कृत्रिम न होओ , स्वाभाविक रहो अपने ऊपर आदर्श मत ओढो़
Submitted by Anand on 26 July 2019 - 12:50pmसहज-योग का अर्थ होता है — कृत्रिम न होओ , स्वाभाविक रहो अपने ऊपर आदर्श मत ओढो़ , आदर्श पाखंड लाते हैं ।
आदर्शों के कारण विकृति पैदा होती है ,क्योंकि कुछ तुम होते हो , कुछ तुम होने की चेष्टा करते हो , तनाव पैदा हो जाता है ।
फिर तुम जो हो वह दब जाता है , उसमें जो तुम होना चाहते हो ।
इसी का नाम पाखंड है ।
सरहपा कहता है ; तुम जैसे हो वैसे ही जीयो ।
जरा सोचो , जरा इस पर ध्यान करो ।
तुम जैसे हो वैसे ही जीयो , जो परिणाम हो । धोखा न दो । Read More : कृत्रिम न होओ , स्वाभाविक रहो अपने ऊपर आदर्श मत ओढो़ about कृत्रिम न होओ , स्वाभाविक रहो अपने ऊपर आदर्श मत ओढो़




