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ब्रेस्ट साइज बढ़ाना चाहती हैं, तो आज से शुरू कर दें योग

हाथों व कन्धे के व्यायाम

हाथों व कन्धे के व्यायाम
  • हाथों की अंगुलियों को परस्पर मिलाते हुये मोड़ना, हाथों को सामने की और फैलाकर अंगुलियों के पोरों को धीरे-धीरे मोड़ें सीधा करें। इसके पश्चात अंगूठे व अंगुलियों को मोड़कर दबाते हुए मुक्का जैसी आकृति बनायें फिर धीरे-धीरे खोलें ऐसा 5-7 बार करें। अब अंगुठे को मोड़कर अंगुलियों से दबाते हुए दोनों हाथों की मुटिठयों को बन्द करके क्रमशःदोनों और घुमायें। कोहनियां सीधी रहनी चाहिये।
  • अब कोहनियों के लिये कोहनी को दूसरे हाथ की हथेली पर रखकर दोनों और गोल घुमायें।
  • अब कन्धे के लिये दोनो कन्धों को क्रमशः ऊपर नीचे करें फिर आगे व पीछे की और गोल घुमायें।

तनाव से मुक्ति

तनाव से मुक्ति

तनाव अपने आप में एक बीमारी है जो कई अन्य बीमारियों को निमंत्रण देता है. इस तथ्य को चिकित्सा विज्ञान भी स्वीकार करता है. योग का एक महत्वपूर्ण फायदा यह है कि यह तनाव से मुक्ति प्रदान करता है. योग मुद्रा, ध्यान और योग में श्वसन की विशेष क्रियाओं द्वारा तनाव से राहत मिलती है, यह प्रमाणित तथ्य है. योग मन को विभिन्न विषयों से हटाकर स्थिरता प्रदान करता है और कार्य विशेष में मन को स्थिर करने में सहायक होता है. तनाव मुक्त होने से शरीर और मन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. कार्य करने की क्षमता भी बढ़ती है

 

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योग करें,हृदय-रोग से मुक्त रहें

हृदय-रोग से मुक्त

आज की लाइफ स्टाइल में अपनी सेहत का खयाल रखने के लिए भी हम पर्याप्त समय नहीं निकाल पाते। व्यस्त दिनचर्या का असर धीरे-धीरे हमारे दिल पर भी पड़ने लगता है जिससे बाद में बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। अगर योग का थोड़ा सहयोग लें तो हम अपने दिल का खयाल रख सकते हैं।  Read More : योग करें,हृदय-रोग से मुक्त रहें about योग करें,हृदय-रोग से मुक्त रहें

अपन वायु मुद्रा

अपन वायु मुद्रा

विधि-
सर्वप्रथम वज्रासन / पद्मासन या सुखासन में बैठ जाइए।
अब तर्जनी उंगली को अंगूठे की जड़ में लगाएँगे और मध्यमा और अनामिका के अग्र भाग को अंगूठे के अग्र भाग से स्पर्श करेंगे व छोटी उंगली (कनिष्ठका) को सीधा रखेंगे।
हाथों को घुटनो पर रखिए हथेलियों को आकाश की तरफ रखेंगे।
आँखे बंद रखते हुए श्वांस सामान्य बनाएँगे।
अपने मन को अपनी श्वांस गति पर केंद्रित रखिए।

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10 योगासन जो मधुमेहपर लगाम लगाएं

मधुमेहपर लगाम लगाएं

नियमित योग एक तरफ जहां आपको स्वस्थ रखता है वहीं दूसरी तरफ गंभीर बीमारियों से भी निजात दिलाता है। अगर मधुमेह में नियमित कुछ खास तरह के योग किए जाएं तो मधुमेह को कंट्रोल कर सकते हैं। आइए जानें कुछ खास योगासनों के बारे में जो डायबिटीज को कम करने में मददगार हो सकते हैं।

1-प्राणायाम

योगासन से दूर होती हैं बीमारियाँ

योगासन से दूर

जमीन पर पद्मासन लगाकर बैठ जाइए। लेफ्ट पैर को उठाइए और राईट जंघा पर लगाइए ताकि लेफ्ट पैर की ऐड़ी नाभि के नीचे आ जाए। फिर राईट पैर को उठाइए और लेफ्ट जंघा पर रखिए ताकि दोनों ऐड़ियां नाभि से नीचे एक दूसरे को मिलें। दोनों हाथों को पीठ के पीछे ले जा कर राईट हाथ से लेफ्ट पैर को और लेफ्ट हाथ से राईट पैर को पकड़िए। पेट को अंदर की ओर चिपकाते हुए कमर के ऊपरी भाग को आगे झुकाइए और जमीन पर लगाइए।

लाभ:

योग से गैस की दिक्कत को यूं करें गायब

योग से गैस की दिक्कत को यूं करें गायब

पेट गैस को अधोवायु बोलते हैं। इसे पेट में रोकने से कई बीमारियां हो सकती हैं, जैसे एसिडिटी, कब्ज, पेटदर्द, सिरदर्द, जी मिचलाना, बेचैनी आदि। लंबे समय तक अधोवायु को रोके रखने से बवासीर भी हो सकती है। आयुर्वेद कहता है कि आगे जाकर इससे नपुंसकता और महिलाओं में यौन रोग होने की भी आशंका हो सकती है।

गैस बनने के लक्षण 
पेट में दर्द, जलन, पेट से गैस पास होना, डकारें आना, छाती में जलन, अफारा। इसके अलावा, जी मिचलाना, खाना खाने के बाद पेट ज्यादा भारी लगना और खाना हजम न होना, भूख कम लगना, पेट भारी-भारी रहना और पेट साफ न होने जैसा महसूस होना। Read More : योग से गैस की दिक्कत को यूं करें गायब about योग से गैस की दिक्कत को यूं करें गायब

योग –एक वैज्ञानिक विवेचना

वैज्ञानिक विवेचना

भारतीय दर्शन में मानव जीवन का लक्ष्य , धर्म, अर्थ, काम ,मोक्ष-ये चार पुरुषार्थ हैं, जिनमें अन्तिम लक्ष्य मोक्ष को परम पुरुषार्थ माना गया है। वेदिक व उपनिषदीय ज्ञान के अनुसार अन्तिम लक्ष्य अमृत प्राप्ति या मोक्ष है, यही वास्तविक मोक्ष है । योग शास्त्र के अनुसार ’ आत्मा का परमात्मा से मिलन’ ही योग है । जबकि गीता के अनुसार-’ योगः कर्मसु कौसलम”, प्रत्येक कर्म को कुशलता से, श्रेष्ठतम रूप से करना ही योग है। यही तो विज्ञान की मूल मान्यता है, वर्क इज़ वर्शिप’ ।
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योग से रोग और शोक का निदान

शोक का निदान

।।ॐ।।योगश्चित्तवृत्तिनिरोध:।।ॐ।।

योग से चित्त वृत्तियों का निरोध किया जा सकता है। चित्त में ही रोग और शोक उत्पन्न होते हैं जो शरीर, मन और मस्तिष्क को क्षतिग्रस्त कर देते हैं। सदा खुश और हंसमुख रहना जीवन की सबसे बड़ी सफलता होती है। Read More : योग से रोग और शोक का निदान about योग से रोग और शोक का निदान

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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