अब 'भेजा-टू-भेजा' भेज सकेंगे ईमेल!

अब 'भेजा-टू-भेजा' भेज सकेंगे ईमेल!

क्या हम किसी दिन अपने दिमाग़ों को इंटरनेट से जोड़ सकते हैं.

इंटरनेट कनेक्शन आज सबसे तेज़ और किसी भी अन्य संचार प्रणाली से बढ़कर हो गया है जो हमें जुड़े रखने में मदद करता है.

कभी-कभी हमें महसूस होता है कि हम अपनी इच्छा से ईमेल संचार करने की कगार पर हैं.

मैंने ईमेल भेजा, आपको मिला, आपने इसे पढ़ा और जवाब दिया- सब कुछ बस कुछ ही सेकंड में हो गया.

भले ही आप ये मानें या न मानें कि त्वरित संचार अच्छी बात है, लेकिन यह निश्चित तौर पर हो रहा है.

null
ull.

दिमाग़ से दिमाग़ के तार

इमेज कॉपीरइटTHINKSTOCK

बहुत समय नहीं बीता जब पह पत्र के लिए कई दिनों या हफ्तों तक इंतज़ार करते थे- लेकिन आज एक जवाब के लिए कुछ घंटों का इंतज़ार ही अनंत काल जैसा लगने लगता है.

शायद ऑनलाइन संचार में तेज़ी लाने का वेब पर अंतिम रास्ता सीधे दिमाग़ से दिमाग़ के बीच संचार होगा.

अगर दिमाग़ को ही इंटरनेट से जोड़ दिया जाए तो तंग करने वाली टाइपिंग की ज़रूरत ही नहीं रहेगी.

बस हमारा दिमाग़ कोई आइडिया सोचेगा और इसे तुरंत अपने दोस्त को भेज देगा. फिर चाहे वह एक ही कमरे में हो या फिर लाख़ों किलोमीटर दूर.

फ़ाइल फोटोइमेज कॉपीरइटSPL

बेशक, अभी हम वहाँ नहीं पहुँचे हैं, लेकिन हाल के एक अध्ययन ने इस दिशा में एक क़दम बढ़ाया है. इसमें उन लोगों के बीच इंटरनेट के ज़रिए दिमाग़ से दिमाग़ के बीच संचार का दावा किया गया है जो हज़ारों मील दूर हैं.

फ़ासला हज़ारों मील का

बार्सिलोना स्थित स्टारलैब के इस प्रोजेक्ट से जुड़े शोधकर्ता गिगलियो रुफ़िनी बताते हैं.

फ़ाइल फोटोइमेज कॉपीरइटSPL

भारत में केरल के एक व्यक्ति के सिर में ब्रेन कंप्यूटर इंटरफ़ेस लगाया गया, जिसने दिमाग़ी तरंगे रिकॉर्ड की.

इसके बाद उस व्यक्ति को हाथों और पैरों के बारे में सोचने के निर्देश देते हुए अपने हाथों या पैरों में हलचल करने को कहा गया.

सोचने वाले व्यक्ति ने अपने पैरों को हिलाया, तो कंप्यूटर ने 0 रिकॉर्ड किया, लेकिन यदि उसने अपने हाथों को हिलाया तो कंप्यूटर ने 1 रिकॉर्ड किया.

इसके बाद 0 और 1 की यह सिरीज़ इंटरनेट के ज़रिए फ्रांस के स्ट्रासबर्ग स्थित व्यक्ति को भेजी गई. फ्रांस वाले व्यक्ति को टीएमएस रोबोट फिट किया गया था.

जटिल प्रक्रिया

फ़ाइल फोटोइमेज कॉपीरइटSPL

जब संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने अपने हाथों को हिलाने के बारे में सोचा, टीएमएस रोबोट ने संदेश पाने वाले व्यक्ति के दिमाग़ में इस तरह से पकड़ा कि आंख बंद होने के बावजूद उसे रोशनी दिखाई दी.

पैरों के बारे में सोचने पर संदेश पाने वाले व्यक्ति को किसी तरह की रोशनी नहीं दिखाई दी.

ये कुछ आसान लग सकता है, लेकिन हर स्तर पर काफी जटिलताएं हैं. संदेश भेजने वाले को अपने हाथों और पैरों के बारे में सोचने पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित करना होता है.

दिमाग़ में किसी और तरह की गतिविधि से संदेशों में घालमेल का ख़तरा बना रहता है. वास्तव में संदेश भेजने वाले को इस प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित किया जाता है.

कामयाबी पहली बार

फ़ाइल फोटोइमेज कॉपीरइटTHINKSTOCK

इसके अलावा, ये प्रक्रिया भी बहुत धीमी है. रुफ़िनी कहते हैं, "इन प्रयोगों को दो तरह से देखा जा सकता है. पहला कि यह तकनीकी मामला है, और दूसरे कि ऐसी कामयाबी पहली बार मिली है."

लेकिन रुफ़िनी के सपने बड़े हैं. वे अहसास, भावनाओं और विचारों का सीधे दिमाग़ों के बीच संचार करना चाहते हैं.

रुफ़िनी कहते हैं, ‘‘अभी तकनीकी बेहद सीमित है, लेकिन बहुत जल्द बहुत ताक़तवर हो सकती है. ’’

फ़ाइल फोटोइमेज कॉपीरइटTHINKSTOCK

बेशक, इस तरह के प्रयोग सफल होने पर कई ख़तरे भी हैं. इंटरनेट पर भेजी जानी वाली हर चीज़ को हैक या ट्रैक किया जा सकता है.

दिमाग़ से दिमाग़ के बीच संदेशों के आदान-प्रदान की तकनीकी का ग़लत इस्तेमाल भी किया जा सकता है.

फिर भी, कम से कम अभी तो ये पहेली ही है. हो सकता है कि कई दशकों के बाद किसी दिन आप ईमेल, संदेश और यहां तक कि कोई लेख सीधे अपने दिमाग़ में पा रहे होंगे.

Vote: 
No votes yet

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.

विज्ञान एवं तकनीकी

विज्ञान एवं तकनीकी Total views Views today
'अलग-अलग सोएं खुश रहें' 1,524 5
कुछ लोग लेफ़्ट हैंड से क्यों लिखते हैं? 1,384 4
World Blood Donor Day: रक्तदान और उससे जुड़े मिथकों का सच 3,755 4
बच्चों के लिए प्रैम मददगार या ख़तरनाक? 1,729 4
गोली खाइए, और शुक्राणुओं को 'नजरबंद' कीजिए 1,518 4
फ़ाइजर की नज़र भारतीय कंपनी पर 1,580 3
चिप्स खाकर युवा ने गंवाई आंखों की रोशनी 1,901 3
अल्ज़ाइमर की नई दवा को कंपनी ने क्यों छिपाए रखा? 1,412 3
'महिलाओं के लिए वायग्रा' को मंज़ूरी 2,028 3
जींस पहनते समय लड़के करते हैं ये पांच गलतियां 2,055 3
बिना एसी के अपना घर यूं ठंडा रख सकते हैं 1,582 2
आप 'टालूराम' हैं तो ये ज़रूर पढ़ें 2,294 2
डीएनए की दुनिया 13,200 2
व्यायाम से बढ़ता है दिमाग़ 2,038 2
गोल्डन मिल्क दुनिया भर में क्यों हो रहा है मशहूर 1,462 2
जीन ढूँढा तिन पाइयाँ 1,654 2
पूरे चेहरे का 'सफल' ट्रांसप्लांट 2,008 2
पिता बनने के बाद पुरूषों में यौन उत्तेजना और टेस्टोस्टेरोन में कमी आने लगती है. 1,487 2
शाकाहारी हुई दुनिया तो हर साल 70 लाख तक कम मौतें 2,340 2
धरती पर सबसे पहले आया ये जीव! 17,602 2
ऑनलाइन एडिक्शन (लत) के लक्षण क्या हैं? 1,478 2
मरने से ठीक पहले दिमाग क्या सोचता है | 5,200 1
आकार में है सफलता की कुंजी 2,663 1
अब 'भेजा-टू-भेजा' भेज सकेंगे ईमेल! 1,745 1
क्या वाक़ई चीनी आप की सेहत के लिए ख़राब है? 1,967 1