नासा पर्यटकों के लिए खोलेगा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन
Submitted by Anand on 14 June 2019 - 7:04amपर्यटक अगले साल से नासा के अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर जा सकेंगे. इसके लिए उन्हें एक रात के 35 हज़ार डॉलर चुकाने होंगे.
अमरीका की अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा है कि वो स्पेस स्टेशन को पर्यटन और दूसरे व्यापारिक उपक्रमों के लिए खोल रही है.
अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन की उप निदेशक रॉबिन गैटेंस ने कहा कि हर साल कम अवधि के दो प्राइवेट अंतरिक्ष मिशन भेजे जाएंगे. इन मिशन का खर्च निजी कंपनियां उठाएंगी.
नासा ने बताया कि प्राइवेट अंतरिक्ष-यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन तक जाने के लिए तीस दिन तक का वक्त मिलेगा. वो अमरीका के स्पेसक्राफ्ट से यात्रा करेंगे. Read More : नासा पर्यटकों के लिए खोलेगा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन about नासा पर्यटकों के लिए खोलेगा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन
चंद्रयान-2 है इसरो का 'मिशन पॉसिबल'
Submitted by Anand on 14 June 2019 - 6:00amभारत की अंतरिक्ष ऐजेंसी इसरो ने दूसरे चंद्र अभियान के लिए चंद्रयान-2 भेजने की घोषणा कर दी है.
इसरो के अध्यक्ष डॉक्टर के सिवन ने कहा कि 15 जुलाई को तड़के क़रीब 2.51 बजे चंद्रयान-2 उड़ान भरेगा और अनुमान है कि 6 या 7 सितंबर को वो चांद पर उतर जाएगा.
2008 में भारत ने पहले चंद्रयान को चंद्रमा की कक्षा में भेजने में सफलता हासिल की थी, हालांकि ये यान चंद्रमा पर उतरा नहीं था.
पूरे विश्व की निगाहें भारत के इस अंतरिक्ष मिशन पर लगी हुई हैं. भारत 10 साल में दूसरी बार चांद पर जाने वाला अपना मिशन पूरा करने जा रहा है. भारत में इस मिशन को लेकर काफ़ी उत्साह है. Read More : चंद्रयान-2 है इसरो का 'मिशन पॉसिबल' about चंद्रयान-2 है इसरो का 'मिशन पॉसिबल'
इंसान का दिमाग कभी भी, कुछ भी सोच सकता है, साबित करते हैं ये 28 OMG फैक्ट्स
Submitted by Anand on 13 June 2019 - 1:35pmमैं ऐसा क्यों हूं, मैं ऐसा क्यों हूं?
खुद को लेकर हम जितनी भी बातें सोचते हैं, उनमें से एक ये बात भी है कि हम ऐसे क्यों हैं? क्यों हम कुछ चीज़ों को लेकर ख़ास तरह से व्यवहार करते हैं. या क्यों हम हंसने के वक़्त रोते और रोने वाली बात पर हंसने लगते हैं.
मानस वन्यजीव अभयारण्य
Submitted by Anand on 13 June 2019 - 1:12pm
यह असम राज्य के भूटान– हिमालय पर्वतमाला की तलहटी में बसा है। यह अनूठे जैवविविधता और परिदृश्य के लिए प्रसिद्ध है। वर्ष 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर परियोजना के तहत टाइगर रिजर्व के नेटवर्क में शामिल होने वाला यह पहला रिजर्व था। 1985 में मानस वन्यजीव अभयारण्य को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिला। वर्ष 1989 में, मानस को बायोस्फीयर रिजर्व का दर्जा मिला। यह पश्चिम में संकोश नदी और पूर्व में धानसीरी नदी के साथ 2837 वर्ग किमी के इलाके में फैला है। Read More : मानस वन्यजीव अभयारण्य about मानस वन्यजीव अभयारण्य
Har School Ke Bacche | Angry Prash
Submitted by Anand on 13 June 2019 - 9:10amकाजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान
Submitted by Anand on 13 June 2019 - 6:59am
काजीरंगा भारत के असम राज्य के दो जिलों – नागांव जिले के कालियाबोर सबडिविजन और गोलाघाट जिले के बोकाखाट सबडिविजन के बीच 26°30' उ और 26°45' उ आक्षांश और 93°08' पू से 93°36' पू देशांतर के बीच स्थित है। काजीरंगा 378 वर्ग किमी (146 वर्ग मील) में फैला है। यह विश्व विरासत स्थल है। यहां एक–सींग वाले गैंडे की दो– तिहाई आबादी पाई जाती है। विश्व के संरक्षित इलाकों में से काजीरंगा में सबसे अधिक बाघ पाए जाते हैं और इसे 2006 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। Read More : काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान about काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान
अकेलेपन के सन्नाटे को चीरते 5 सच
Submitted by Anand on 12 June 2019 - 11:44amहम सब ने अपनी ज़िंदगी में कभी न कभी ख़ुद को अकेला महसूस किया होगा. आज दुनिया भर में अकेलेपन को लेकर बड़ी चर्चा हो रही है.
ब्रिटेन में एक मंत्री को सरकारी विभागों में अकेलेपन से जूझ रहे लोगों की समस्याओं को सुलझाने की ज़िम्मेदारी दी गई है.
दिक़्क़त ये है कि अकेलेपन को लेकर तमाम मिथक गढ़े गए हैं. ये सच्चाई से परे हैं. मगर बहुत से लोग इन पर यक़ीन करते हैं. Read More : अकेलेपन के सन्नाटे को चीरते 5 सच about अकेलेपन के सन्नाटे को चीरते 5 सच
How Much Money Do I Make? | Angry Prash
Submitted by Anand on 12 June 2019 - 9:10amगुदगुदी करने पर आदमी की तरह क्यों हंसते हैं चिम्पैंज़ी?
Submitted by Anand on 12 June 2019 - 2:40amकभी आपने सोचा है कि हमें हंसी क्यों आती है? शरीर के किसी ख़ास हिस्से को छूने पर गुदगुदी क्यों होती है?
नहीं सोचा ना?
तो चलिए, आज हंसी और गुदगुदी की ही बात करते हैं.
इंसानों के पुरखे बंदरों के रिश्तेदार थे, ये तो हम सब जानते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि इंसान को हंसने का हुनर भी बंदर परिवार से ही विरासत में मिला है.
हम ख़ुश होते हैं तो हंसते हैं. कोई बात अच्छी लगती है तो मुस्कुराते हैं. तो क्या ये सब चिम्पैंज़ी, बोनबोन जैसे प्राइमेट्स यानी वानर परिवार के सदस्यों के साथ भी होता है? Read More : गुदगुदी करने पर आदमी की तरह क्यों हंसते हैं चिम्पैंज़ी? about गुदगुदी करने पर आदमी की तरह क्यों हंसते हैं चिम्पैंज़ी?
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