चीकू या सपोटा की खेती
Submitted by Pushpendra on 25 November 2019 - 10:55pmझारखंड प्रदेश के कृषि योग्य भूमि के अधिकांश क्षेत्र पर खाद्यान्न फसलों की खेती की जाती हैजिसकी उत्पादकता बहुत ही कम है। बागवानी फसलों की खेती द्वारा इन क्षेत्रों का उत्पादकता बढ़ाया जा सकता है एवं अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। वर्तमान समय में झारखंड में फलोत्पादन लगभग 0.25 लाख हेक्टेयर भूमि में किया जाता है जो बहुत ही कम है। फलस्वरूप प्रति व्यक्ति प्रति दिन केवल 37 ग्राम फल की उपलब्धता है जबकि संतुलित आहार के लिये 85 ग्राम फल की आवश्यकता है। झारखंड की जलवायु फल उत्पादन के लिये बहुत ही अच्छी है। यहाँ फलों की अधिक से अधिक क्षेत्रों में खेती करके पर्यावरण में सुधार एवं कुपोषण निवारण के साथ- Read More : चीकू या सपोटा की खेती about चीकू या सपोटा की खेती




