चित्त और वृत्ति पर संक्षिप्त टिप्पणी

पातञ्जल योगसुत्रे

भारतीय दर्शन परंपरेत मानवी जीवन व सभोवतालचे विश्व यांच्या खर्या स्वरुपाचा शोध घेणार्याप तत्वज्ञानाच्या सहा शाखा आहेत. दर्शन म्हणजे केवळ बौद्धिक चर्चा नाही तर प्रत्यक्ष अनुभुती.न्याय(म. गौतम), वैशेषिक(म. कणाद), सांख्य(म. कपिल), योग, मिमांसा(म. जैमिनी) व वेदांत(म. बादरायण व्यास). या षडदर्शनापैकी योगदर्शनाची परंपरा हिरण्यगर्भापासून प्रारंभ होते असे मानण्यात येते. हिरण्यगर्भो योगस्य वक्ता, नान्य: पुरातन: ॥ याज्ञवल्क्य स्मृती, महाभारत 12.349.65 (हिरण्यगर्भाहून जुना योगाचा व्याख्याता अन्य कोणीही नाही.)
Read More : पातञ्जल योगसुत्रे about पातञ्जल योगसुत्रे

Language: 

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.