स्वास्थ्य एवम् चिकित्सा विज्ञान

जींस पहनते समय लड़के करते हैं ये पांच गलतियां

जींस पहनते समय लड़के करते हैं ये पांच गलतियां

महिला हो या पुरुष उनकी ड्रेसिंग में जींस समान होती है, अंतर सिर्फ डिजाइन का होता है। आजकल सभी के लिए जींस पहनना काफी आसान विकल्प बन चुका है क्योंकि इसे कुर्ता, टॉप या शर्ट किसी भी चीज के साथ मैच किया जा सकता है। हालांकि, इसके भी कुछ कायदे होते हैं। खासकर पुरुष जींस पहनते समय कई गलतियां करते हैं, ऐसे में आपके लिए जानना जरुरी है कहीं आप भी तो ये गलतियां नहीं करते।  Read More : जींस पहनते समय लड़के करते हैं ये पांच गलतियां about जींस पहनते समय लड़के करते हैं ये पांच गलतियां

ऑनलाइन एडिक्शन (लत) के लक्षण क्या हैं?

ऑनलाइन एडिक्शन (लत) के लक्षण क्या हैं?

 

 

डॉक्टर मनोज कहते हैं, ''अगर कोई स्क्रीन के सामने लंबा वक़्त बिता रहा है तो ये एक बड़ा लक्षण है. हमारे यहां जो केस आए हैं, वो 6-7 घंटे स्क्रीन के सामने बैठने के हैं. लेकिन ऐसे भी लोग हैं जो 14-15 घंटे ऑनलाइन वेबसाइट्स को लगातार देखते हैं.''

NIMHANS का मानना है कि एक पहलू ये भी है कि लोग ऑनलाइन स्ट्रीमिंग को सच और असल दुनिया को झूठा मानने लगते हैं. इससे एजुकेशन और शिक्षा पर भी असर होता है.

 

आंकड़े किस ओर इशारा करते हैं? Read More : ऑनलाइन एडिक्शन (लत) के लक्षण क्या हैं? about ऑनलाइन एडिक्शन (लत) के लक्षण क्या हैं?

क्या आपके नाखून कीटाणु रहित हैं ?

क्या आपके नाखून कीटाणु रहित हैं ?

बीमारियों से बचने के लिए सबसे बड़ा नुस्ख़ा जो बताया जाता है वो है हाथ साफ़ रखने का. डॉक्टर हों या घर के बड़े बुजुर्ग, सब कहते हैं कि अपने हाथ हमेशा साफ़ रखें. शौच के बाद हाथों को साबुन से धोएं. खाने से पहले हाथ ज़रूर धोएं, वग़ैरह. लोग कहते हैं कि हाथ साफ़ रखने से कीटाणु नहीं फैलते. खाने-पीने का धंधा करने वालों को ख़ास तौर से हाथ साफ़ रखने को कहा जाता है.
मगर होता यूं है कि चाहे आप जितना हाथ रगड़ लें, उनसे बैक्टीरिया कभी पूरी तरह ख़त्म नहीं होते. इसीलिए अब मरीज़ों से बात करते वक़्त या उनकी पड़ताल करते वक़्त डॉक्टर और नर्स हाथों में दस्ताने पहनते हैं.
Read More : क्या आपके नाखून कीटाणु रहित हैं ? about क्या आपके नाखून कीटाणु रहित हैं ?

क्यों विकसित देशों में घट रहा है टीकाकरण पर यकीन-बीबीसी स्पेशल

आम जनता का टीकाकरण में घटता विश्वास समाज को जानलेवा बीमारियों से लड़ने के मामले में एक क़दम पीछे की ओर ढकेल रहा है.

टीकाकरण के प्रति लोगों की राय पर किए गए वैश्विक सर्वे के मुताबिक लोगों का इस प्रक्रिया में यकीन कम होता जा रहा है, दुनिया के कई इलाकों में ये बेहद कम है.

वेलकम ट्रस्ट के एक विश्लेषण में 140 देशों के 1 लाख 40 हज़ार से ज़्यादा लोगों की राय ली गई.

ये सर्वे ऐसे वक़्त में आया है जब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने टीकाकरण के प्रति लोगों की घटती रुचि को दुनिया भर में स्वास्थ्य के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक माना है. Read More : क्यों विकसित देशों में घट रहा है टीकाकरण पर यकीन-बीबीसी स्पेशल about क्यों विकसित देशों में घट रहा है टीकाकरण पर यकीन-बीबीसी स्पेशल

क्या है न्यूरोडेवेलेपमेंटल डिसऑर्डर?

क्या है न्यूरोडेवेलेपमेंटल डिसऑर्डर?

एडीएचडी, यानि एक तरह का न्यूरोडेवेलेपमेंटल डिसऑर्डर. आम तौर पर ये लड़कियों के मुक़ाबले लड़कों में ज़्यादा पाया जाता है.

लेकिन बहुत सी लड़कियों में ये लड़कों से भी ज़्यादा ख़तरनाक स्तर पर हो सकता है. मुख्य तौर पर ये डिसऑर्डर तीन तरह का होता है.

इसमें मरीज़ का दिमाग़ चीज़ों पर फ़ोकस नहीं कर पाता. छोटी-छोटी चीज़ों को बहुत जल्दी भूलता रहता है. इसका दूसरा रूप हम तब देखते हैं, जब मरीज़ बहुत ज़्यादा एक्टिव और बातूनी हो जाता है. वो कहीं भी घड़ी भर को टिक कर नहीं बैठ पाता. Read More : क्या है न्यूरोडेवेलेपमेंटल डिसऑर्डर? about क्या है न्यूरोडेवेलेपमेंटल डिसऑर्डर?

'कैंडल लाइट डिनर' से बचें !

सनस्क्रीन आपके लिए कितना सुरक्षित है?

सनस्क्रीन आपके लिए कितना सुरक्षित है?

हर मौसम की कुछ ख़ास ज़रूरत होती है.

बारिश में छाता ज़रूरी है तो सर्दी में गर्म कपड़े और सनस्क्रीन शायद गर्मियों के लिहाज़ से बेहद ज़रूरी.

लेकिन सनस्क्रीन का चलन बीते कुछ सालों में बढ़ा है. बाज़ार में तरह-तरह के विकल्प हैं. त्वचा के हिसाब से, रंगत के अनुसार और बेशक ज़रूरत के आधार पर भी.

डॉक्टर भी ये बताते हैं कि पराबैंगनी किरणों से स्किन या त्वचा का कैंसर होने का ख़तरा होता है और इसलिए भी सनस्क्रीन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए

लेकिन कई बार सनस्क्रीन के सुरक्षित होने को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं? Read More : सनस्क्रीन आपके लिए कितना सुरक्षित है? about सनस्क्रीन आपके लिए कितना सुरक्षित है?

मीठे पेय पदार्थ पीते हैं तो आपको हो सकता है कैंसर?

मीठे पेय पदार्थ पीते हैं तो आपको हो सकता है कैंसर?

फ्रांस के वैज्ञानिकों का कहना है कि फ़्रूट जूस और फ़िज़्ज़ी पोप जैसे मीठे पेय पदार्थों से कैंसर का ख़तरा बढ़ सकता है.

यह बात ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक शोध के आधार पर कही गई है. यह शोध एक लाख लोगों पर पांच सालों तक किया गया है.

यूनिवर्सिटी सरबोर्न पेरिस सिटे की टीम का मानना है कि इसकी वजह ब्लड शूगर लेवल हो सकता है. हालांकि, इस शोध को साबित करने के लिए अभी काफ़ी साक्ष्यों की आवश्यकता है और विशेषज्ञों को अभी इस पर और शोध के लिए कहा गया है. Read More : मीठे पेय पदार्थ पीते हैं तो आपको हो सकता है कैंसर? about मीठे पेय पदार्थ पीते हैं तो आपको हो सकता है कैंसर?

तीन बेहद सस्ती चीज़ें जो मिटा सकती हैं दुनिया भर से कुपोषण

तीन बेहद सस्ती चीज़ें जो मिटा सकती हैं दुनिया भर से कुपोषण

तीन बेहद सस्ती और आसानी से मिलने वाली चीज़ें कुपोषित बच्चों की हालत तेज़ी से सुधारने की क्षमता रखती हैं.

अमरीका की वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक शोध में पाया है कि ये तीन चीज़ें हैं- मूंगफली, चने और केले.

इन तीनों से तैयार किए गए आहार से आंतों में रहने वाले लाभदायक जीवाणुओं की हालत में सुधार होता है जिससे बच्चों का तेज़ी से विकास होता है.

बांग्लादेश में बहुत से कुपोषित बच्चों पर किए गए शोध के नतीज़ों के मुताबिक़, लाभदायक जीवाणुओं की संख्या बढ़ने से बच्चों की हड्डियों, दिमाग़ और पूरे शरीर के विकास में मदद मिलती है. Read More : तीन बेहद सस्ती चीज़ें जो मिटा सकती हैं दुनिया भर से कुपोषण about तीन बेहद सस्ती चीज़ें जो मिटा सकती हैं दुनिया भर से कुपोषण

एक हादसे ने कैसे एक शख्स को गणित का पंडित बना दिया

एक हादसे ने कैसे एक शख्स को गणित का पंडित बना दिया

गणित ऐसा विषय है, जिसमें बच्चों को अक्सर दिलचस्पी नहीं होती. बच्चों को गणित का टीचर किसी जल्लाद से कम नज़र नहीं आता.

इस विषय को नहीं पढ़ने के लिए बच्चे अपने ही तर्क देते हैं. उन्हें लगता है जोड़-जमा, घटाव और गुणा-भाग तक तो ठीक है लेकिन, रेखागणित और बीजगणित जैसे पेचीदा मसलों का रोज़मर्राह की ज़िंदगी में क्या काम?

लिहाज़ा इसे सीखने में इतनी माथा-पच्ची क्यों की जाए. यही तर्क देते थे अमरीका के अलास्का के बाशिंदे जेसन पैजेट. Read More : एक हादसे ने कैसे एक शख्स को गणित का पंडित बना दिया about एक हादसे ने कैसे एक शख्स को गणित का पंडित बना दिया

Pages

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.

विज्ञान एवं तकनीकी

विज्ञान एवं तकनीकी Total views Views today
आप 'टालूराम' हैं तो ये ज़रूर पढ़ें 2,313 7
फ़ाइजर की नज़र भारतीय कंपनी पर 1,599 6
आपको डेंटिस्‍ट की जरूरत नहीं पड़ेगी 4,314 6
आधे मस्तिष्क से भी इन्सान रह सकते हैं ज़िंदा ! 4,235 5
शाकाहारी हुई दुनिया तो हर साल 70 लाख तक कम मौतें 2,364 5
आकार में है सफलता की कुंजी 2,683 4
'गर्मी की वजह से बिगड़ता है बच्चों का रिजल्ट' 2,108 4
पूरे चेहरे का 'सफल' ट्रांसप्लांट 2,028 4
बढ़े हुए पेट से निजात पाना है आसान 4,947 4
पिता बनने के बाद पुरूषों में यौन उत्तेजना और टेस्टोस्टेरोन में कमी आने लगती है. 1,501 4
जींस पहनते समय लड़के करते हैं ये पांच गलतियां 2,069 4
क्या वाक़ई चीनी आप की सेहत के लिए ख़राब है? 1,989 3
शराब का खुमार महिलाओं पर ज़्यादा क्यों चढ़ता है 2,294 3
डीएनए की दुनिया 13,223 3
कृत्रिम अग्न्याशय 2018 तक उपलब्ध हो सकते हैं : वैज्ञानिक 5,629 3
दिमाग़ की उत्तेजना दिल के लिए फायदेमंद! 1,697 3
जी उठने की उम्मीद है लाशों को 6,765 3
वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में मानव शुक्राणु बनाने का दावा किया है. 1,494 3
हवाख़ोर योगी विज्ञान के लिए अबूझ पहेली 5,882 3
वो शख़्स जिसने भारत को दो महामारियों की वैक्सीन दी 2,234 3
धरती पर सबसे पहले आया ये जीव! 17,618 3
ऑनलाइन एडिक्शन (लत) के लक्षण क्या हैं? 1,495 3
मरने से ठीक पहले दिमाग क्या सोचता है | 5,219 2
चिप्स खाकर युवा ने गंवाई आंखों की रोशनी 1,920 2
अब 'भेजा-टू-भेजा' भेज सकेंगे ईमेल! 1,761 2