प्रत्येक ध्यान के शीघ्र बाद करुणावान रहो

करुणावान व्यक्ति सर्वाधिक धनी होता है, वह सृष्टि के शिखर पर विराजमान है। उसकी कोई परिधि नहीं, कोई सीमा नहीं। वह बस देता है और अपनी रास्ते चला जाता है। वह तुम्हारे धन्यवाद की भी प्रतीक्षा नहीं करता। वह अत्यंत प्रेम से अपनी उर्जा को बांटता है। इसी को मैं स्वास्थ्य्प्रद कहता हूं।

बुद्ध अपने शिष्यों से कहा करते थे: प्रत्येक ध्यान के शीघ्र बाद करुणावान हो रहो, क्योंकि जब तुम ध्यान करते हो तो प्रेम बढ़ता है, हृदय प्रेम से भर जाता है। प्रत्येक ध्यान के बाद संपूर्ण संसार के लिये करुणा से भर जाओ ताकि तुम अपना प्रेम बांट सको और अपनी ऊर्जा को वातावरण में संप्रेषित कर सको और उस ऊर्जा का दूसरे इस्तेमाल कर सकें।

मैं भी तुमसे कहना चाहूंगा: प्रत्येक ध्यान के बाद जब तुम उत्सव मना रहे हो तो करुणावान हो रहो। ऐसा महसूस करो कि तुम्हारी ऊर्जा लोगों तक वैसे पहुंचे जैसे उन्हें जरूरत है। तुम बस इसे संप्रेषित कर दो! तुम भारमुक्त हो जाओगे, तुम अत्यंत विश्रांत महसूस करोगे, तुम अत्यंत शांत और स्थिर अनुभव करोगे और जो तरंगे तुमने संप्रेषित की हैं बहुत लोगों की सहायता करेंगी।हमेशा अपना ध्यान करुणा से समाप्त करो।

और करुणा बेशर्त होती है। तुम केवल उन लोगों के लिये ही करुणावान नहीं हो सकते जो तुम्हारे प्रति मैत्रीपूर्ण हैं, जो तुमसे संबंधित हैं।करुणा में सब सम्मिलित हैं...आंतरिक रूप में सब सम्मिलित हैं।तो यदि तुम अपने पड़ोसी के लिये करुणावान नहीं हो सकते तो ध्यान के बारे में सब भूल जाओ, क्योंकि इसका व्यक्ति विशेष से कुछ लेना-देना नहीं। इसका तुम्हारी आंतरिक अवस्था से कुछ लेना-देना नहीं। करुणा हो जाओ! बेशर्त,बिना किसी के प्रति,किसी व्यक्ति विशेष के लिये नहीं।तब तुम इस दु:ख भरे संसार के लिये एक स्वास्थ्य प्रदान करने वाली शक्ति बन जाते हो। "

Vote: 
No votes yet

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.

New Dhyan Updates

ध्यान : सब काल्पनिक है
पुनर्जन्‍म की बात
जब हनीमून समाप्त हो जाता है तो इसके बाद क्या?
साधक के लिए पहली सीढ़ी शरीर है
साप्ताहिक ध्यान : श्वास को शिथिल करो
ध्वनि के केंद्र में स्नान करो
प्रश्न:-क्या हम अपने अतीत के जन्‍मों को जान सकते है ?
तकिया पीटना ( ध्यान ) - नकारात्मकता को निकाल फेंकना
ओशो – एकाग्रता का महत्व
स्‍त्री-पुरूष जोड़ों के लिए नाद ब्रह्म ध्‍यान
ध्यान क्या है? ध्यान है पर्दा हटाने की कला। ओशो
क्या जीवन को सीधा देखना संभव नहीं है?
विपस्सना कैसे की जाती है?
प्रत्येक ध्यान के शीघ्र बाद करुणावान रहो
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान : क्या आप स्वयं के प्रति सच्चे हैं?
ध्यान : मौन का रंग
स्वर्णिम प्रकाश ध्यान : ओशो
ध्यान :: कभी, अचानक ऐसे हो जाएं जैसे नहीं हैं
ओशो – प्रेमपूर्ण हो जाओ
क्या यंत्र समाधि प्राप्त करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं?
ओशो देववाणी ध्यान
जिबरिश ध्यान विधि
ओशो नियो-विपस्याना ध्यान
ओशो गौरीशंकर ध्‍यान
ओशो स्टाॅप मेडिटेशन