किस देश के लोग करते हैं दफ्तर में सबसे ज़्यादा काम?

किस देश के लोग करते हैं दफ्तर में सबसे ज़्यादा काम?

अक्सर आप लोगों को शिकायत करते सुनते हैं, कि

'काम बहुत ज़्यादा है'.

'दफ़्तर में देर तक रुकना पड़ता है'.

'यार, मेरे ऑफ़िस जाने का टाइम तो फ़िक्स है, मगर लौटने का नहीं'.

इन बातों से ये लगता है कि ऑफ़िस का टाइम अंतहीन सिलसिला है. काम इतना कि ख़त्म होने का नाम ही नहीं लेता.

भारत में ये मुश्किल इसलिए है, क्योंकि यहां काम के अधिकतम घंटे कितने होंगे, इसकी कोई आधिकारिक पाबंदी नहीं है. अलग-अलग कंपनियों में अलग-अलग नियम है. कहीं हफ़्ते में 60 घंटे काम होता है, तो कहीं 40-45 घंटे. Read More : किस देश के लोग करते हैं दफ्तर में सबसे ज़्यादा काम? about किस देश के लोग करते हैं दफ्तर में सबसे ज़्यादा काम?

भारत में वैज्ञानिकों ने डायनासोर के सैकड़ों अंडों को ढूँढ निकाला है

डायनासोर के सैकड़ों अंडे मिले

भारत में वैज्ञानिकों ने डायनासोर के सैकड़ों अंडों को ढूँढ निकाला है, ये अंडे साढ़े छह करोड़ साल पुराने हो सकते हैं.

ये अंडे संयोगवश वैज्ञानिकों के हाथ लगे, वे तमिलनाडु में एक नदी के किनारे प्राचीन धरोहरों की तलाश में खुदाई कर रहे थे.

खुदाई के दौरान उन्हें जीवाश्म बन चुके अंडों के ढेर मिले जिनके नमूने दुनिया भर के विशेषज्ञों को भेजे गए जिन्होंने पुष्टि की है कि ये डायनासोर के ही अंडे हैं.

अंडों का आकार फुटबॉल जितना बड़ा है, वैज्ञानिकों का मानना है कि मादा डायनासोर ने अंडे देने के बाद उन्हें रेत में दबा दिया होगा. Read More : भारत में वैज्ञानिकों ने डायनासोर के सैकड़ों अंडों को ढूँढ निकाला है about भारत में वैज्ञानिकों ने डायनासोर के सैकड़ों अंडों को ढूँढ निकाला है

भारत में मिला घोंसले बनाने वाला मेंढक

भारत में मिला घोंसले बनाने वाला मेंढक

भारत के एक वैज्ञानिक ने मेंढकों की तीन ऐसी दुर्लभ प्रजातियाँ ढूँढने का दावा किया है जो अपने अंडे देने के लिए घोंसले बनाते हैं.

मेंढक की ये प्रजातियां केरल और कर्नाटक की पश्चिमी पहाड़ी श्रंखलाओं के जंगलों में पाई जाती है जहाँ ख़ूब बारिश होती है.

दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉक्टर एसडी बीजू का कहना है कि ये छोटे-छोटे मेंढक 12 सेंटीमीटर तक लंबे होते हैं. ये मेंढक अंडे देने के बाद उन्हें गर्मी, शिकारी पक्षियों और कीड़ों से बचाने के लिए घोंसले बनाते हैं. Read More : भारत में मिला घोंसले बनाने वाला मेंढक about भारत में मिला घोंसले बनाने वाला मेंढक

ऑफ़िस में ग़ुस्सा आए तो क्या करना चाहिए?

ऑफ़िस में ग़ुस्सा आए तो क्या करना चाहिए?

ऑफ़िस में काम करना आसान नहीं है. तरह-तरह के लोगों से आपका वास्ता पड़ता है.

कुछ लोग अगर दोस्ती करने लायक़ मिलते हैं तो कुछ लोग ऐसे भी मिलते हैं जो अक्सर आपके ग़ुस्से का सबब बनते हैं.

ग़ुस्सा आने पर आपका दिल चाहता है जितनी शिद्दत से आप चीख चिल्ला कर अपना गुस्सा निकाल सकते हैं निकाल लें. लेकिन अफ़सोस आप ऐसा भी नहीं कर सकते. क्योंकि ये ऑफिस की तहज़ीब के ख़िलाफ़. यहां तो आपको शांत और संयमित रहना पड़ता है. Read More : ऑफ़िस में ग़ुस्सा आए तो क्या करना चाहिए? about ऑफ़िस में ग़ुस्सा आए तो क्या करना चाहिए?

भारत में मिली नई प्रजाति की छिपकली

भारत में मिली नई प्रजाति की छिपकली

वैज्ञानिकों ने भारत में महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट के हरे-भरे पहाड़ों में एक नई प्रजाति की छिपकली की खोज की है.

छिपकली की प्रजाति के इस सरिसृप की खोज कोल्हापुर ज़िले के एक जीव-वर्गीकरण विशेषज्ञ वरद गिरी ने की है. इस प्रजाति का नाम सीनेमैसपिस कोल्हापुरेन्सिस रखा गया है.

वरद गिरी और उनके सहयोगियों ने अपनी खोज के बारे में इस माह के ज़ूटाक्सा जर्नल में प्रकाशित किया है.

हाल के दिनों में इस इलाक़े में खोजी गई छिपकली की यह तीसरी प्रजाति है. Read More : भारत में मिली नई प्रजाति की छिपकली about भारत में मिली नई प्रजाति की छिपकली

वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में मानव शुक्राणु बनाने का दावा किया है.

वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में मानव शुक्राणु बनाने का दावा किया है.

ब्रिटेन में न्यूकासल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में मानव शुक्राणु बनाने का दावा किया है. वैज्ञानिकों का मानना है कि दुनिया में पहली बार हुए इस प्रयोग की सफलता से पुरुषों में बंध्यता या बाप नहीं बन पाने की समस्या को दूर करने में मदद मिल सकती है.न्यूकासल विश्वविद्यालय और नॉर्थईस्ट स्टेम सेल इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में स्पर्म या शुक्राणु विकसित करने के अपने सफल प्रयोग की रिपोर्ट विज्ञान पत्रिका 'स्टेम सेल एंड डेवलपमेंट' में प्रकाशित की है. Read More : वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में मानव शुक्राणु बनाने का दावा किया है. about वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में मानव शुक्राणु बनाने का दावा किया है.

World Blood Donor Day: रक्तदान और उससे जुड़े मिथकों का सच

World Blood Donor Day: रक्तदान और उससे जुड़े मिथकों का सच

विश्व स्वास्थ्य संगठन की माने तो ज़्यादातर सेहतमंद लोग रक्तदान करते हैं.

दुनिया में हर जगह लोग रक्तदान करते हैं. रक्तदान करने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाई जाती है और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.

वैसे तो रक्त दान के लिए कई नियमों का पालन किया जाता है. लेकिन लोगों के बीच इससे जुड़े कई मिथक और आधे-अधूरे सच भी जिन्हें वो मानते आ रहें हैं.

शाकाहारी लोग रक्तदान नहीं कर सकते Read More : World Blood Donor Day: रक्तदान और उससे जुड़े मिथकों का सच about World Blood Donor Day: रक्तदान और उससे जुड़े मिथकों का सच

'महिलाओं के लिए वायग्रा' को मंज़ूरी

'महिलाओं के लिए वायग्रा' को मंज़ूरी

अमरीकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने महिलाओं की कामेच्छा को बढ़ाने की एक दवा को मंज़ूरी दे दी है. इसे 'फीमेल वायग्रा' माना जा रहा है.

फ़्लिबैनसेरिन नाम की इस दवा को स्प्राउट फॉर्मेस्यूटिकल्स ने बनाया है.

हाल ही में इस दवा को एफडीए की परामर्श समिति ने पास कर दिया है.

मासिक धर्म निवृत्ति से पहले महिलाओं की कामेच्छा को फिर से हासिल करने के लिए मस्तिष्क के कुछ निश्चित रसायनों को बढ़ाने के मकसद से इस दवा को बनाया गया है.

सेहत पर अन्य मामूली असर डालने के लिए इस दवा की आलोचना होती रही है. Read More : 'महिलाओं के लिए वायग्रा' को मंज़ूरी about 'महिलाओं के लिए वायग्रा' को मंज़ूरी

केसरबाई केरकर: पसंदीदा शास्त्रीय गायिका की कहानी

केसरबाई केरकर: पसंदीदा शास्त्रीय गायिका की कहानी

26 साल गुरू शिष्य परंपरा में संगीत सीखने के बाद जब उस्ताद नहीं रहे तब केसरबाई केरकर ने अकेले मंचीय प्रस्तुतियां देना शुरू किया 

हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में जयपुर अतरौली घराने का बड़ा नाम है. उस्ताद अल्लादिया खां को इस घराने की शुरुआत करने वालों में गिना जाता है. उस्ताद अल्लादियां खां भारतीय शास्त्रीय संगीत गायकी का बहुत बड़ा नाम थे. उनका रियाज बड़ा कठोर माना जाता था. कहते हैं कि वो भारतीय शास्त्रीय संगीत के सबसे दुर्लभ और कठिन रागों को गाया करते थे. Read More : केसरबाई केरकर: पसंदीदा शास्त्रीय गायिका की कहानी about केसरबाई केरकर: पसंदीदा शास्त्रीय गायिका की कहानी

अल्ज़ाइमर की नई दवा को कंपनी ने क्यों छिपाए रखा?

अल्ज़ाइमर की नई दवा को कंपनी ने क्यों छिपाए रखा?

जब पिछले साल जनवरी में जब दवाइयां बनाने वाली अमरीकी कंपनी फाइज़र ने अल्ज़ाइमर और पर्किंसन जैसी बीमारियों के लिए नई दवा न बनाने का ऐलान किया तो मरीज़ों और शोधकर्ताओं के बीच एक निराशा छा गई थी.

इससे पहले यह कंपनी अल्ज़ाइमर के लिए वैकल्पिक दवा तलाशने में लाखों डॉलर ख़र्च कर चुकी थी. लेकिन फिर उन्होंने तय किया कि ये पैसा कहीं और दूसरे काम में ख़र्च किया जाएगा.

फाइज़र ने इसे सही ठहराते हुए कहा था कि हमें इस ख़र्च को वहां लगाना चाहिए जहां हमारे वैज्ञानिकों की पकड़ ज़्यादा मज़बूत है. Read More : अल्ज़ाइमर की नई दवा को कंपनी ने क्यों छिपाए रखा? about अल्ज़ाइमर की नई दवा को कंपनी ने क्यों छिपाए रखा?

Pages

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.