मनोविज्ञान
झूठ बोले कौआ काटे..
Submitted by Anand on 23 August 2019 - 12:22pmसेक्स रॉफ्टः जब 101 दिनों तक नाव पर कैद रहे 11 लोग
Submitted by Anand on 1 July 2019 - 2:59amहिंसा और सेक्स को लेकर साल 1973 में एक प्रयोग किया गया था, जिसमें 11 लोगों को तीन महीने के लिए समंदर में तैरते एक रॉफ़्ट (एक तरह की नाव) पर रखा गया.
मक़सद था इस बात की पड़ताल करना कि क्या विपरीत परिस्थितियों में उनमें उग्रता या हिंसा के भाव आते हैं या नहीं.
अपने समय के दुनिया के अग्रणी वैज्ञानिक और बॉयोलॉजिकल एंथ्रोपोलॉजी के विशेषज्ञ रहे सैंटियागो जीनोव्स को ये विचार नवंबर 1972 में एक विमान हाईजैक के बाद आया, जिसमें वो खुद भी सवार थे. Read More : सेक्स रॉफ्टः जब 101 दिनों तक नाव पर कैद रहे 11 लोग about सेक्स रॉफ्टः जब 101 दिनों तक नाव पर कैद रहे 11 लोग
भरी महफ़िल में बोलने से डरते हैं, तो पढ़िए
Submitted by Anand on 30 June 2019 - 8:37pmक्या आप किसी पार्टी में जाने के ख़याल से ही कांपने लगते हैं?
भरी महफ़िल में अपनी बात खुलकर कहने से कतराते हैं?
मीटिंग में प्रेज़ेंटेशन देने से घबराते हैं?
अगर आपका तजुर्बा ऐसा है, तो दुनिया में आप ऐसे अकेले इंसान नहीं. बहुत से लोग हैं जो संकोची और शर्मीले होते हैं. जिन्हें अजनबी लोगों से बात करने में हिचक होती है. जो पार्टियों में जाने से कतराते हैं. Read More : भरी महफ़िल में बोलने से डरते हैं, तो पढ़िए about भरी महफ़िल में बोलने से डरते हैं, तो पढ़िए
अपनी मदद ख़तरनाक
Submitted by Anand on 26 June 2019 - 5:07amएक नए शोध में कहा गया है कि आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आजमाए जाने वाले उपाय उल्टा प्रभाव डाल सकते हैं और घातक भी सिद्ध हो सकते हैं.
कनाडा के शोधकर्ताओं का मानना है कि जिन लोगों का आत्मविश्वास किन्हीं कारणों से कम हो जाता है और वो अगर बार बार अपने बारे में सकारात्मक बयान देते हैं तो इससे उन पर बुरा असर ही पड़ता है.
शोधकर्ताओं के अनुसार सकारात्मक टिप्पणियां उन्हीं लोगों को फ़ायदा पहुंचाती है जिनका आत्मविश्वास ऊंचा रहता है. Read More : अपनी मदद ख़तरनाक about अपनी मदद ख़तरनाक
'गर्मी की वजह से बिगड़ता है बच्चों का रिजल्ट'
Submitted by Anand on 25 June 2019 - 8:47amजैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, बच्चों का मन पढ़ाई में लगना कम हो जाता है और उनका रिज़ल्ट बिगड़ने लगता है.
ये दावा अमरीका में हुए एक अध्ययन में किया गया है. यहां के एक करोड़ स्कूली बच्चों पर 13 साल तक ये स्टडी की गई. इन बच्चों पर किए गए टेस्ट के नतीजों का विश्लेषण हावर्ड, यूसीएलए और स्टेट ऑफ जार्जिया की टीमों ने किया.
गर्मी के मौसम में परीक्षा देने वाले बच्चे हमेशा घुटन भरी गर्मी लगने की शिकायत करते हैं. Read More : 'गर्मी की वजह से बिगड़ता है बच्चों का रिजल्ट' about 'गर्मी की वजह से बिगड़ता है बच्चों का रिजल्ट'
अब आसान नहीं झूठ बोलना !
Submitted by Anand on 22 June 2019 - 1:23pmझूठ बोलने वालों के लिए एक बुरी ख़बर है. ब्रितानी वैज्ञानिकों ने झूठ पकड़ने वाली एक नई तकनीक का विकास किया है.
इस तकनीक में झूठ पकड़ने के लिए बात करने के दौरान चेहरे पर आए बदलाव को पढ़ने की कोशिश की जाती है.
ब्रैडफ़र्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने किसी व्यक्ति के झूठ बोलने पर उसके चेहरे पर ख़ून के प्रवाह और हाव-भाव में आए बदलाव पर नज़र रखी. Read More : अब आसान नहीं झूठ बोलना ! about अब आसान नहीं झूठ बोलना !
किस देश के लोग करते हैं दफ्तर में सबसे ज़्यादा काम?
Submitted by Anand on 15 June 2019 - 11:33amअक्सर आप लोगों को शिकायत करते सुनते हैं, कि
'काम बहुत ज़्यादा है'.
'दफ़्तर में देर तक रुकना पड़ता है'.
'यार, मेरे ऑफ़िस जाने का टाइम तो फ़िक्स है, मगर लौटने का नहीं'.
इन बातों से ये लगता है कि ऑफ़िस का टाइम अंतहीन सिलसिला है. काम इतना कि ख़त्म होने का नाम ही नहीं लेता.
भारत में ये मुश्किल इसलिए है, क्योंकि यहां काम के अधिकतम घंटे कितने होंगे, इसकी कोई आधिकारिक पाबंदी नहीं है. अलग-अलग कंपनियों में अलग-अलग नियम है. कहीं हफ़्ते में 60 घंटे काम होता है, तो कहीं 40-45 घंटे. Read More : किस देश के लोग करते हैं दफ्तर में सबसे ज़्यादा काम? about किस देश के लोग करते हैं दफ्तर में सबसे ज़्यादा काम?
अकेलेपन के सन्नाटे को चीरते 5 सच
Submitted by Anand on 12 June 2019 - 11:44amहम सब ने अपनी ज़िंदगी में कभी न कभी ख़ुद को अकेला महसूस किया होगा. आज दुनिया भर में अकेलेपन को लेकर बड़ी चर्चा हो रही है.
ब्रिटेन में एक मंत्री को सरकारी विभागों में अकेलेपन से जूझ रहे लोगों की समस्याओं को सुलझाने की ज़िम्मेदारी दी गई है.
दिक़्क़त ये है कि अकेलेपन को लेकर तमाम मिथक गढ़े गए हैं. ये सच्चाई से परे हैं. मगर बहुत से लोग इन पर यक़ीन करते हैं. Read More : अकेलेपन के सन्नाटे को चीरते 5 सच about अकेलेपन के सन्नाटे को चीरते 5 सच
गुदगुदी करने पर आदमी की तरह क्यों हंसते हैं चिम्पैंज़ी?
Submitted by Anand on 12 June 2019 - 2:40amकभी आपने सोचा है कि हमें हंसी क्यों आती है? शरीर के किसी ख़ास हिस्से को छूने पर गुदगुदी क्यों होती है?
नहीं सोचा ना?
तो चलिए, आज हंसी और गुदगुदी की ही बात करते हैं.
इंसानों के पुरखे बंदरों के रिश्तेदार थे, ये तो हम सब जानते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि इंसान को हंसने का हुनर भी बंदर परिवार से ही विरासत में मिला है.
हम ख़ुश होते हैं तो हंसते हैं. कोई बात अच्छी लगती है तो मुस्कुराते हैं. तो क्या ये सब चिम्पैंज़ी, बोनबोन जैसे प्राइमेट्स यानी वानर परिवार के सदस्यों के साथ भी होता है? Read More : गुदगुदी करने पर आदमी की तरह क्यों हंसते हैं चिम्पैंज़ी? about गुदगुदी करने पर आदमी की तरह क्यों हंसते हैं चिम्पैंज़ी?
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