पेशाब के बाद वीर्य का रिसाव होंना

पेशाब के बाद वीर्य का रिसाव होंना

पेशाब के बाद स्पर्म लीकेज एक सामान्य स्थिति है, जो कुछ पुरुषों को अधिक प्रभावित करती है। हालाँकि यह लक्षण आमतौर पर हानिरहित होता है। लेकिन यदि किसी व्यक्ति को लगता है, कि पेशाब के बाद लीक होने वाला तरल पदार्थ वीर्य नहीं है, बल्कि किसी चोट या संक्रमण से संबंधित निर्वहन है, तब इस स्थिति में सम्बंधित व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। Read More : पेशाब के बाद वीर्य का रिसाव होंना about पेशाब के बाद वीर्य का रिसाव होंना

वीर्य रिसाव किन किन स्थितियों में हो सकता है?

वीर्य रिसाव किन किन स्थितियों में हो सकता है?

पेशाब के बाद वीर्य का रिसाव होंना – Seminal leaking after urination in hindi
साथी के साथ बातचीत के दौरान वीर्य का रिसाव होना – Sperm leakage during interaction with the partner in Hindi
बाथरूम का उपयोग करते समय वीर्य का रिसाव – Sperm leakage while using the bathroom in Hindi
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स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) क्या है

स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) क्या है

स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) पुरुषों में उत्पन्न होने वाली एक समस्या है, जिसके तहत बिना किसी यौन उत्तेजना के किसी भी समय लिंग से वीर्य का रिसाव होता है।

जब किसी पुरुष में सेक्स या जननांग उत्तेजना के दौरान स्खलन (ejaculates) होता है, तो लिंग से निकलने वाला सफ़ेद तरल पदार्थ वीर्य (स्पर्म) कहलाता है। स्पर्म मुख्य रूप से सेमिनल द्रव (seminal fluid) से बना है, जिसका निर्माण प्रोस्टेट और वीर्य पुटिका (seminal vesicle) द्वारा होता है। वीर्य पुटिका, प्रोस्टेट के पीछे स्थित एक छोटी ग्रंथि है। वीर्य में कुछ मात्रा में शुक्राणु उपस्थित होते हैं। Read More : स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) क्या है about स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) क्या है

स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) क्या है, कारण, लक्षण और ट्रीटमेंट

स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) क्या है, कारण, लक्षण और ट्रीटमेंट

स्पर्म लीकेज की समस्या एक सामान्य समस्या है, जो युवाओं को 20 बर्ष की उम्र के आसपास अधिक प्रभावित करती है। कभी कभी स्पर्म लीकेज होना कोई चिंता का विषय नहीं होता है लेकिन यदि बार बार स्पर्म लीकेज होता है तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है जिसके कारण इसका इलाज किया जाना आवश्यक हो जाता है। इसके अतिरिक्त वीर्य का रिसाव कभी-कभी यौन संचारित रोग का संकेत हो सकता है। वीर्य रिसाव पीठ दर्द, बालों का झड़ना और अंडकोष में दर्द आदि लक्षणों के उत्पन्न होने का कारण भी बन सकता है। Read More : स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) क्या है, कारण, लक्षण और ट्रीटमेंट about स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) क्या है, कारण, लक्षण और ट्रीटमेंट

निल शुक्राणु से बचाव

निल शुक्राणु से बचाव

यदि निल शुक्राणु (Azoospermia) या अशुक्राणुता का कारण आनुवंशिक समस्या है, तो इसकी रोकथाम का कोई उचित तरीका ज्ञात नहीं है। अन्य कारणों से होने वाले एजुस्पर्मिया की रोकथाम के लिए कोई भी व्यक्ति निम्नलिखित उपाय अपना सकता है, जैसे: Read More : निल शुक्राणु से बचाव about निल शुक्राणु से बचाव

अशुक्राणुता (निल शुक्राणु) का उपचार

अशुक्राणुता (निल शुक्राणु) का उपचार

निल शुक्राणु या अशुक्राणुता का इलाज तब जरुरी हो जाता है, जब कोई पुरुष बच्चे पैदा करना चाहता है। यदि निल शुक्राणु का कारण ब्लॉकेज होता है, तो इसके इलाज के लिए सर्जरी की सिफारिश की जा सकती है। अतः प्रजनन पथ में रुकावट की स्थिति का सफल इलाज सर्जरी के माध्यम से किया जा सकता है। लेकिन जो व्यक्ति सर्जरी कराना नहीं चाहते हैं, तो वह व्यक्ति इस स्थिति में एक छोटी और पतली सुई का उपयोग अंडकोष से शुक्राणु को निकालने के लिए कर सकते हैं। फिर, शुक्राणु के इस नमूने को इन विट्रो निषेचन (in vitro fertilization (IVF)) में उपयोग करने के लिए फ्रीज करके रखा जा सकता है। एजुस्पर्मिया का उपचार, इसके प्रकार और कारणो Read More : अशुक्राणुता (निल शुक्राणु) का उपचार about अशुक्राणुता (निल शुक्राणु) का उपचार

ऑब्सट्रक्टिव एजुस्पर्मिया के कारण

ऑब्सट्रक्टिव एजुस्पर्मिया के कारण

पिडीडिमिस ब्लॉकेज (Epididymis blockages) – अनेक प्रकार की स्थितियां एपिडीडिमिस में रुकावट का कारण बन सकती हैं, जिनमें शामिल हैं:

संक्रमण
सूजन
अंडकोश की चोट
आनुवंशिक स्थितियां
पुरुष नसबंदी
सिस्टिक फाइब्रोसिस, इत्यादि।
वास डेफरेंस पर सर्जरी (Surgery on the vas deferens) – सर्जन शुक्राणु के प्रवाह को रोकते हुए प्रत्येक वास डेफरेंस को काटता या दबाता है, जिसके कारण निल शुक्राणु की समस्या उत्पन्न हो सकती है। वास डेफरेंस पर सर्जरी करने के अनेक कारण हो सकते हैं, जैसे: अभिघात, चोट या हर्निया की मरम्मत, इत्यादि। Read More : ऑब्सट्रक्टिव एजुस्पर्मिया के कारण about ऑब्सट्रक्टिव एजुस्पर्मिया के कारण

एजुस्पर्मिया (निल शुक्राणु) के कारण

एजुस्पर्मिया (निल शुक्राणु) के कारण

उपचार योजना बनाने से पहले एज़ोस्पर्मिया के कारणों का निर्धारण करना आवश्यकता होता है। वीर्य में शुक्राणु की अनुपस्थिति के दो मुख्य कारण हो सकते हैं:

पहला – पूरी तरह से सामान्य शुक्राणु का उत्पादन होने के साथ साथ पुरुष जननांग प्रणाली में रुकावट या अवरोध
दूसरा – तुच्छ या दुर्बल मात्रा में शुक्राणु उत्पादन (poor sperm production) Read More : एजुस्पर्मिया (निल शुक्राणु) के कारण about एजुस्पर्मिया (निल शुक्राणु) के कारण

निल शुक्राणु के लक्षण

निल शुक्राणु के लक्षण

वास्तव में एजुस्पर्मिया की अधिकांश स्थितियों में किसी भी प्रकार के लक्षण देखने को नहीं मिलते हैं। इस स्थिति का पता डॉक्टर द्वारा जाँच करके लगाया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति अपनी यौन साथी को गर्भवती कराने में अक्षम है, तो उसे एजुस्पर्मिया के निदान के लिए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। अर्थात बांझपन ही एजुस्पर्मिया का एकमात्र संकेत हो सकता है। इसके अतिरिक्त एजुस्पर्मिया की कुछ स्थितियों में निम्न लक्षणों को देखा जा सकता है, जैसे: Read More : निल शुक्राणु के लक्षण about निल शुक्राणु के लक्षण

एजुस्पर्मिया के प्रकार

एजुस्पर्मिया के प्रकार

ऑब्सट्रक्टिव एजुस्पर्मिया (Obstructive azoospermia) – इस स्थिति में, सामान्य रूप से शुक्राणु का उत्पादन होता है, लेकिन दोनों अंडकोष के लिए प्रजनन पथ (reproductive tract) अवरुद्ध होता है। जिसके कारण इस स्थिति में कोई भी शुक्राणु, वीर्य तक नहीं पहुँच पाता है। कुछ रोगियों को प्रत्येक अंडकोश की तरफ एक अलग समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऑब्सट्रक्टिव एजुस्पर्मिया की समस्या एपिडीडिमिस, स्खलन नलिकाओं या वास डेफरेंस के ब्लॉकेज होने के कारण उत्पन्न होती है। इस स्थिति को पोस्ट-टेस्टिकुलर एजुस्पर्मिया (Post-testicular azoospermia) के नाम से भी जाना जाता है। Read More : एजुस्पर्मिया के प्रकार about एजुस्पर्मिया के प्रकार

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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