राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय-

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राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय-

थाट-कल्याण

गायन समय-रात्रि का द्वितीय प्रहर

जाति-ओडव-सम्पूर्ण (आरोह मे रे,ध स्वर वर्जित हैं)

विद्वानों को इस राग के वादी तथा संवादी स्वरों मे मतभेद है-

कुछ विद्वान मारू बिहाग मे वादी स्वर-गंधार व संवादी निषाद को मानते है इसके विपरीत अन्य संगीतज्ञ इसमे वादी स्वर पंचम व संवादी स्वर षडज को उचित ठहराते हैं ।

प्रस्तुत राग मे दोनो प्रकार के मध्यम स्वरों ( शुद्ध म व तीव्र म ) का प्रयोग होता है । शेष सभी स्वर शुद्ध प्रयुक्त होते हैं । Read More : राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- about राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय-

अंगूर बहुत लोगों का मनपसंद फल होता है

अंगूर बहुत

अंगूर बहुत लोगों का मनपसंद फल होता है और लोग बड़े ही चाव से इसे खाते हैं। ये स्वादिष्ट होने के साथ ही अत्यंत स्वास्थवर्धक भी होता है। ये हमारे मूड को भी खुशनुमा बना देता है। गर्मी के मौसम में अंगूर ताजगी प्रदान करता है। मधुमेह और कैंसर जैसी बिमारियों में अंगूर को प्रभावी इलाज के लिए रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है और इसके कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होते हैं। यहाँ आज हम आपको अंगूर से सम्पूर्ण स्वास्थ्य पर होने वाले फायदों के बारे में बताएँगे। अंगूर के फायदे त्वचा के लिए अंगूर के फायदे अंगूर त्वचा के लिए अमृत के स Read More : अंगूर बहुत लोगों का मनपसंद फल होता है about अंगूर बहुत लोगों का मनपसंद फल होता है

तो, ज़िंदगी का बड़ा फ़ैसला कब लिया जाना चाहिए?

ज़िंदगी का कोई बड़ा फ़ैसला लेना हो, तो कब लिया जाए?

शादी, तलाक़, नौकरी बदलना या फिर कोई भी और बड़ा फ़ैसला लेने का कोई सही वक़्त होता है क्या? हम जब कोई बड़ा फ़ैसला लेते हैं, तो नफ़ा-नुक़सान तोलते हैं. आंकड़ों की मदद से ख़ुद को उसके लिए तैयार करते हैं. कई बार एक झटके में भी फ़ैसले ले डालते हैं. बहुत से लोग साल के आख़िरी महीने तक फ़ैसला टालते हैं. वहीं, कुछ ऐसे भी होते हैं जो नए साल का इंतज़ार करते हैं, फ़ैसला लेने के लिए.

तो, ज़िंदगी का बड़ा फ़ैसला कब लिया जाना चाहिए?

इस सवाल का जवाब हमारे मूड पर निर्भर करता है. Read More : तो, ज़िंदगी का बड़ा फ़ैसला कब लिया जाना चाहिए? about तो, ज़िंदगी का बड़ा फ़ैसला कब लिया जाना चाहिए?

चीकू या सपोटा की खेती

झारखंड प्रदेश के कृषि योग्य भूमि के अधिकांश क्षेत्र पर खाद्यान्न फसलों की खेती की जाती हैजिसकी उत्पादकता बहुत ही कम है। बागवानी फसलों की खेती द्वारा इन क्षेत्रों का उत्पादकता बढ़ाया जा सकता है एवं अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। वर्तमान समय में झारखंड में फलोत्पादन लगभग 0.25 लाख हेक्टेयर भूमि में किया जाता है जो बहुत ही कम है। फलस्वरूप प्रति व्यक्ति प्रति दिन केवल 37 ग्राम फल की उपलब्धता है जबकि संतुलित आहार के लिये 85 ग्राम फल की आवश्यकता है। झारखंड की जलवायु फल उत्पादन के लिये बहुत ही अच्छी है। यहाँ फलों की अधिक से अधिक क्षेत्रों में खेती करके पर्यावरण में सुधार एवं कुपोषण निवारण के साथ- Read More : चीकू या सपोटा की खेती about चीकू या सपोटा की खेती

पंचकोश सिद्धांत

पंचकोश सिद्धांत

योग की धारणा के अनुसार मानव का अस्तित्व पाँच भागों में बंटा है जिन्हें पंचकोश कहते हैं। ये कोश एक साथ विद्यमान अस्तित्व के विभिन्न तल समान होते हैं। विभिन्न कोशों में चेतन, अवचेतन तथा अचेतन मन की अनुभूति होती है। प्रत्येक कोश का एक दूसरे से घनिष्ठ संबंध होता है। वे एक दूसरे को प्रभावित करती और होती हैं।हमारे शरीर में 5(पांच) कोष होते हैं जिसे विज्ञान ने भी मान लिया है :-
1-अन्नमय कोष(physical Body)
2-प्राणमय कोष(Etherik Body )
3-मनोमय कोष (Astral Body )
4-विज्ञानमय कोष(Cosmic Body)
5-आनन्दमय कोष(Casual Body)
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करेला के औषधिय गुण

करेला के औषधिय

करेले के जूस और करेले (बिट्टर गोर्ड ) के औषधिय गुणों को भारतीय होम्योपैथिक में भी सराहा गया है इसीलिए “मोमोरदिका चरंटिया” होम्योपैथिक औषधि का मूल तत्व करेला ही है। हरा करेला पके हुए सफेद पीले रंग के करेले की अपेक्षा ज्यादा लाभदायक है इसलिए हमेशा हरे रंग के करेले का ही उपयोग करना चाहिए । करेले के बेहतरीन स्वास्थ्य वर्धक गुणों के अलावा एक और खास बात यह है की इसको सुखाकर रखने पर भी इसके औषधिय गुण नष्ट नहीं होते हैं। Read More : करेला के औषधिय गुण about करेला के औषधिय गुण

फ़ास्टैग: कहां से और कैसे मिलेगा

फ़ास्टैग: कहां से और कैसे मिलेगा

अगर आप राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफ़र करते हैं और आपको टोल नाके से गुज़रना होता है तो 1 दिसंबर 2019 से आपके पास 'फ़ास्टैग' होना ज़रूरी है.

ट्रांसपोर्ट और हाइवे मिनिस्ट्री का कहना है कि 1 दिसंबर 2019 तक देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल टैक्स का भुगतान फ़ास्टैग के ज़रिए होगा.

फ़ास्टैग एक डिजिटल स्टिकर है जो गाड़ियों के सामने के शीशे पर लगा होना चाहिए. इसके ज़रिए सरकार कैशलेस टोल टैक्स भुगतान को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है.

अगर 1 दिसंबर तक गाड़ी में फ़ास्टैग नहीं लगवाया जाता तो इसके बाद व्यक्ति को टोल नाके पर दोगुना भुगतान करना पड़ सकता है. Read More : फ़ास्टैग: कहां से और कैसे मिलेगा about फ़ास्टैग: कहां से और कैसे मिलेगा

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