उखड़े खंभे - हरिशंकर परसाई

लेखक: 
हरिशंकर परसाई

यहां जानकारी के लिये बता दिया जाएे कि भारत के प्रथम प्रधान मंत्री स्व.जवाहरलाल नेहरू ने एक बार घोषणा की थी कि मुनाफाखोरों को बिजली के खम्भों पर लटका दिया जाएेगा।]

एक दिन राजा ने खीझकर घोषणा कर दी कि मुनाफाखोरों को बिजली के खम्भे से लटका दिया जाएेगा।

सुबह होते ही लोग बिजली के खम्भों के पास जमा हो गये। उन्होंने खम्भों की पूजा की,आरती उतारी और उन्हें तिलक किया।

शाम तक वे इंतजार करते रहे कि अब मुनाफाखोर टांगे जाएेंगे- और अब। पर कोई नहीं टाँगा गया। Read More : उखड़े खंभे - हरिशंकर परसाई about उखड़े खंभे - हरिशंकर परसाई

रियाज़ कैसे करें 10 तरीके

सुरसाधना, खरज का रियाज, सरगम सीखना, गायकी टिप्स, गायन सीखना, हारमोनियम बजाना कैसे सीखे

रियाज़ करने की शुरुआत के लिए आप इस प्रकार से कोशिश करें -
1) संगीत सीखने का सबसे पहला पाठ और रियाज़ ओंकार . 3 महीनो तक आप रोज़ सुबह कम से कम 30 मिनट 'सा' के स्वर में ओंकार का लगातार अभ्यास करें.
2) अगर आप और समय दे सकते हैं तो ओंकार रियाज़ करने के बाद 5 मिनट आराम कर के, सरगम आरोह अवरोह का धीमी गति में 30 मिनट तक रियाज़ करें. जल्दबाजी नहीं करें.
3) सरगम का रियाज़ करते समय स्वर ठीक से लगाने का पूरा ध्यान रखें. अगर स्वर ठीक से नहीं लग रहा है तो बार बार कोशिश करें. संगीत अभ्यास में लगन की जरूरत होती है और शुरुआत में बहुत धीरज और इत्मीनान चाहिए.
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खासी का काढ़ा

खासी का काढ़ा

दवा लेने से फायदा तो तुरंत हो जाता है लेकिन इन दवाओं के कई साइड इफेक्ट भी होते हैं। वैसे भी हर बार दवा लेना सही नहीं है। बेहतर यही होगा कि सर्दी-खांसी के लिए घरेलू उपाय आजमाए जाएं। इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है और सर्दी जड़ से दूर हो जाती है।

सामग्री: 
साफ पानी 
काली तुलसी की पत्ती 
लौंग 
काली मिर्च 
छोटी इलायची 
अदरक 
गुड़ 
चायपत्ती  Read More : खासी का काढ़ा about खासी का काढ़ा

पृथ्वी के भीतर हैं महासागर जाने विस्तार से

पृथ्वी के भीतर हो सकते हैं महासागर

एक हीरे के अंदर पाई गई रहस्यपूर्ण चट्टान ने इस सवाल को अहम बनाया कि पृथ्वी की सतह के नीचे क्या-क्या छिपा है.

इस रहस्यपूर्ण चट्टान में पानी के कण मिलना महत्वपूर्ण खोज थी. ये चट्टानें हमें बताती हैं कि पृथ्वी के भीतर, सतह के 500-600 किलोमीटर नीचे सदियों पहले क्या हुआ. और वहां क्या मौजूद है.

वैज्ञानिक दशकों से इन सवालों से जूझ रहे हैं कि पृथ्वी पर पानी कैसे आया, महासागर कैसे बनें और क्या पृथ्वी की सतह के नीचे और महासागर छिपे हुए हैं?

अब तक मनुष्य ने पृथ्वी की सतह के नीचे जो सबसे गहरा गड्ढ़ा बनाया है वो 10 किलोमीटर तक ही पहुँच पाया है. Read More : पृथ्वी के भीतर हैं महासागर जाने विस्तार से about पृथ्वी के भीतर हैं महासागर जाने विस्तार से

हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है

संगीत पद्धति रागों

हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है । रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। थाटों की संख्या गणित की दृष्टि से ‘72’ मानी गयी है किन्तु आज मुख्यतः ‘10’ थाटों का ही क्रियात्मिक प्रयोग किया जाता है जिन के नांम हैं बिलावल, कल्याण, खमाज, भैरव, भैरवी, काफी, आसावरी, पूर्वी, मारवा और तोडी हैं। प्रत्येक राग विशिष्ट समय पर किसी ना किसी विशिष्ट भाव (मूड – थीम) का घोतक है। राग शब्द सँस्कृत के बीज शब्द ‘रंज’ से लिया गया है। अतः प्रत्येक राग में स्वरों और उन के चलन के नियम हैं जिन का पालन करना अनिवार्य है अन्यथ्वा आपेक्षित भाव का सर्जन नहीं हो सकता। हिन्दूस्तानी संगीत में प्रत्येक राग अपने निर्धारि Read More : हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है about हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है

उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां

उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां

 में हुआ बाद में उन्होंने अपने पिता अली बख्श खां, चाचा काले खां और बाबा शिंदे खां से संगीत के गुर सीखे। इनके पिता महाराजा कश्मीर के दरबारी गायक थे और वह घराना "कश्मीरी घराना" कहलाता था। जब ये लोग पटियाला जाकर रहने लगे तो यह घराना "पटियाला घराना" के नाम से जाना जाने लगा। अपने सधे हुए कंठ के कारण बड़े गुलाम अली खां ने बहुत प्रसिद्ध पाई। सन १९१९ के लाहौर संगीत सम्मेलन में बड़े गुलाम अली खां ने अपनी कला का पहली बार सार्वजनिक प्रदर्शन किया। इसके कोलकाता और इलाहाबाद के संगीत सम्मेलनों ने उन्हें देशव्यापी ख्याति दिलाई। उन्होंने अपनी बेहद सुरीली और लोचदार आवाज तथा अभिनव शैली के बूते ठुमरी को एकदम न Read More : उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां about उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां

ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे

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किसी भी ख्याल शैली की उत्पत्ति दो प्रकार से मानी गई है- एक तो किसी व्यक्ति या जाति के नाम से, जैसे सैनी घराना, कव्वाल घराना आदि और दूसरे किसी स्थान के नाम से|
ख्याल वर्तमान में प्रचलित सर्वाधिक लोकप्रिय शैली है| वस्तुत: एक गायक का चिंतन ख्याल में उभरकर सामने आता है| स्वर एक केंद्र बिंदु है, जिस पर साधक का ध्यान लगता है|
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गुरु की परिभाषा

गुरु की परिभाषा

गुरु की परिभाषा
'गुरु' शब्द में 'गु' का अर्थ है 'अंधका' और 'रु' का अर्थ है 'प्रकाश' अर्थात गुरु का शाब्दिक अर्थ हुआ 'अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला मार्गदर्शक'। सही अर्थों में गुरु वही है जो अपने शिष्यों का मार्गदर्शन करे और जो उचित हो उस ओर शिष्य को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे। गुरु उसको कहते हैं जो वेद-शास्त्रों का गृणन (उपदेश) करता है अथवा स्तुत होता है। [1] मनुस्मृति [2] में गुरु की परिभाषा निम्नांकित है- Read More : गुरु की परिभाषा about गुरु की परिभाषा

बाइपोलर डिस-ऑर्डर को न्योता?

बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण, बाइपोलर डिसऑर्डर क्या है, बाइपोलर डिसऑर्डर के घरेलू उपाय, बाइपोलर मीनिंग इन हिंदी, मूड डिसऑर्डर

इस पेपर में मनोचिकित्सकों ने नीली रोशनी के हमारी नींद और शरीर की अंदरूनी घड़ी पर पड़ने वाले बुरे असर के प्रति आगाह किया था. हम जिस तरह से अपनी सेहत के लिए डिजिटल ऐप और दूसरी मशीनें इस्तेमाल कर रहे हैं, इससे किशोरों और युवाओं में एलईडी लाइट्स के कई बुरे प्रभाव देखने को मिल सकते हैं. Read More : बाइपोलर डिस-ऑर्डर को न्योता? about बाइपोलर डिस-ऑर्डर को न्योता?

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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