अनार की खेती

अच्छी नींद के लिये योग करें

अच्छी नींद के लिये

यदि आदतन आप को रात को अच्छी नींद नहीं आती,तो यह संभव है कि आप की उम्र तेजी से ज्यादा बढ़ रही है और इसके अतिरिक्त आप को अच्छा नहीं लगता होगा और आपकी भ्रमित सोच होगी | जब हम नींद में होते हैं तब हमारा शरीर के कोशिका स्तर में सुधार होता है और विषाक्त पदार्थों का निष्कासन होता है | इसलिये प्रतिदिन ६-८ घंटों की नींद आवश्यक है |

यदि आप की पर्याप्त नींद नहीं होती, तो योग इसमें सहायता करेगा | निरंतर योग के अभ्यास से कई रोगों का निदान हुआ है जिसमें अनिद्रा और असामान्य नींद की आदतें शामिल है | दिन के अंत में योग तनाव से मुक्ति देता है जिससे रात में अच्छी नींद आती है | Read More : अच्छी नींद के लिये योग करें about अच्छी नींद के लिये योग करें

मयूरासन

इस आसन में आकृति मोर के समान बनती है इसलिए इसे मयूरासन कहते हैं। इस आसन को प्रतिदिन करने से कभी मधुमेह रोग के आप शिकार नही होते।

विधि-   Read More : मयूरासन about मयूरासन

योगासनों का सबसे बड़ा गुण

योगासनों का सबसे बड़ा गुण

 यह हैं कि वे सहज साध्य और सर्वसुलभ हैं। योगासन ऐसी व्यायाम पद्धति है जिसमें न तो कुछ विशेष व्यय होता है और न इतनी साधन-सामग्री की आवश्यकता होती है। योगासन अमीर-गरीब, बूढ़े-जवान, सबल-निर्बल सभी स्त्री-पुरुष कर सकते हैं। आसनों में जहां मांसपेशियों को तानने, सिकोड़ने और ऐंठने वाली क्रियायें करनी पड़ती हैं, वहीं दूसरी ओर साथ-साथ तनाव-खिंचाव दूर करनेवाली क्रियायें भी होती रहती हैं, जिससे शरीर की थकान मिट जाती है और आसनों से व्यय शक्ति वापिस मिल जाती है। शरीर और मन को तरोताजा करने, उनकी खोई हुई शक्ति की पूर्ति कर देने और आध्यात्मिक लाभ की दृष्टि से भी योगासनों का अपना अलग महत्त्व है। Read More : योगासनों का सबसे बड़ा गुण about योगासनों का सबसे बड़ा गुण

प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली क्या है ?

प्राकृतिक चिकित्सा

प्राकृतिक−चिकित्सा−प्रणाली का अर्थ है प्राकृतिक पदार्थों विशेषतः प्रकृति के पाँच मूल तत्वों द्वारा स्वास्थ्य−रक्षा और रोग निवारण का उपाय करना। विचारपूर्वक देखा जाय तो यह कोई गुह्य विषय नहीं है और जब तक मनुष्य स्वाभाविक और सीधा−सादा जीवन व्यतीत करता रहता है तब तक वह बिना अधिक सोचे−विचारे भी प्रकृति की इन शक्तियों का प्रयोग करके लाभान्वित होता रहता है। पर जब मनुष्य स्वाभाविकता को त्याग कर कृत्रिमता की ओर बढ़ता है, अपने रहन−सहन तथा खान−पान को अधिक आकर्षक और दिखावटी बनाने के लिये प्रकृति के सरल मार्ग से हटता जाता है तो उसकी स्वास्थ्य−सम्बन्धी उलझनें बढ़ने लगती हैं और समय−समय पर उसके शरीर में कष Read More : प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली क्या है ? about प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली क्या है ?

मिर्गी रोग को जड़ से खत्म करते हैं ये योगासन

मिर्गी रोग को जड़ से खत्म करते हैं ये योगासन

मिर्गी के लिए योग : मिर्गी एक दिमागी बीमारी है जिसमें रोगी को अचानक दौरा पड़ने लगता है। दौरा पड़ने पर व्यक्ति का दिमागी संतुलन बिगड़ जाता है और उसका शरीर अकड़ जाता है। मिर्गी के रोग को ठीक करने के लिए रोगी कई तरह के इलाज करवाते हैं लेकिन कई बार इससे दौरे पड़ने की स्थिति में फर्क नहीं पड़ता। ऐसे में योगासन करके मिर्गी की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है। आइए जानिए ऐसे ही कुछ योग क्रियाओं के बारे में Read More : मिर्गी रोग को जड़ से खत्म करते हैं ये योगासन about मिर्गी रोग को जड़ से खत्म करते हैं ये योगासन

शरीर और मन की शांति के लिये बालासन

शरीर और मन की शांति के लिये बालासन

माना जाता है कि मां की कोख से अच्‍छी आराम की जगह और कोई नहीं होती। तभी तो जब आप इस अवस्‍था में कभी लेटते हैं तो शरीर और दिमाग दोनों को ही आराम पहुंचता है। बालासन योग का अभ्‍यास आप अपने शरीर को आरामदायक स्थिति में लाने के लिए कर सकते हैं। इस आसन से मेरूदंड और कमर में खींचाव होता है और इनमें मौजूद तनाव दूर होता है। बालाअसन करने के फायदे- यह पीठ, कंधे और गर्दन के तनाव को दूर करता है। शरीर के भीतरी अंगो में लचीलापन लाता है। अगर गर्दन और कमर में दर्द रहता है तो वह भी ठीक हो जाता है। शरीर और दिमाग को शांति देता है। घुटनों और मासपेशियों को स्‍ट्रेच करता है। Read More : शरीर और मन की शांति के लिये बालासन about शरीर और मन की शांति के लिये बालासन

लाल लकीर वाली दवाए बिना डॉ की सलाह के कभी न लें

लाल लकीर वाली दवाए बिना डॉ की सलाह के कभी न लें, जिम्मेदार बने और दोस्तों को भी बताइये। जनहित के लिए ज्यादा से ज्यादा शेयर करे।

कुछ दवाएं जैसे की एंटीबायोटिक पर लाल लकीर होती है
इसका अर्थ होता है की ये दवाएं डॉ की सलाह से ही लेनी चाहिए Read More : लाल लकीर वाली दवाए बिना डॉ की सलाह के कभी न लें about लाल लकीर वाली दवाए बिना डॉ की सलाह के कभी न लें

गर्भावस्था में क्या खाएं क्या न खाएं

गर्भावस्था में क्या खाएं क्या न खाएं

प्रेग्नेंसी के दौरान एक हेल्दी डाइट मां के लिए सबसे बड़ी जरूरत होती है। इस दौरान शरीर को अतिरिक्त पोषक तत्वों, विटामिन्स और मिनरल्स की जरूरत पड़ती है। प्रेग्नेंसी की दूसरी और तीसरी तिमाही में गर्भवती महिला को हर दिन कम से कम 350-500 कैलोरी लेना आवश्यक है। मां के अंदर पोषक तत्वों की कमी उसके बच्चे के विकास पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। कम खाने की आदत या फिर अधिक वेट गेन दोनों मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह होते हैं। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में संतुलित पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए आपको इन फूड्स का सेवन जरूर करना चाहिए जिसके बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं। Read More : गर्भावस्था में क्या खाएं क्या न खाएं about गर्भावस्था में क्या खाएं क्या न खाएं

पानी पीने का मन नहीं होता तो इन भोजन को करें डायट में शामिल

पानी पीने का मन नहीं होता तो इन भोजन को करें डायट में शामिल

सर्दियों मे आपके शरीर में अक्सर पानी की कमी देखने को मिलती है क्योंकि इस समय आप पानी बहुत कम पीने लगते है। इसलिए आपकी सेहत को खतरा रहता है। आपके शरीर को सर्दियों में भी पानी की काभी आवश्यकता रहती है।

आपको सर्दियों में कम से कम 10 गिलास पानी रोजाना पीना चाहिए। आपको बता दें कि अगर आप ऐसा नहीं करते है तो आपके शरीर में ऊर्जा कम होने लगती है और आपका शरीर बीमार हो सकता है।

आज आपको बताएंगे कि अगर आप पानी नहीं पी पाते है तो कुछ भोजन को अपनी डायट में शामिल कर सकते है जो कि आपके शरीर से पानी की कमी सर्दियों में नहीं होनो देते है। Read More : पानी पीने का मन नहीं होता तो इन भोजन को करें डायट में शामिल about पानी पीने का मन नहीं होता तो इन भोजन को करें डायट में शामिल

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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