आयुर्वेद के अनुसार त्वचा तीन प्रकार कि होती है।
Submitted by vasna on 17 July 2019 - 12:39pmस्किन या त्वचा हमारे शरीर का एक अहम हिस्सा होती है। जिसे हम बाह्यत्वचा के नाम से भी जानते हैं। स्किन हमारे शरीर पर एक चादर की तरह लिपटी हुई होती है। यह वेष्टन प्रणाली का बड़ा और सबसे मुख्य अंग होता है, जो ऊतकों की कई परतो द्वारा निर्मित होती है और यह हमारे शरीर के कई अंगों की रक्षा करती है जैसे कि मांसपेशियां, अस्थियों और अन्य अंग।
आयुर्वेद के अनुसार त्वचा तीन प्रकार कि होती है।
1 वात त्वचा
2 पित्त त्वचा
3 कफ त्वचा Read More : आयुर्वेद के अनुसार त्वचा तीन प्रकार कि होती है। about आयुर्वेद के अनुसार त्वचा तीन प्रकार कि होती है।




