ह्यूमन पेपिलोमा वायरस क्या है?

ह्यूमन पेपिलोमा वायरस क्या है?

ह्यूमन पेपिलोमा वायरस एक यौन संचारित वायरल संक्रमण है, जो त्वचा से त्वचा के संपर्क में आने से फैलता है। यौन सक्रिय पुरूष और महिलाएं अपने जीवनकाल में कभी न कभी इस संक्रमण के संपर्क में आते ही हैं। जो लोग बहुत कम उम्र में सेक्स करते हैं, या कई लोगो के साथ सेक्स करने वाले साथी के साथ यौन संबंध रखते हैं, या फिर कई सेक्स पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध रखते हैं, उन लोगो को इस बिमारी का खतरा अधिक रहता है। एचपीवी के सौ से ज्यादा प्रकार है। 40 ऐसे हैं, जिनमें ये यौन संबंध के कारण यह फैलता है और यह आपके जननांगों, मुंह और गले को बुरी तरह से प्रभावित करता है। सीडीसी के अनुसार, एचपीवी सबसे आम यौन संचारित Read More : ह्यूमन पेपिलोमा वायरस क्या है? about ह्यूमन पेपिलोमा वायरस क्या है?

एचपीवी के लक्षण

एचपीवी के लक्षण

ह्यूमन पेपिलोमा वायरस या एचपीवी के लक्षण इतनी जल्दी दिखाई नहीं देते। कुछ मस्से और कैंसर एचपीवी का कारण जरूर बन सकते हैं। कुछ प्रकार के एचपीवी के मुख्य लक्षण मस्सा हैं, खासतौर से जननांग मस्सा। ये आमतौर पर महिलाओं में योनि, गर्भाशय ग्रीवा व पुरूषों के लिंग और अंडकोश को प्रभावित करते हैं। ये गुदा के आसपास और कमर पर भी दिखाई दे सकते हैं। आकार में ये छोटे, सपाट, बड़े या फूलगोभी के आकार के हो सकते हैं। एचपीवी से जुड़े अन्य मसा में कॉमन वार्ट्स, प्लांटर और फ्लैट वार्ट्स शामिल है।

कॉमन वार्ट्स – यह खुरदुरे और उभरे हुए होते हैं, जो उंगलियों और कोहनी पर सबसे ज्यादा देखे जाते हैं। Read More : एचपीवी के लक्षण about एचपीवी के लक्षण

एचपीवी के जोखिम कारक

एचपीवी के जोखिम कारक

कुछ कारक एचपीवी वायरस को अनुबंधित करने के जोखिम को बढ़ाते हैं। इसके जोखिम कारकों में शामिल हैं-

अतरंग संबंध बनाने वाले पाटर्नर्स की एक से ज्यादा संख्या- एक से ज्यादा साथी के साथ अतरंग संबंध बनाने से एचपीवी के संक्रमण का जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली- जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, उनमें एचपीवी वायरस के बढऩे का खतरा ज्यादा रहता है।

क्षतिग्रस्त त्वचा- क्षतिग्रस्त त्वचा पर एचपीवी बहुत जल्दी फैलता है। क्षतिग्रस्त त्वचा से मतलब ऐसी त्वचा से है, जहां चोट लगी हो या छेद हो, यहां मस्से जल्दी उभर आते हैं। Read More : एचपीवी के जोखिम कारक about एचपीवी के जोखिम कारक

एचपीवी की जांच कैसे की जाती है

एचपीवी की जांच कैसे की जाती है

यदि कोई घाव या मस्सा दिखाई देता है, तो डॉक्टर पर आमतौर पर विजुअल इंस्पेक्शन के दौरान एचपीवी का निदान कर सकता है। हालांकि, एचपीवी की पुष्टि करने के लिए कुछ टेस्ट करने की जरूरत पड़ सकती है। एचपीवी से संबंधित गर्भाशय ग्रीवा के सेलुलर परिवर्तनों के मूल्यांकनों के लिए पेप स्मीयर, डीएनए और एसिटिक एसिड का टेस्ट किया जाता है। Read More : एचपीवी की जांच कैसे की जाती है about एचपीवी की जांच कैसे की जाती है

एचपीवी का परीक्षण कैसे कराएं

एचपीवी का परीक्षण कैसे कराएं

पुरूषों औरी महिलाओं में एचपीवी का परीक्षण अलग-अलग करवाया जाता है। पहले आपको बताते हैं, महिलाओं में एचपीवी टेस्ट के बारे में। यूएस प्रिवेंटिव सर्विस टास्क फोर्स की गाइडलाइन्स के अनुसार महिलाओं को यौन गतिविधि की शुरूआत की परवाह किए बिना 21 साल की उम्र में पहला पैप स्मीयर कराना चाहिए। नियमित पैप परीक्षण महिलाओं में असामान्य कोशिकाओं की पहचान करने में मदद करते हैं। 21 से 29 वर्ष की महिलाओं को हर तीन साल में पैप टेस्ट कराना चाहिए। जबकि 30 -65 की उम्र तक महिलाओं को नीचे दिए गए टेस्ट में से एक जरूर कराना चाहिए। Read More : एचपीवी का परीक्षण कैसे कराएं about एचपीवी का परीक्षण कैसे कराएं

एचपीवी के लिए वैक्सीन

एचपीवी के लिए वैक्सीन

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र भविष्य में विकसित होने वाले ग्रीवा और अन्य कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए 11 से 12 साल की उम्र में वैक्सीनेशन की सलाह देते हैं। वैक्सीन दो खुराक में दी जाती है। 6 और 12 महीने में। वहीं, 21 वर्ष की आयु तक पुरूषों और 26 वर्ष की महिलाओं को कैच-अप टीके की सलाह दी जाती है। गे और बायसेक्सुअल पुरूषों को 26 वर्ष की आयु तक टीकाकरण के लिए कहा जाता है। वर्तमान में बाजार में तीन एचपीवी टीके उपलब्ध हैं। गार्डासिल सर्वाइरिक्स और गार्डासिल 9, जो एचपीवी 16 और 18 के खिलाफ आपका बचाव करने में सक्षम हैं। Read More : एचपीवी के लिए वैक्सीन about एचपीवी के लिए वैक्सीन

पुरूषों में एचपीवी

पुरूषों में एचपीवी

कई पुरूष, जो एचपीवी से संक्रमित हैं, उनमें इसका कोई लक्षण दिखाई नहीं देता। हालांकि कुछ पुरूषों में जननांग मस्से विकसित हो सकते हैं। यदि आप अपने लिंग, अंडकोष या गुदा पर किसी भी असामान्य घावों और स्पॉट्स को देखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। गुदा मैथुन करने वाले और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले पुरूषों में एचपीवी कैंसर का कारण भी बन जाता है।

  Read More : पुरूषों में एचपीवी about पुरूषों में एचपीवी

एचपीवी और गर्भावस्था

एचपीवी और गर्भावस्था

एचपीवी को अनुबंधित करने से आपके गर्भवती होने की संभावना कम हो जाती है। यदि आप गर्भवती हैं और आपको एचपीवी है, तो आमतौर पर डिलीवरी के बाद ही इसका ट्रीटमेंट लें। हालांकि, कुछ मामलों में एचपीवी संक्रमण जटिलताओं का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान होने वाले हार्मोनल परिवर्तन जननांग मस्सों के बढ़ने का कारण बन सकते हैं, कुछ मामलों में इन मस्सों से खून भी बह सकता है। जब मस्से बर्थ कनाल को ब्लॉक करते हैं, तो सी-सेक्शन डिलीवरी होने की संभावना बढ़ जाती है। दुलर्भ मामलों में एचपीवी से पीड़ित महिला की यह बीमारी उसके बच्चे में भी ट्रांसफर हो सकती है। जब ऐसा होता है, तो दुलर्भ व गं Read More : एचपीवी और गर्भावस्था about एचपीवी और गर्भावस्था

इरेक्टाइल डिसफंक्शन को समाप्त करने के लिए मेडिसिन पर ध्यान दें

इरेक्टाइल डिसफंक्शन को समाप्त करने के लिए मेडिसिन पर ध्यान दें

इरेक्टाइल डिसफंक्शन एक अन्य स्वास्थ्य स्थिति के लिए ली गई दवा के साइड इफेक्ट के कारण भी हो सकता है। सामान्य दवाएं जैसे उच्च रक्तचाप के लिए मेडिसिन, एंटीडिपेंटेंट्स, कुछ मूत्रवर्धक, बीटा-ब्लॉकर्स, हृदय रोग की दवा, कोलेस्ट्रॉल मेड्स, एंटीसाइकोटिक ड्रग्स, हार्मोन ड्रग्स, कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स, कीमोथेरेपी, और पुरुष गंजापन के लिए दवा हैं जो इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण बन सकती हैं।

  Read More : इरेक्टाइल डिसफंक्शन को समाप्त करने के लिए मेडिसिन पर ध्यान दें about इरेक्टाइल डिसफंक्शन को समाप्त करने के लिए मेडिसिन पर ध्यान दें

एक्यूपंक्चर स्तंभन दोष को ठीक करने में मदद कर सकता है

एक्यूपंक्चर स्तंभन दोष को ठीक करने में मदद कर सकता है

कुछ अनुसंधान में स्तंभन दोष के इलाज के रूप में एक्यूपंक्चर की प्रभावशीलता को दिखाया गया है, नवंबर 2013 में वैकल्पिक और पूरक चिकित्सा के जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि एक्यूपंक्चर एंटीडिपेंटेंट्स के साइड इफेक्ट के रूप में स्तंभन दोष का अनुभव करने वाले पुरुषों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जिसमें सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीप्टेक इनहिबिटर (SSRIs) और सेरोटोनिन नॉरएड्रेनालाईन reuptake inhibitors (SNRIs) भी शामिल है।

एंटीडिपेंटेंट्स दवाओं को लेने पर इनका यौन दुष्प्रभाव कम से कम आधे लोगों को होता है, और कुछ मामलों में 90 प्रतिशत तक हो सकता है। Read More : एक्यूपंक्चर स्तंभन दोष को ठीक करने में मदद कर सकता है about एक्यूपंक्चर स्तंभन दोष को ठीक करने में मदद कर सकता है

Pages

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.