बैन की गईं कॉमन दवाएं और उनके नुकसान

बैन की गईं कॉमन दवाएं और उनके नुकसान 
आप घर में फर्स्ट-ऐड बॉक्स या मेडिकल बॉक्स तो रखते ही होंगे? सरकार ने जिन 328 दवाओं को बैन किया है, अगर उनमें से कोई दवा अब भी आपके मेडिसिन बॉक्स में है तो आप उस दवा को फेंक दीजिए। उसकी जगह आप अपने डॉक्टर से दूसरी दवा लिखवाएं:  Read More : बैन की गईं कॉमन दवाएं और उनके नुकसान about बैन की गईं कॉमन दवाएं और उनके नुकसान

क्या-क्या हो सकता है FDC के नुकसान

- एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर बहुत जरूरी नहीं हो तो किसी भी बीमारी के कॉम्बो दवा लेने से बचना चाहिए। बेहतर है कि एक ही दवा लें। जरूरत लगे तो दूसरी दवा ले सकते हैं लेकिन एक ही दवा में कई दवाओं को मिलाकर तैयार की गई दवा न लें। ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। 
- मान लीजिए कि दर्द की दवा का लिवर या किडनी पर बुरा असर हो सकता है तो अगर उसी दवा के साथ दूसरी दवा का कॉम्बिनेशन लिया जाएगा तो जाहिर है नुकसान का खतरा बढ़ जाएगा और शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी बुरा असर हो सकता है। 
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गैर-जरूरी FDC को मंजूरी कैसे

आमतौर पर FDC दवाएं जरूरी नहीं होतीं। ये कितनी गैर-जरूरी हैं, इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका में सिर्फ 500 एफडीसी दवाएं प्रचलित हैं, जबकि भारत में इनकी संख्या करीब 2,000 तक है। ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों में भी ये दवाएं गिनती की हैं। इसकी वजह, वहां की ड्रग्स रेग्युलेटरी अथॉरिटी का ज्यादा जागरूक और नियमों का सख्त होना है। वैसे, हमारे यहां भी केंद्र सरकार ने बहुत कम FDC दवाओं को मंजूरी दी गई है। अब सवाल यह भी है कि जब ज्यादा FDC दवाओं को मंजूरी नहीं दी गई तो फिर इतनी बड़ी संख्या में ये दवाएं मार्केट में आ कैसे आ गईं? Read More : गैर-जरूरी FDC को मंजूरी कैसे about गैर-जरूरी FDC को मंजूरी कैसे

जरूरी था FDC पर बैन

सरकार के दवा तकनीकी सलाहकार बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर इन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई गई है। बोर्ड ने अपनी सिफारिश में कहा कि इन 328 दवाओं में जो सामग्री या कंपोनेंट हैं, उनकी कोई मेडिसिनल वैल्यू नहीं है। उलटे ये चीजें इंसान को नुकसान पहुंचा सकती हैं। दरअसल, इन दवाओं को बैन करने की कोशिश पहले भी हुई है। केंद्र सरकार ने मार्च 2016 में भी 349 एफडीसी दवाओं पर रोक लगा दी थी, लेकिन दवा कंपनियां इस फैसले के खिलाफ कोर्ट चली गई थीं। दिसंबर 2017 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दवा तकनीकी सलाहकार बोर्ड ने मामले की समीक्षा की और केंद्र को अपनी रिपोर्ट सौंपी। सरकार ने इस मसले पर दो कमिटियां बनाईं औ Read More : जरूरी था FDC पर बैन about जरूरी था FDC पर बैन

क्या है FDC

FDC यानी फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दरअसल एक तरह से दवाओं का कॉकटेल है। इसमें दो या ज्यादा बीमारियों की दवाओं को मिलाकर नई दवा तैयार की जाती है। FDC दो तरह की होती हैं: रैशनल कॉम्बिनेशन और इररैशनल कॉम्बिनेशन। जिन दवाओं को बैन किया गया है, वे सभी इररैशनल कॉम्बिनेशन से बनी दवाएं हैं। इसका मतलब है जरूरत न होते हुए भी दवाओं का मिश्रण बनाया गया है। न इन दवाओं को कोई ट्रायल हुआ और न ही इनके साइड इफेक्ट्स के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध है जैसे कि निमेसुलाइड (Nimesulide) और डिक्लोफिनैक (Diclofenac) को मिलाकर बनाई गई एक दवा है। इसमें दोनों ही NSAIDs (नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इन्फ्लैमेटरी ड्रग्स) एजेंट माने जा Read More : क्या है FDC about क्या है FDC

लड़की नही समझ पा रही है इशारे तो ऐसे कराएं प्यार का अहसास

लड़की नही समझ पा रही है इशारे तो ऐसे कराएं प्यार का अहसास
प्यार मोहबत का रिश्ता ही ऐसा है कि लड़का करता है तो लड़की नही समझ पाती और लड़की करती है तो लड़का। लड़का अपनी ग्रर्लफ्रैंड से बेइन्तहा महोब्बत करता हैं। ठीक उसी तरह लड़कियों के साथ भी होता हैं पर दिक्कत आती हैं तो सिर्फ अपनी बात को बयां करने में या यकीन दिलाने में। 

आज हम इन बातों के कुछ टिप्स आपके लिए लेकर आए हैं जिससे आपकी यें प्रॉब्लम लगभग आसान हो जाएगी।

  •  रिसपैक्ट: हर लड़की ये ही चाहती हैं कि उसका पार्टनर अच्छे कामेंट करने के बजाए उसकी रिसपैक्ट करें। फ्रैंड़ हो या ग्रलफ्रैंड़ हो, लड़कियों को रिसपैक्ट देने वाले लड़के ही पसंद होते हैं। 

संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव

संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव

रेडियो तरंगों की तरह संगीत की भी शक्तिशाली तरंगें होती हैं। वे अपने प्रभाव क्षेत्र को प्रभावित करती हैं। उनसे वातावरण अनुप्राणित होता है। पदार्थों में हलचल मचती है और प्राणियों की मनोदशा पर उसका अनोखा प्रभाव पड़ता है। प्राणियों में मनुष्य की बौद्धिक एवं संवेदनात्मक क्षमता अन्य प्राणियों से विशिष्ट है। इसलिए संगीत का उस पर असाधारण प्रभाव पड़ता है। यों भाव संवेदना प्राणि मात्र पर पड़ती है। वे अपने सामान्य क्रिया कलाप रोक कर वादन ध्वनि के साथ लहराने लगते हैं। उनमें शब्द ज्ञान तो होता नहीं इसलिए गायनों का अर्थ समझने में असमर्थ रहने पर भी वे गीतों के साथ जुड़े हुए भाव संचार को ग्रहण करते और उससे Read More : संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव about संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव

क्या शुक्र ग्रह में कभी इंसान रहते थे ? जानिए शुक्र ग्रह के इतिहास को

क्या शुक्र ग्रह में कभी इंसान रहते थे ? जानिए शुक्र ग्रह के इतिहास को

हेल्लो दोस्तों आज के इस विडियो में मैं आपको बताऊंगा हमारे पृथ्वी की जुड़वाँ ग्रह शुक्र (Venus) की कहानी शुक्र ग्रह हमारे सौरमंडल का सूरज से दूसरा प्लेनेट है और हमारे सौरमंडल का सबसे गरम प्लेनेट | शुक्र ग्रह आकर और घनत्व में हमारे पृथ्वी के लगभग बराबर है लेकिन यहाँ जिन्दा रहना नामुमकिन ये एक मात्र ऐसा प्लेनेट है जो उलटी दिशा में घूमता है परन्तु वैज्ञानिक ऐसा मानते है की आज से कुछ करोड़ साल पहले यह बिलकुल पृथ्वी की जुड़वाँ ही यहाँ भी पृथ्वी के सामान समुद्र हुआ करती थी लेकिन आज वो बदल चुकी है | आखिर किस घटना ने शुक्र को बेजान बना दिया आईये जानते है आज के इस विडियो में

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प्लूटो के साथ क्या हुआ क्या प्लूटो अब नही रहा ?

प्लूटो के साथ क्या हुआ क्या प्लूटो अब नही रहा ?

हेल्लो दोस्तों आज के इस विडियो में मैं आपको बताऊंगा प्लूटो के बारे में आज हम प्लूटो की कहानी को जानेंगे शुरुवात से आपमें से कई लोग मुझे comment में पूछते है की Pluto को क्यों उड़ाया गया था क्या प्लूटो अब नही रहा या फिर ये आज भी अस्तित्व में है तो प्लूटो की खोज साल 1930 में हुई थी और जिस समय इसकी खोज हुई थी तब इसे इसके वास्तविक आकार से कई गुना ज्यादा अनुमानित किया गया था लेकिन बाद में जब इसे करीब से observe किया गया था तब देखा गया की ये तो बोहोत ही छोटा है परन्तु इसे साल 2006 में प्लेनेट के category से हटा दिया गया और इसे Dwarf planet के रूप में reclassify किया गया परन्तु ये पहली प्लेनेट थी Read More : प्लूटो के साथ क्या हुआ क्या प्लूटो अब नही रहा ? about प्लूटो के साथ क्या हुआ क्या प्लूटो अब नही रहा ?

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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