ओशो जिबरिश ध्यान विधि

देखना, सुनना और सोचना यह तीन महत्वपूर्ण गतिविधियां हैं। इन तीनों के घालमेल से ही चित्र कल्पनाएं और विचार निर्मित होते रहते हैं। इन्हीं में स्मृतियां, इच्छाएं, कुंठाएं, भावनाएं, सपने आदि सभी 24 घंटे में अपना-अपना किरदार निभाते हुए चलती रहती है। यह निरंतर चलते रहना ही बेहोशी है और इसके प्रति सजग हो जाना ही ध्यान है। साक्ष‍ी हो जाना ही ध्यान है।

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प्यारे प्रभु! प्रश्नों के अंबार लगे हैं

चौथा प्रश्न: प्यारे प्रभु! प्रश्नों के अंबार लगे हैं
उत्तर चुप हैं
कौन सहेजे इन कांटों को
बगिया चुप है, माली चुप है
प्रश्न स्वयं में रहता चुप है
दिनकर चुप है, रातें चुप हैं
उठी बदरिया कारी-कारी
लगा अंधेरा बिलकुल घुप है
प्रभु, इस स्थिति का निराकरण करने की अनुकंपा करें। Read More : प्यारे प्रभु! प्रश्नों के अंबार लगे हैं about प्यारे प्रभु! प्रश्नों के अंबार लगे हैं

नाइट्रोजन क्या है ?

नाइट्रोजन

नाइट्रोजन हमारे ग्रह के वायुमंडल में सबसे प्रचूर मात्रा में एक तत्व है। लगभग वातावरण 78% नाइट्रोजन गैस से बना है।
नाइट्रोजन एक स्वाभाविक रूप से उत्त्पन तत्व है जो की दोनों पौधों और जानवरों के विकास में और प्रजनन के लिए आवश्यक है। नाइट्रोजन अमीनो एसिड और यूरिया का एक घटक है। एमिनो एसिड सभी प्रोटीन की इमारत का एक महत्वपूर्ण अंग हैं।
ध्यान दें - एमिनो एसिड।
जैविक नाइट्रोजन पौधे कैसे प्रयोग में लाते है ? जाने " नाइट्रोजन चक्र " के माध्यम से। 
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पृथ्वी पर उत्पत्ति का राज़ क्या है?

पृथ्वी पर उत्पत्ति का राज़ क्या है?

पृथ्वी पर जीवन कैसे शुरू हुआ, इसे समझने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों का एक समूह ब्रिटेन से मध्य अटलांटिक महासागर के लिए रवाना हो रहा है.

वैज्ञानिकों का ये दल समुद्र तल की गहराई से सूक्ष्म जीवों के नमूने इकट्ठे करेगा.

नमूने जुटाने के लिए रिमोट-कंट्रोल ड्रिल की मदद ली जाएगी.

रिमोट-कंट्रोल ड्रिल की मदद से वैज्ञानिक समुद्र तल में छेद करके पत्थरों और समुद्री सूक्ष्म जीवों के नमूने जुटाएंगे.

वे समुद्र में पानी के नीचे मौजूद पहाड़ों का शृंखला की खोज करेंगे. Read More : पृथ्वी पर उत्पत्ति का राज़ क्या है? about पृथ्वी पर उत्पत्ति का राज़ क्या है?

हाइड्रोसील के कारण लक्षण और इलाज इस प्रकार है जानिए

हाइड्रोसील एक  रोग है यह रोग पुरुषो में होता है  जिसमे इनके एक या दोनों  अंडकोषों में पानी भर जाता है. इस रोग में अंडकोष एक थैली की भांति फुल जाते हैं और गुब्बारें की तरह प्रतीत होते है. इस अवस्था को प्रोसेसस वजायनेलिस या पेटेंट प्रोसेसस वजायनेलिस भी कहा जाता है. ये स्थिति पुरुषों के लिए बहुत पीडादायी होती है. अंडकोष में अधिक पानी भर जाने के कारण इन्हें वहाँ सुजन भी हो जाती है. वैसे तो ये किसी को भी हो सकती है किन्तु अकसर ये रोग 40 से अधिक उम्र के पुरुषों में ही देखा जाता है. Read More : हाइड्रोसील के कारण लक्षण और इलाज इस प्रकार है जानिए about हाइड्रोसील के कारण लक्षण और इलाज इस प्रकार है जानिए

पारिजात (हरसिंगार) के लाभ

पारिजात के लाभ

पारिजात या 'हरसिंगार' उन प्रमुख वृक्षों में से एक है, जिसके फूल ईश्वर की आराधना में महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं। इसे प्राजक्ता, परिजात, हरसिंगार, शेफालिका, शेफाली, शिउली भी कहा जाता है। उर्दू में इसे गुलज़ाफ़री कहा जाता है। हिन्दू धर्म में इस वृक्ष को बहुत ही ख़ास स्थान प्राप्त है। पारिजात का वृक्ष बड़ा ही सुन्दर होता है, जिस पर आकर्षक व सुगन्धित फूल लगते हैं। इसके फूल, पत्ते और छाल का उपयोग विविध प्रकार की औषधि आदि के रूप में भी किया जाता है। यह सारे भारत में पैदा होता है। यह माना जाता है कि पारिजात के वृक्ष को छूने मात्र से ही व्यक्ति की थकान मिट जाती है। Read More : पारिजात (हरसिंगार) के लाभ about पारिजात (हरसिंगार) के लाभ

लकवा (पैरालिसिस): लक्षण और कारण

लकवा (पैरालिसिस)

मस्तिष्क की बीमारी है लकवा  संयमित जीवनशैली व बचाव ही है लकवे से बचने का बेहतर उपचार लकवा या स्ट्रोक मस्तिष्क की बीमारी है। यह दो तरह का हो सकता है। पहलाए हार्ट से ब्रेन की ओर जाने या आने वाली खून की नलियों जिन्हें धमनी और शिरा कहा जाता है के फटने और दूसरा उनके बंद हो जाने की वजह से। ज्यादातर मरीजों को धमनी में खराबी की वजह से लकवा का शिकार होना पड़ता है जबकि डिलीवरी के बाद महिलाओं में होने वाला लकवा अक्सर शिरा में खराबी के कारण होता है। ब्रेन में खून की नली के फटने से मरीज को बहुत तेज सिरदर्द ;जैसा जीवन में पहले कभी भी न हुआ होद्ध या उल्टी शुरू हो जाती हैए जो बेहोशीए सांस Read More : लकवा (पैरालिसिस): लक्षण और कारण about लकवा (पैरालिसिस): लक्षण और कारण

प्रत्येक ध्यान के शीघ्र बाद करुणावान रहो

करुणावान व्यक्ति सर्वाधिक धनी होता है, वह सृष्टि के शिखर पर विराजमान है। उसकी कोई परिधि नहीं, कोई सीमा नहीं। वह बस देता है और अपनी रास्ते चला जाता है। वह तुम्हारे धन्यवाद की भी प्रतीक्षा नहीं करता। वह अत्यंत प्रेम से अपनी उर्जा को बांटता है। इसी को मैं स्वास्थ्य्प्रद कहता हूं। Read More : प्रत्येक ध्यान के शीघ्र बाद करुणावान रहो about प्रत्येक ध्यान के शीघ्र बाद करुणावान रहो

चक्रमण सुमिरन एक वरदान है

चक्रमण सुमिरन एक वरदान है. इसे गौतम बुद्ध ने आविष्कृत किया था इसके मूल स्वरूप में. यह एक ऐसी विधि है जिसमे व्यायाम, प्राणायाम. भक्ति, स्मरण, ध्यान, ऊर्जा ग्रहण, आदि विधाओं का सुंदर समन्वय है. सद्गुरु त्रिविर की अपार करुणा से यह ओशो धारा साधकों के लिए उपलब्ध है. इसकी महत्ता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है की प्रत्येक समाधि में सद्गुरु स्वयं प्रत्येक साधक को इसके लिए प्रशिक्षित करते हैं. 
सद्गुरु का आग्रह है की यदि किसी दिन सुमिरन छूट जाए तो भी प्रयास होना चाहिए की चक्रमण न छूते.
एक दिन चक्रमण सुमिरन के छूटने से ७ दिन पीछे हो जाती है साधना.
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ओशो – अपनी नींद में ध्‍यान कैसे करें

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
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