मौलसरी औषधीय गुण
Submitted by Anand on 24 December 2019 - 5:05am– इसकी छाल को पच्चीस से पचास ग्राम की मात्रा में आधा लीटर पानी में उबालकर चतुर्थांश शेष रहने पर प्राप्त काढ़े से कुल्ला करने पर हिलते दांत स्थिर हो जाते हैं I
– इसके फलों को नियमित रूप से चबाने मात्र से दांतों को मजबूती प्राप्त होती है I
-छाल को बारीक पीसकर चूर्ण बनाकर मंजन करने से दांत बज्र के समान मजबूत होते हैं I
-इसकी छाल को पचास से एक सौ ग्राम की मात्रा में ढाई ग्राम पीपल एवं दो चम्मच शहद के साथ समान मात्रा में देशी घी मिलाकर मुख में रखकर चलाने से दाँतों के दर्द में बड़ा आराम मिलता है I Read More : मौलसरी औषधीय गुण about मौलसरी औषधीय गुण




