हिन्दी

स्मरण शक्ति बढ़ाए हलासन, भस्त्रिका, ध्यान

शक्ति बढ़ाए हलासन

जीवन की सफलता में स्मरण शक्ति की खास भूमिका होती है। यह अगर कमजोर हो जाए तो कई बार अपमान का भी सामना करना पड़ता है। आप उसे बेहतर करने के लिए यौगिक क्रियाओं को अपनाएं। बता रहे हैं योगाचार्य कौशल कुमार Read More : स्मरण शक्ति बढ़ाए हलासन, भस्त्रिका, ध्यान about स्मरण शक्ति बढ़ाए हलासन, भस्त्रिका, ध्यान

पाइल्स का क्या हैं? यौगिक क्रियाएँ से इलाज

गर्भाशय की समस्‍या को दूर करे पश्चिमोत्तानासन

गर्भाशय की समस्‍या को दूर करे पश्चिमोत्तानासन

पश्चिम अर्थात पीछे का भाग- पीठ। पीठ में खिंचाव उत्पन्न होता है, इसीलिए इसे पश्चिमोत्तनासन कहते हैं। इस आसन से शरीर की सभी माँसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है। पशिच्मोत्तासन आसन को आवश्यक आसनों में से एक माना गया है। शीर्षासन के बाद इसी आसन का महत्वपूर्ण स्थान है। इस आसन से मेरूदंड लचीला बनता है, जिससे कुण्डलिनी जागरण में लाभ होता है। यह आसन आध्यात्मिक दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण है। पशिच्मोत्तासन के द्वारा मेरूदंड लचीला व मजबूत बनता है जिससे बुढ़ापे में भी व्यक्ति तनकर चलता है और उसकी रीढ़ की हड्डी झुकती नहीं है। यह मेरूदंड के सभी विकार जैसे- पीठदर्द, पेट के रोग, यकृत रोग, तिल्ली, आंतों के रोग तथा ग Read More : गर्भाशय की समस्‍या को दूर करे पश्चिमोत्तानासन about गर्भाशय की समस्‍या को दूर करे पश्चिमोत्तानासन

आसनों को करने के तरीके के आधार पर इन्हें 2 वर्गों में बांटा गया है।

आसनों को करने

इन आसनों को करने के तरीके के आधार पर इन्हें 2 वर्गों में बांटा गया है।

1. गतिशील आसन

2. स्थिर आसन

1. गतिशील आसन

गतिशील आसन वे आसन हैं जिनमें शरीर शक्ति के साथ गतिशील रहता है।

2. स्थिर आसन

स्थिर आसन वह आसन है जिनमें अभ्यास को शरीर में बहुत ही कम या बिना गति के किया जाता है। आसन का अभ्यास करते समय स्थिति के समय और सीमा को धीरे धीरे बढाया जाता है। Read More : आसनों को करने के तरीके के आधार पर इन्हें 2 वर्गों में बांटा गया है। about आसनों को करने के तरीके के आधार पर इन्हें 2 वर्गों में बांटा गया है।

कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी और साइटिका के लिए योगासन

कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी और साइटिका के लिए योगासन

यहां जिन आसनों का वर्णन करेंंगे वे मुख्यतः कमर दर्द, सर्वाइकल स्पाण्डलाइटिस, स्लिप डिस्क, सिटाटिका आदि मेरुदण्ड संबंधित सभी रोगों को दूर करने के लिए विशेष उपयोगी है।

चक्रासन

विधि-

A पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़े। एड़ियाँ नितम्बों के समीप लगी हुई हों।

A दोनों हाथों को उल्टा करके कन्धों के पीछे थोड़े अन्तर पर रखें, इससे सन्तुलन बना रहता है।

A श्वास अन्दर भरकर कटिप्रदेश एवं छाती को ऊपर उठायें।

A धीरे-धीरे हाथ एवं पैरों को समीप लाने का प्रयत्न करें, जिससे शरीर की चक्र जैसी आकृति बन जाये। Read More : कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी और साइटिका के लिए योगासन about कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी और साइटिका के लिए योगासन

मोटापा घटाने के लिए विशेष योग आसान

मोटापा घटाने के लिए विशेष योग आसान

द्वि-चक्रिकासन-1 :

विधि- पीठ के बल लेटकर हाथों के पंजे नितम्बों के नीचे रख श्वास रोककर एक पैर को पूरा ऊपर उठाकर घुटने से मोड़कर एड़ी नितम्ब के पास होकर गोलाकार (साइकिल चलाने की तरह) घुमाते रहें। इसी प्रकार दूसरे पैर से इस क्रिया को करें। पैरों को बिना जमीन पर टिकाये घुमाते रहें, पैरों से वृत्ताकृति बनायें, इस सम्पूर्ण क्रियाभ्यास को ‘द्वि-चक्रिकासन-1’ कहते हैं। 10 से लेकर यथाशक्ति 25-30 बार इसकी आवृत्ति करें। थक जाने पर शवासन में थोड़ी देर विश्राम करके इसी अभ्यास को विपरीत दिशा से दोहरायें। Read More : मोटापा घटाने के लिए विशेष योग आसान about मोटापा घटाने के लिए विशेष योग आसान

विश्राम के लिए योग आसन

विश्राम के लिए योग आसन

पीठ के बल सीधे भूमि पर लेट जायें। दोनों पैरों में लगभग एक फुट का अन्तर हो तथा दोनों हाथों को भी जंघाओं से थोड़ी दूरी पर रखते हुए हाथों को ऊपर की ओर खोलकर रखें। आँखें बन्द, गर्दन सीधी पूरा शरीर तनाव-रहित अवस्था में हो। धीरे-धीरे चार-पाँच श्वास लम्बे भरें और छोड़े। अब मन द्वारा शरीर के प्रत्येक भाग को देखते हुए संकल्प द्वारा एक-एक अवयव को शिथिल तथा तनाव-रहित अवस्था में अनुभव करता है। जीवन के समस्त कार्यों और महान् उद्देश्यों की सफलता के पीछे संकल्प की ही शक्ति मुख्य हुआ करती है। अब हमें इस समय शरीर को पूर्ण विश्राम देना है। इसके लिए भी हमें शरीर के विश्राम अथवा शिथिलीकरण का संकल्प करना होगा। Read More : विश्राम के लिए योग आसन about विश्राम के लिए योग आसन

साप्ताहिक ध्यान : स्टॉप!

साप्ताहिक ध्यान : स्टॉप!

जैसे ही कुछ करने की वृत्ति हो, रुक जाओ।

 

तुम कहीं भी इसका प्रयोग कर सकते हो। तुम स्नान कर रहे हो; अचानक अपने को कहो: स्टॉप! अगर एक क्षण के लिए भी यह एकाएक रुकना घटित हो जाए तो तुम अपने भीतर कुछ भिन्न बात घटित होते पाओगे। तब तुम अपने केंद्र पर फेंक दिए जाओगे। और तब सब कुछ ठहर जाएगा। तुम्हारा शरीर तो पूरी तरह रुकेगा ही, तुम्हारा मन भी गति करना बंद कर देगा।

  Read More : साप्ताहिक ध्यान : स्टॉप! about साप्ताहिक ध्यान : स्टॉप!

उष्ट्रासन से उदर संबंधी रोग और एसिडिटी करें दूर

उष्ट्रासन

उष्ट्रासन की अंतिम अवस्था में पहुंचने के बाद हमारे शरीर की आकृति कुछ-कुछ ऊंट के समान प्रतीत होती है, इसी कारण इसे उष्ट्रासन कहते हैं। यह आसन वज्रासन में बैठकर किया जाता है।

सावधानियां : जोर से या झटके से इस आसन को न करें। पीछे झुकते समय जंघा सीधी रखें। अंतिम स्थिति में गर्दन से लेकर घुटने तक का भाग सीधा रहेगा। वापस आते समय झटका देकर न आएं। जिन लोगों को हर्निया की शिकायत हो, उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए। Read More : उष्ट्रासन से उदर संबंधी रोग और एसिडिटी करें दूर about उष्ट्रासन से उदर संबंधी रोग और एसिडिटी करें दूर

Pages

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.