विटामिन डी के फ़ायदे

विटामिन डी के फ़ायदे

यूं तो इसे चमत्कारिक विटामिन कहा जाता है, मगर विटामिन डी का दूसरी बीमारियों से ताल्लुक़ पूरी तरह से साबित नहीं हो सका है.

सबसे बड़ा दावा ये किया जाता है कि विटामिन डी से हमारी रोगों से लड़ने की ताक़त बढ़ती है, बेहतर होती है.

लंदन में हुए एक रिसर्च ये पता चला है कि विटामिन डी से हमारी सांस की नली में होने वाले इन्फेक़्शन से बचाव होता है.

उम्र बढ़ने के साथ दस बीमारियां लग जाती हैं. माना जाता है कि विटामिन डी इस दौरान हमारे लिए मददगार होता है. Read More : विटामिन डी के फ़ायदे about विटामिन डी के फ़ायदे

आंवला खाये, निरोगी हो जाए

आंवला खाये, निरोगी हो जाए

आंवले में एंटी ओक्सिडेंट होते हैं जो शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाता है और ये मौसम में होने वाले बदलाव के कारन होने वाले वाइरल संक्रमण से भी बचाता है.
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खायेंगे दकनी मिर्च के लडडू ~ चशमा हट जायेगा !

खायेंगे दकनी मिर्च के लडडू ~ चशमा हट जायेगा !

$ दकनी मिर्च ( सफेद या हल्‍के ब्राउन रंग की मिर्च ) के लड्डु बनाने की विधि :- 
@ 1 किलो आटा के लडडू बनाने की सामग्री :- 
* आटा 1 किलो ले भून लें !
* सफेद मिर्च 100 ग्राम भून के पीस लें !
* गाय का घी ( अगर नां मिले तो देशी घी कोई भी - मात्रा उतनी जितने लडडू बन सके ) !
@ ड्राई फ्रूट इच्‍छानुसार - पीस कर डालने है ! बादाम - सौंफ - मिश्री जरूर मिलायें !
सबको मिला 15 - 20 ग्राम वजन के लडडू बना 1 सुबहा - 1 शाम दूध के साथ सेवन करें !
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* नेत्र संबंधित आसन करे !
* सुबहा नंगे पांव घास पर घूमें !
* कच्चा पालक सैर करते समय खायें !
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त्‍वचा के सभी रोगों का नाश करती है मड थैरेपी

त्‍वचा के सभी रोगों का नाश करती है मड थैरेपी

मड थेरेपी के फायदे: प्राकृतिक चिकित्सा में माटी का प्रयोग कई रोगों के निवारण में प्राचीन काल से ही होता आया है। नए वैज्ञानिक शोध भी प्रमाणित करते हैं कि माटी चिकित्सा (मड थेरेपी) की शरीर को तरो ताजा करने जीवंत और उर्जावान बनाने में महत्वपूर्ण उपयोगिता होती है। चर्म रोग व सौंदर्य संबंधी समस्याओं को ठीक करने में मड थेरेपी कारगर है। यह एक महत्वपूर्ण नेचुरोपैथी है। मड के प्रयोग से ही शरीर की कई बीमारियों को दूर किया जा सकता है।  Read More : त्‍वचा के सभी रोगों का नाश करती है मड थैरेपी about त्‍वचा के सभी रोगों का नाश करती है मड थैरेपी

कम उम्र में सफेद हुए बालों को काला करे

यह भी पढ़ें यह तेल लगाएँ - सफेद बालों को जड़ से काला करें. कम उम्र में सफेद हुए बालों को काला करे हैल्दी बालों के लिए डाइट बालों को स्‍ट्रेट करने के प्राकृतिक उपाय सेहतमंद बालों के लिए रोज करें योग बालों का रंग पैलेट कैसे करें जानिए इस प्रकार कम उम्र में सफेद हुए बालों को काला करे आप अपने घर पर बालों में मेंहदी कैसे लगाए, मेंहदी लगाने के फायदे जानकर हैरान रह जायगे सर्दियों में बालो की देखभाल प्रदूषण से बचने और बालों को बचाने है तो अपनाएं ये नुस्खे बाल अधिक झड़ते है तो अपनाये यह तरीका बाल झड़ने की समस्या से

कम उम्र में बाल सफेद होना आजकल एक आम समस्या है। इस
समस्या के सबसे मुख्य कारण फास्ट लाइफ कल्चर में बालों
की ठीक से देखभाल न हो पाना और
प्रदूषण आदि हैं। ऐसे में कम उम्र में आई सफेदी को
छुपाने के लिए डाई करना या कलर करना ही एकमात्र
विकल्प नहीं है।कुछ घरेलू नुस्खे आजमा कर
भी सफेद बालों को काला किया जा सकता है। हम आपको
बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही सिंपल घरेलू फंडे जिनसे
आप कम उम्र में सफेद हुए बालों को फिर से काला बना सकते हैं।
1. तुरई को काटकर नारियल तेल में उबालें व जब तुरई
काली हो जाए, तब उसे छानकर किसी बोतल
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विटामिन डी की कितनी मात्रा ज़रूरी

विटामिन डी की कितनी मात्रा ज़रूरी

ब्रिटेन में हर इंसान को रोज़ाना 10 माइक्रोग्राम विटामिन डी सप्लीमेंट की ज़रूरत बताई गई है. इसे सूरज की रोशनी से भी हासिल किया जा सकता है. लेकिन, किसी के शरीर में अगर विटामिन डी की भारी कमी है, तो वो सप्लीमेंट भी ले सकता है.

कनाडा और अमरीका में 15 माइक्रोग्राम विटामिन डी की ज़रूरत बताई गई है. अमरीका के ज़्यादातर दूध, ब्रेकफ़ास्ट, अनाजों, मार्जरीन, दही और संतरे के जूस में विटामिन डी मिलाकर बेचा जाता है. Read More : विटामिन डी की कितनी मात्रा ज़रूरी about विटामिन डी की कितनी मात्रा ज़रूरी

BP High रक्तचाप अधिक होने पर उपाय

BP High रक्तचाप अधिक होने पर उपाय

िन में दो बार सेवन करने से कुछ ही दिनों में आपकी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या खत्म हो जाती है |
3. शहद -आप इस रोग में 1 चम्मच प्याज का रस और 1 चम्मच शहद मिलाकर खाना खाने के बाद सेवन करे दिन में दो बार और इसके सेवन से आप का उच्च रक्त चाप मात्र 4 दिन में जड़ से खत्म हो जायेगा | 
4. इस रोग में 100 ग्राम तरबूज के बिज और 100 ग्राम खसखस लेकर अच्छे से मिक्स कर ले और रोजाना सुबह खाली पेट दो चम्मच पानी के साथ सेवन करने से उच्च रक्त चाप की समस्या खत्म हो जाती है |
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सूरज की रोशनी कितनी कारगर

सूरज की रोशनी कितनी कारगर

अगर आप खुले हाथ बाहर वक़्त बिताते हैं, तो उन पर पड़ने वाली सूरज की रोशनी आपकी विटामिन डी की ज़रूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त है, ख़ास तौर से मार्च से अक्तूबर के बीच.

जो लोग ऐसे माहौल को हासिल कर सकते हैं, सारा लेलैंड के मुताबिक़ उन्हें विटामिन डी सप्लीमेंट लेने की ज़रूरत नहीं. लेकिन, जिन्हें इतनी भी सूरज की रोशनी नहीं मिलती, उन्हें विटामिन डी सप्लीमेंट लेना चाहिए.

कई रिसर्च से तो ये भी पता चला है कि ज़्यादा विटामिन डी सप्लीमेंट खाने से भी फ्रैक्चर का ख़तरा 20-30 फ़ीसदी बढ़ जाता है. ख़ास तौर से बुज़ुर्गों में. Read More : सूरज की रोशनी कितनी कारगर about सूरज की रोशनी कितनी कारगर

यदि आप अपनी मस्तिष्क की देखभाल करते हैं

यदि आप अपनी मस्तिष्क की देखभाल करते हैं

यदि आप अपनी मस्तिष्क की देखभाल करते हैं, तो 8hrs के लिए सो जाओ।

यदि आप अपनी आंखों की देखभाल करते हैं, तो बिस्तर पर जाने से पहले अपने पैरों को तेल से मालिश करें।

यदि आप अपने कान की देखभाल करते हैं, तो अक्सर कान में लहसुन मिश्रित तेल डालें।

यदि आप अपनी नाक की देखभाल करते हैं, तो नियमित रूप से टकसाल खाएं।

यदि आप अपने मुंह की देखभाल करते हैं, तो अक्सर गिंगेल (सेसमम) तेल के साथ घूमते हैं।

यदि आप अपने गले की देखभाल करते हैं, तो अक्सर मिर्च का प्रयोग करें,

यदि आप अपने फेफड़ों की देखभाल करते हैं तो धूम्रपान से बचें। Read More : यदि आप अपनी मस्तिष्क की देखभाल करते हैं about यदि आप अपनी मस्तिष्क की देखभाल करते हैं

किडनी रोग का आयुर्वेदिक उपचार

किडनी रोग का आयुर्वेदिक उपचार

1. कासनी नाम का पौधा आयुर्वेदिक गुणों से परिपूर्ण है। इसकी पत्तियाँ किडनी, डायबिटीज़, लीवर और बवासीर जैसी बीमारियों के उपचार में रामबाण का काम करती हैं। ये हर्बल प्लांट आपको घर के पास की नर्सरी में मिल जाएगा। किडनी रोग का उपचार करने के लिए रोज़ आपको इसकी कुछ पत्तियाँ चबानी चाहिए। इस पौधे का वैज्ञानिक नाम सिकोरियम इंटिबस _ Cichorium Intybus है।
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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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