ओशो जिबरिश ध्यान विधि
Submitted by Anand on 25 March 2021 - 8:04pmदेखना, सुनना और सोचना यह तीन महत्वपूर्ण गतिविधियां हैं। इन तीनों के घालमेल से ही चित्र कल्पनाएं और विचार निर्मित होते रहते हैं। इन्हीं में स्मृतियां, इच्छाएं, कुंठाएं, भावनाएं, सपने आदि सभी 24 घंटे में अपना-अपना किरदार निभाते हुए चलती रहती है। यह निरंतर चलते रहना ही बेहोशी है और इसके प्रति सजग हो जाना ही ध्यान है। साक्षी हो जाना ही ध्यान है।
Read More : ओशो जिबरिश ध्यान विधि about ओशो जिबरिश ध्यान विधि




