राग बिलावल

  1. इस राग में सात स्वर लगते हैं।
  2. इस राग में सब स्वर शुद्ध लगते हैं।
  3. इस राग का वादी स्वर "ध" है।
  4. इस राग का संवादी स्वर "ग" है।
  5. इस राग के गाने बजाने का समय प्रातःकाल है है।
  6. आरोही = स रे ग म प ध नी सं

अवरोही = सं नी ध प म ग रे स

पकड़ = सं नी ध प, म ग, रे स

 

राग बिलावल

(ताल सरगम तीन ताल)

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जहाँ मन समाप्त होता है, वहाँ ध्यान शुरू होता है!

जहाँ मन समाप्त होता है,

जहाँ मन समाप्त होता है, वहाँ ध्यान शुरू होता है!
ध्यान स्पष्टता की दशा है, न कि मन की। मन भ्रम है। मन कभी भी स्पष्ट नहीं होता। यह हो नहीं सकता। और इसलिए सिवाय ध्यान के हर चीज मन के द्वारा की जा सकती है।
ध्यान तुम्हारा आत्यंतिक स्वभाव है, यह उपलब्धि नहीं है। यह पहले से ही मौजूद है। यह तुम हो। इसका तुम्हारे करने से कुछ लेना-देना नहीं है। इसे सिर्फ पहचानना है, इसे सिर्फ स्मरण करना है। यह तुम्हारा होना है। यह तुम्हारा इंतजार कर रहा है। बस भीतर मुड़ो और यह उपलब्ध है। तुम इसे अपने साथ लिए चल रहे हो।
प्यारे ओशो Read More : जहाँ मन समाप्त होता है, वहाँ ध्यान शुरू होता है! about जहाँ मन समाप्त होता है, वहाँ ध्यान शुरू होता है!

ओशो – सब उस गोविन्द का खेल है

सब उस गोविन्द का खेल है

​एक समुराई है। अपनी पत्नी को गौना कराकर ले जा रहा है अपने गांव। रास्ते में तूफान आता है। सब लोग चिल्ला रहे हैं, रो रहे हैं। उसकी पत्नी देखती है कि उसका दूल्हा समुराई तो शांत है, थिर है। कौलर पकड़कर हिलाती है। कहती है-‘तुम कैसे व्यक्ति हिो? Read More : ओशो – सब उस गोविन्द का खेल है about ओशो – सब उस गोविन्द का खेल है

ध्यान क्या है? ध्यान है पर्दा हटाने की कला। ओशो

ध्यान क्या है ध्यान है पर्दा हटाने की कला। ओशो

इस छोटी सी घटना को समझें। चांग चिंग के संबंध में कहा जाता है, वह बड़ा कवि था, बड़ा सौंदर्य-पारखी था। कहते हैं, चीन में उस जैसा सौंदर्य का दार्शनिक नहीं हुआ। उसने जैसे सौंदर्य-शास्त्र पर, एस्थेटिक्स पर बहुमूल्य ग्रंथ लिखे हैं, किसी और ने नहीं लिखे। वह जैसे उन पुराने दिनों का क्रोशे था। बीस साल तक वह ग्रंथों में डूबा रहा। सौंदर्य क्या है, इसकी तलाश करता रहा।
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The Dharamanath temple (Dharamarajeshwara)

The Dharamanath temple (Dharamarajeshwara)

The Dharamanath temple (Dharamarajeshwara) is entirely cut out of the rock. It has a sanctum with a sabha mandapa. The large temple in the centre is dedicated to Siva. Other prominent sculptures in the temple are Bhairava and Kalki avatar of Vishnu. #EkBharatShreshthaBharat Prahlad Singh Patel PMO India Incredible India Madhya Pradesh Tourism

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सबसे अधिक चंद्रमा के मामले में शनि ने बृहस्पति को पीछे छोड़ा

सबसे अधिक चंद्रमा के मामले में शनि ने बृहस्पति को पीछे छोड़ा

अमरीकी खगोलविदों के अनुसार, सबसे अधिक चंद्रमा के मामले ग्रह शनि ने बृहस्पति को पीछे छोड़ दिया है.

शोधकर्ताओं ने इस ग्रह के चारो ओर चक्कर लगा रहे 20 नए चंद्रमाओं की खोज की है और इस तरह इनकी संख्या 82 हो गई है. जबकि बृहस्पति के चारो ओर 79 चांद चक्कर लगाते हैं.

नए उपग्रहों की खोज हवाई में स्थित सुबारू टेलिस्कोप की मदद से की गई.

शनि के चारो ओर चक्कर लगाने वाले इन नए उपग्रहों का व्यास 5 किलोमीटर है. इनमें से 17 उपग्रह शनि की विपरीत दिशा में चक्कर लगाते हैं. Read More : सबसे अधिक चंद्रमा के मामले में शनि ने बृहस्पति को पीछे छोड़ा about सबसे अधिक चंद्रमा के मामले में शनि ने बृहस्पति को पीछे छोड़ा

क्या इंसान सोचने से ज़्यादा हंसता है?

क्या इंसान सोचने से ज़्यादा हंसता है?

हंसी इंसान का ऐसा भाव है, जो पूरी दुनिया में ख़ुशी के जज़्बात बयां करने के लिए जानी जाती है. हर इंसान हंस सकता है. हर हंसी के अलग मायने होते हैं. कोई यूं ही हंस पड़ता है. किसी को गुदगुदी से हंसी आ जाती है. कोई मज़ाक़ कर के ख़ुद ही ठहाका लगा लेता है. तो, कोई दूसरे का जोक सुनकर ज़ोर से हंस पड़ता है. कभी किसी की उपलब्धि पर हंसी आती है. तो, कई बार किसी को मुश्किल में पड़ा देख लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाते.

कुल मिलाकर ये कहें कि हंसी का इंसान के समाज और संवाद से गहरा ताल्लुक़ है, तो ग़लत नहीं होगा.

इंसान के सामाजिक प्राणी होने की मज़बूत धुरी है हंसी.

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न्यूमोनिया के लक्षण, कारण, घरेलू इलाज और परहेज

न्यूमोनिया के लक्षण, कारण, घरेलू इलाज और परहेज

क्या आप जानते हैं जब बच्चों को निमोनिया होता है तो उनकी हालत बहुत गंभीर हो जाती है? क्या आप यह जानते हैं कि निमोनिया के कारण हर साल दुनिया भर में हजारों बच्चों की मृत्यु हो जाती है? क्या आपको यह पता है कि यह बीमारी बच्चों सहित वयस्क लोगों को भी हो सकती है? जी हां, यह सच है। निमोनिया एक गंभीर बीमारी है। इस रोग में फेफड़ों में सूजन आ जाती है। फेफड़ों में पानी भर जाता है। सही समय पर लक्षणों की पहचान (nimoniya ke lakshan) कर उपचार शुरू नहीं करने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। क्या आप निमोनिया के लक्षणों के बारे में जानते हैं? Read More : न्यूमोनिया के लक्षण, कारण, घरेलू इलाज और परहेज about न्यूमोनिया के लक्षण, कारण, घरेलू इलाज और परहेज

वैज्ञानिक तरीके से रिपीट करना

वैज्ञानिक तरीके से रिपीट करना

हमें यह मानना पड़ेगा कि-
‘मजबूत मेमोरी उतनी अच्छी नहीं, जितना एक वीक प्वाइंट!’
जब तक हम रिपीट न करें, किसी चीज को पढ़ने और सीखने का कोई महत्व नहीं है। तुम हम सब जानते हो कि दोहराना कितना जरूरी है, लेकिन अच्छा रिजल्ट पाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से रिपीट करना इम्पॉर्टेट है।
वैज्ञानिक तरीके से रिपीट करना
इसे हम एक उदाहरण से समझने की कोशिश करते हैं। अगर हम किसी टॉपिक को दो घंटे दिन में याद करते हैं, तो इसे कब रिपीट करना चाहिए? वैज्ञानिक तौर पर कहें तो पहले 24 घंटे खत्म होने तक हो जाना चाहिए। 
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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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