एचपीवी से बचाव

एचपीवी से बचाव

ह्यूमन पेपिलोमा वायरस यानि एचपीवी संक्रमण के इलाज की बात करें, तो सही मायने में इसका कोई इलाज तो नहीं है, लेकिन संक्रमण का जल्दी पता लग जाने पर बचाव के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। एचपीवी के संकुचन के जोखिम को कम करने के लिए कुछ उपाय हम आपको बता रहे हैं। इनकी मदद से आप संक्रमण से अपना बचाव कर सकते हैं। Read More : एचपीवी से बचाव about एचपीवी से बचाव

किन लोगों को होता है एचपीवी का खतरा

किन लोगों को होता है एचपीवी का खतरा

जो लोग शराब का अधिक सेवन करते हैं।
एक से ज्यादा लोगों के साथ यौन संबंध बनाने वाले लोगों में वायरस बहुत जल्दी फैलता है।
कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को एचपीवी का खतरा ज्यादा होता है।
जैसे-जैसे पुरूषों की उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे एचपीवी के बढ़ने की संभावना बढ़ती है।

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एचपीवी से जुड़े तथ्य और आंकड़ें

एचपीवी से जुड़े तथ्य और आंकड़ें

यहां एचपीवी संक्रमण के बारे में कुछ तथ्य और आंकड़े दिए गए हैं, जिन्हें आपको जानना बहुत जरूरी है। Read More : एचपीवी से जुड़े तथ्य और आंकड़ें about एचपीवी से जुड़े तथ्य और आंकड़ें

असुरक्षित सेक्स से होने वाली बीमारियां

असुरक्षित सेक्स से होने वाली बीमारियां

असुरक्षित यौन संबंधों से घातक बीमारियां हो सकती है, इसलिए इनकी जानकरी होना बहुत ही जरुरी है। आमतौर पर असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने से जननांगों में संक्रमण होने सहित विभिन्न प्रकार की बीमारियां होती हैं। ये बीमारियां सिर्फ पुरुषों को ही नहीं बल्कि महिलाओं को भी होती हैं। चूंकि महिलाओं के जननांग अत्यधिक संवेदनशील होते हैं एवं उन्हें भविष्य में गर्भधारण भी करना पड़ता है, इसकी वजह से उन्हें इन सेक्स बीमारियों से अधिक खतरा रहता है। वास्तव में असुरक्षित सेक्स करने से जो बीमारियां पैदा होती हैं, वे काफी गंभीर होती हैं। इससे पुरुषों की यौन क्षमता पर नकारात्मक असर तो पड़ता ही है, साथ में महिलाओं मे Read More : असुरक्षित सेक्स से होने वाली बीमारियां about असुरक्षित सेक्स से होने वाली बीमारियां

एजुस्पर्मिया (निल शुक्राणु) क्या है, कारण, लक्षण, इलाज और बचाव

एजुस्पर्मिया (निल शुक्राणु) क्या है, कारण, लक्षण, इलाज और बचाव

एजुस्पर्मिया (निल शुक्राणु) या अशुक्राणुता पुरुषों से सम्बंधित प्रजनन समस्याओं में से एक है, जो पुरुष बाँझपन का कारण बनती है। इस स्थिति में पुरुषों के वीर्य में शुक्राणु नहीं पाए जाते हैं। अर्थात यह एक ऐसी स्थिति है जो किसी पुरुष के अंडकोष को शुक्राणु निर्माण से रोकती है या शुक्राणु को शरीर से बाहर निकलने और वीर्य में मिलने नहीं देती है। पुरुष बांझपन के लगभग 10 प्रतिशत मामले एजुस्पर्मिया (निल शुक्राणु) के कारण उत्पन्न होते हैं। वैसे तो इस स्थिति में किसी भी प्रकार के लक्षणों को महसूस नही किया जा सकता है, परन्तु एजुस्पर्मिया की कुछ स्थितियां आंतरिक समस्याओं के कारण भी उत्पन्न हो सकती है। जिस Read More : एजुस्पर्मिया (निल शुक्राणु) क्या है, कारण, लक्षण, इलाज और बचाव about एजुस्पर्मिया (निल शुक्राणु) क्या है, कारण, लक्षण, इलाज और बचाव

नॉन-ऑब्सट्रक्टिव एजुस्पर्मिया के कारण

नॉन-ऑब्सट्रक्टिव एजुस्पर्मिया के कारण

जेनेटिक्स कारण या आनुवंशिक विकार जैसे- कल्मन सिंड्रोम (Kallmann syndrome)
Y गुणसूत्र की बरबादी (Y Chromosome deletion) – Y क्रोमोसोम में अनेक जीन होते हैं, जो शुक्राणु उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। लेकिन कुछ पुरुष में इन महत्वपूर्ण क्रोमोसोम का नाश या कमी अशुक्राणुता का कारण बन सकती है। Y गुणसूत्र का नाश लगभग 10 प्रतिशत तक एजुस्पर्मिया मामलों का कारण बनता है।
क्रोमोसोम असामान्यता या कैरियोटाइप असामान्यता (Karyotype abnormality)
कीमोथेरेपी या विकिरण थेरेपी
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दर्दनाक स्खलन (स्खलन में दर्द) क्या है

दर्दनाक स्खलन (स्खलन में दर्द) क्या है

दर्दनाक स्खलन को डिसोरेजैमिया (dysorgasmia) या ओगाज़्मल्गिया (orgasmalgia) के रूप में भी जाना जाता है, यह समस्या पुरुषों में स्खलन के दौरान या स्खलन के बाद हल्की असुविधा से लेकर गंभीर दर्द तक का कारण बनती है। इस समस्या के अंतर्गत स्खलन के दौरान लिंग (penis), अंडकोश (scrotum) और पेरिनेल (perineal) में दर्द को शामिल किया जाता है।

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स्खलन के दौरान दर्द के लक्षण

दर्दनाक स्खलन (painful Ejaculation) के लक्षण प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। यह लक्षण समय के साथ बदल भी सकते हैं। कुछ पुरुषों में यह लक्षण हस्तमैथुन (masturbate) के दौरान उत्पन्न नहीं होते हैं, बल्कि तब उत्पन्न होते हैं जब वे साथी के साथ यौन संबंध बनाते हैं। अतः दर्दनाक स्खलन की स्थिति में निम्न लक्षण देखे जा सकते हैं:

स्खलन के दौरान या तुरंत बाद दर्द होना
लिंग या आसपास के क्षेत्र में दर्द होना
स्खलन से पहले या बाद में दर्द की शुरूआत
पेशाब के दौरान दर्द का अनुभव होना
स्खलन के बाद कुछ मिनटों तक या लगभग 24 घंटे तक दर्द का बना रहना, इत्यादि। Read More : स्खलन के दौरान दर्द के लक्षण about स्खलन के दौरान दर्द के लक्षण

शुक्राणु की कमी के जोखिम कारक

अनेक प्रकार के कारक शुक्राणुओं की कमी या ओलिगोस्पर्मिया के जोखिम को बढ़ा सकते हैं, जिनमें शामिल है:

धूम्रपान करना
शराब का अत्यधिक सेवन
अत्यधिक वजन
तनावग्रस्त होना
विषाक्त पदार्थों के संपर्क में रहना
अंडकोष को गर्म रखना
विकिरण उपचार
पुरुष नसबंदी (vasectomy) या पेल्विक सर्जरी (pelvic surgery) इत्यादि। Read More : शुक्राणु की कमी के जोखिम कारक about शुक्राणु की कमी के जोखिम कारक

क्या होता है एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमा वायरस) जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव

क्या होता है एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमा वायरस) जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव

एचपीवी यानी ह्यूमन पेपिलोमा वायरस एक बेहद खतरनाक, आम और सबसे तेजी से फैलने वाला वायरस है। इसके लक्षण आमतौर पर नजर नहीं आते। ज्‍यादातर मामलों में यह संक्रमण अपने आप ही ठीक हो जाता है। लेकिन, गंभीर होने पर यह सर्वाइकल कैंसर का भी कारण बन सकता है। एचपीवी क्या है और ये कैसे फैलता है, इस बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। तो हम आपको बताते हैं, कि एचपीवी एक यौन संचारित वायरल संक्रमण है, जिसका सामना महिला और पुरूष को अपने जीवन में एक बार करना ही होता है। ये सौ से अधिक संबंधित वायरसों का एक समूह बनाते हैं, जो लोगों को संक्रमित करते हैं। अधिकांश एचपीवी के कारण आमतौर पर हाथों और पैरों पर मस्से हो सकते ह Read More : क्या होता है एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमा वायरस) जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव about क्या होता है एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमा वायरस) जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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