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मन्त्रों का महत्व | मंत्र क्या है ?

आमतौर पर लोग मंत्रो को मात्र कुछ शब्दों की तरह देखते हैं परन्तु वो यह नहीं जानते की इन मन्त्रों की तरंगों में बहुत ताकत होती है। यह कुछ ऐसे-वैसे शब्द नहीं हैं। इन्हे हमारे ऋषि-मुनियों ने सालों की ध्यान साधना द्वारा प्राप्त किया है। मन्त्रों के श्रवण मात्र से हमारी चेतना जाग उठती है- यह महिमा है मन्त्रों की।
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योग करते समय रहें सावधान... और बनें स्वास्थ्य

योग करते समय

कहते हैं जहां भोग है वहां रोग है. जहां योग है वहां निरोग, लेकिन गलत योग रोगी बना सकता है. यानी योग करते समय सावधान रहें.

एक्सरसाइज करना अच्छी बात है. यह शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखती है. लेकिन अधकचरा ज्ञान कभी-कभी आपको बड़ी मुश्किल में डाल सकता है. 

इसलिए एक्सरसाइज करने से पहले कुछ बातें जरूर ध्यान कर लें. फिट रहने के कुछ खास मंत्र होते हैं जिन्हें आप अपनी दिनचर्या में यदि शामिल कर लें तो आप फिटनेस की ओर निरंतर बढ़ते चले जायेंगे.

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योग के यहआसन एकाग्रता बढ़ाने में है सहायक

एकाग्रता बढ़ाने

हमारे आसपास बहुत से ऐसे लोग है जो बहुत कुछ याद रख लेते है, अपने हर काम बहुत अच्छे से कर लेते है| वही बहुत से लोग ऐसे भी है जिन्हें कुछ भी याद नहीं रहता और ना ही वे लोग अपने काम को सही से करते है| आपको जानकार आश्चर्य होगा लेकिन बहुत से लोग तो काबिल होने के बाद भी उस काम को अच्छे से नहीं कर पात
इसके पीछे का मुख्य कारण ध्यान न लगा पाना अर्थात एकाग्रता में कमी होना है| एकाग्रता में कमी होने के कारण हमारा मन इधर उधर भटकता रहता है और हम किसी भी काम में ध्यान नहीं लगा पाते है| किसी भी काम को अच्छे से करने के लिए मन का स्थिर होना बहुत जरुरी है|
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योगासनों के गुण और लाभ

स्‍टूडेंट्स के लिए फायदेमंद पांच योग आसन

स्‍टूडेंट्स के लिए फायदेमंद पांच योग आसन

हेल्दी और पीसफुल लाइफ जीने के लिए स्‍टूडेंट्स को नियमित रूप से योग करना चाहिए. जानिए पांच ऐसे योग आसन जो आपकी ब्रेन और बॉडी दोनों को बनाएंगे परफेक्‍ट:
योग हर उम्र के व्‍यक्ति के लिए फायेदमंद होता है. हेल्दी और पीसफुल लाइफ जीने के लिए स्‍टूडेंट्स को नियमित रूप से योग करना चाहिए. योग पढ़ाई के प्रेशर का कम करने के साथ एकाग्रता को बढ़ाता है. जानिए पांच ऐसे योग आसन जो आपकी ब्रेन और बॉडी दोनों को बनाएंगे परफेक्‍ट:
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ध्यान का लाभ

ध्यान का लाभ

हम ध्यान है। सोचो की हम क्या है- आंख? कान? नाक? संपूर्ण शरीर? मन या मस्तिष्क? नहीं हम इनमें से कुछ भी नहीं। ध्यान हमारे तन, मन और आत्मा के बीच लयात्मक सम्बन्ध बनाता है। स्वयं को पाना है तो ध्यान जरूरी है। वहीं एकमात्र विकल्प है।
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सेतु बंध आसन करने के लिए सबसे पहले

सेतुं बंध सर्वांगासन

कमरदर्द, थायरॉइड और वजन कम करने में मददगार है सेतुं बंध सर्वांगासन, जानें तरीका
सेतु बंध आसन रीढ़ की हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
सेतु बंध आसन का अभ्यास आपको थायरॉइड से बचाता है।
इस आसन के अभ्यास से ब्लड का सर्कुलेशन ठीक रहता है।
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त्राटक मेडिटेशन क्या है?

त्राटक मेडिटेशन

त्राटक योगा की प्रमुख टेकनीक या कहे की क्रिया या साधना है. त्राटक शब्द का अर्थ – त्राटक शब्द का अर्थ होता है किसी एक विशेष वस्तु पर अपनी नजरो से लगातार देखते रहना. त्राटक क्रिया हठ योगा का एक प्रकार है. यह हठ योगा के सात अंगो में से एक अंग षटकर्म की एक क्रिया है. हठयोग में इस क्रिया का वर्णन दृष्टि को जाग्रत करने की शक्ति के रूप में किया गया है. आँखों को आत्मा का प्रवेशद्वार माना जाता है. त्राटक साधना द्वारा आँखों को आत्मा और मन के बीच संपर्क स्थापित करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है. त्राटक मेडिटेशन शरीर को शक्ति और शुद्धी प्रदान करने के लिए की जाती है.
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जलनेति से कीजिये अपने सारे रोगों को दूर

जलनेति से कीजिये

नेति मुख्यत: सिर के अन्दर वायु-मार्ग को साफ करने की क्रिया है। यह एक जल चिकित्‍सा है जो एलर्जी, अस्‍थमा, साइनस और आंखों कि बीमारी को ठीक कर देती है। नेति के मुख्यत: दो रूप हैं : जलनेति तथा सूत्रनेति। जलनेति में जल का प्रयोग किया जाता है; सूत्रनेति में धागा या पतला कपड़ा प्रयोग में लाया जाता 
विधि
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भुजंगासन

भुजंगासन

भुजंगासन:- पेट के बल लेटकर दोनों हथेलियां भूमि पर रखते हुये हाथों को छाती के दोनों और रखें। कोहनियां ऊपर उठी हुई तथा भुजायें छाती से सटी हुई होनी चाहिये। पैर सीधे तथा पंजे आपस में मिले हुये हों। पंजे पीेछे की और तने हुये भूमि पर टिके हुये हों। श्वांस अन्दर भरकर छाती व सिर को धीरे धीरे ऊपर उठाइये। नाभि के पीछे वाला भाग भूमि पर टिका रहे। सिर को उपर उठाते हुये गर्दन को जितना पीछे मोड़ सकते हैं, मोड़ना चाहिये। इस स्थिती में करीब 10 से 30 सैकण्ड जितनी देर यथाशक्ति श्वासं रोक सके रूकें। श्वांस छोड़कर पूर्व स्थिती में आ जायें। सवाईकल, स्पोंडलाइटिस, पेट के रोग, स्लीपडिस्क स्त्रीरोग में लाभप्रद। 
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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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