शांत प्रयोग सफल नहीं होता

शांत प्रयोग सफल नहीं होता

शांत प्रयोग सफल नहीं होता। क्योंकि आप भीतर इतने अशांत है कि जब आप आँख बंद करके बैठते हैं तो सिवाय अशांति के भीतर और कुछ भी नहीं होता। वह जो भीतर

अशांति है, वह चक्कर जोर से मारने लगती है। जब आप शांत होकर बैठते हैं, तब आपको सिवाय भीतर के उपद्रव के और कुछ भी नहीं दिखाई पड़ता।इसलिए, उचित तो यह है कि वह जो भीतर का उपद्रव है, उसे भी बाहर निकल जाने दें। हिम्मत से उसको भी बह जाने दें। उसके बह जाने पर, जैसे तूफान के बाद एक शांति आ जाती है, वैसी शांति आपको अनुभव होगी। तूफान तो धीरे-धीरे विलीन हो जाएगा और शांति स्थिर हो जाएगी।

यह कीर्तन का प्रयोग कैथार्सिस है। इसमें जो नाच रहे हैं लोग, कूद रहे हैं लोग, ये उनके भीतर के वेग हैं, जो निकल रहे हैं। इन वेगों के निकल जाने के बाद भीतर परम शून्यता का अनुभव होता है। उसी शून्यता से द्वार मिलता है और हम अनंत की यात्रा पर निकल जाते हैं।

Vote: 
No votes yet

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.

New Dhyan Updates

ओशो डाइनैमिक ध्‍यान
साधक के लिए पहली सीढ़ी शरीर है
ध्यान -:पूर्णिमा का चाँद
ध्वनि के केंद्र में स्नान करो
करने की बीमारी
शरीर और मन दो अलग चीजें नहीं हैं।
ध्यान: श्वास को विश्रांत करें
ध्यान :: कभी, अचानक ऐसे हो जाएं जैसे नहीं हैं
ओशो जिबरिश ध्यान विधि
जिबरिश ध्यान विधि
ओशो – तुम कौन हो ?
ओशो नाद ब्रह्म ध्‍यान
यही शरीर, बुद्ध: हां, तुम।
ओशो – ध्यान धन है ।
स्‍त्री-पुरूष जोड़ों के लिए नाद ब्रह्म ध्‍यान
ध्यान : अपनी श्वास का स्मरण रखें
स्‍त्री-पुरूष जोड़ों के लिए नाद ब्रह्म ध्‍यान
ओशो स्टाॅप मेडिटेशन
संकल्प कैसे काम करता है?
क्या आप सिगरेट छोड़ना चाहते हैं।
क्या जीवन को सीधा देखना संभव नहीं है?
ध्यान : संतुलन ध्यान
ओशो – अपनी नींद में ध्‍यान कैसे करें
ओशो —हर चक्र की अपनी नींद
स्त्रियां पुरुष के लिए आकर्षक क्यों बनना चाहती हैं जबकि वे पुरुषों की कामुकता जरा भी पसंद नहीं करतीं ?