं जहां भोग है वहां रोग है. जहां योग है वहां निरोग, लेकिन गलत योग रोगी बना सकता है. यानी योग करते समय सावधान रहें.

एक्सरसाइज करना अच्छी बात है. यह शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखती है. लेकिन अधकचरा ज्ञान कभी-कभी आपको बड़ी मुश्किल में डाल सकता है. 

इसलिए एक्सरसाइज करने से पहले कुछ बातें जरूर ध्यान कर लें. फिट रहने के कुछ खास मंत्र होते हैं जिन्हें आप अपनी दिनचर्या में यदि शामिल कर लें तो आप फिटनेस की ओर निरंतर बढ़ते चले जायेंगे.

प्रशिक्षक से सलाह ले Read More : योग करते समय रहें सावधान... और बनें स्वास्थ्य about योग करते समय रहें सावधान... और बनें स्वास्थ्य

हाई ब्लड प्रेशर के कारण खो सकती है आपकी याददाश्त, जानें क्यों?

 

 

 

 

हाई ब्लड प्रेशर यानि कि उच्च रक्तचाप एक ऐसी समस्या है जिसकी चपेट में लोग सबसे ज्यादा आते हैं। इस रोग को दूसरे शब्दों में हाईपरटेंशन भी कहा जाता है। हाई ब्लड-प्रेशर कोई मामूली रोग नहीं बल्कि घातक बीमारियों में से एक है। आज के समय में छोटे बच्चे से लेकर बड़े तक सभी इस समस्या की चपेट में आ रहे हैं। आज की भाग दौड़ वाली जिन्दगी में घर हो या बाहर, चिन्ता, परेशानी व गुस्सा हमारे दिल दिमाग व शरीर के दूसरे भागों को भी प्रभावित करता है। Read More : हाई ब्लड प्रेशर के कारण खो सकती है आपकी याददाश्त, जानें क्यों? about हाई ब्लड प्रेशर के कारण खो सकती है आपकी याददाश्त, जानें क्यों?

डायरिया होने पर करें घरेलु उपाय

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
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