योनि से जुड़े रोग और उपचार

योनि से जुड़े रोग और उपचार

जानिए योनि से जुड़े रोग और उपचार के बारे में, महिलाओं से जुड़ी कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जिनके बारे में हर महिला को जानकारी होनी चाहिए। महिलाओं के प्रजनन अंग बहुत संवेदनशील होते हैं और बेहतर साफ-सफाई न होने एवं सेक्स के दौरान कुछ विशेष बातों का ध्यान न रखने के कारण उन्हें यौन रोग हो जाते हैं। यौन रोगों में आमतौर यौन संचारित रोग(STD) एवं यौन संचारित संक्रमण(STI) सहित अन्य यौन रोग शामिल हैं। ज्यादातर महिलाएं योनि में असामान्य स्राव होने एवं जलन एवं खुजली को साधारण समझती हैं और उसपर अधिक ध्यान नहीं देती हैं लेकिन Read More : योनि से जुड़े रोग और उपचार about योनि से जुड़े रोग और उपचार

यौन रोग एसटीडी के लक्षण होने पर क्या करें

यदि आपको यौन रोग के कोई लक्षण नजर आते हैं, या आपको लगता है कि कोई यौनसंचारित रोग हो सकता है (क्योंकि आपने असुरक्षित सेक्स किया है), तो एसटीडी क्लीनिक जाएं और डाक्टर से मिलें। यदि समय पर इलाज शुरू कर दिया जाए, तो अधिकांश यौनसंचारित रोगों को ठीक किया जा सकता है।  इलाज न होने पर इनके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

किसे होती है STDs होने की अधिक संभावना

किशोरों और युवा वयस्‍कों (15 से 24 वर्ष) को यौन संचारित रोग (एसटीडी) होने का अधिक जोखिम होता है। इसके अलावा वे लोग जो सैक्स के समय सावधानी नहीं रखते या अपने जननांगों को साफ नहीं करते, उन्हें भी यह रोग होने की आशंका अधिक होती है। Read More : किसे होती है STDs होने की अधिक संभावना about किसे होती है STDs होने की अधिक संभावना

पुरुषों में एसटीडी के लक्षण

  • पेसाब के समय दर्द

अकसर जो लोग एसटीडी से पीड़ित हैं उनके लिंग में पेसाब के दौरान दर्द होता है |

  • penile डिस्चार्ज

एसटीडी से पीड़ित पुरुषों को penile डिस्चार्ज की समस्या हो जाती है | इस समस्या में ना चाहते हुए भी पुरुष का वीर्य किसी भे वक्त उसके लिंग से बाहर निकल जाता है | इस समस्या में वीर्य के अलावा लिंग के माध्यम से सफ़ेद, हरा, और पीला रंग का चिपचिपा लिक्विड रिलीज़ होता है | Read More : पुरुषों में एसटीडी के लक्षण about पुरुषों में एसटीडी के लक्षण

महिलाओं में एसटीडी के लक्षण

एसटीडी के दौरान महिलाओं के योनि से कभी-कभी पतला, दूध जैसा सफ़ेद, पीला, और हरा पदार्थ निकलता है | योनि से स्राव, या पुरूषों के लिंग से स्राव हो सकता है।

  • योनि में खुजली

​​​​​​​एसटीडी के समय महिलाओं के योनि में बहुत ज्यादा या ये भी कहा जा सकता है की दिनभर खुलजी होती है|

  • योनि में छाले पड़ जाना

एसटीडी से पीड़ित महिलाओं के योनि में छाले भी पड़ सकते हैं जो एसटीडी की पहचान कराते हैं | Read More : महिलाओं में एसटीडी के लक्षण about महिलाओं में एसटीडी के लक्षण

सबसे कॉमन योन संचारित रोग एसटीडी के लक्षण – पुरुषों और महिलाओं में

सबसे कॉमन योन संचारित रोग एसटीडी के लक्षण – पुरुषों और महिलाओं में

एसटीडी सेक्स संबंधी रोग है जिसके कई सारे कारण हो सकते हैं जो महिला और पुरुष दोनों के शरीर को नुकसान पहुंचाने में कोई भी कसर नहीं छोड़ते हैं | एसटीडी पुरुष और महिला दोनों में हो सकता है दोनों में एसटीडी के लक्षण अलग-अलग होते  है और उन लक्षणों को जानना सभी को जरूरी है ताकि एसटीडी से पीड़ित लोग इसका अच्छी तरह से इलाज कर सके | आज हम आपको एसटीडी के कुछ ऐसे लक्षण के बारे में बताने जा रहे है जिनको जानना आपके लिए बहुत जरूरी है | Read More : सबसे कॉमन योन संचारित रोग एसटीडी के लक्षण – पुरुषों और महिलाओं में about सबसे कॉमन योन संचारित रोग एसटीडी के लक्षण – पुरुषों और महिलाओं में

खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल कर आप स्तर कैंसर के खतरे से बच सकते हैं।

  1. हल्दी मेंcurcumin नामक कंपाउंड होता है जो विभिन्न प्रकारके कैंसर सेल्स जैसे ब्रैस्ट, गैस्ट्रोइंटेस्टिनल, लंग और स्किन कैंसर को रोकता है
  2. सैल्मन मछली में भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होते हैं जोकैंसर ट्यूमर की ग्रोथ को कम कर देते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देते हैं।
  3. टमाटर का नियमित सेवन करने से रजोनिव्रत्ति के बाद की महिलायों में ब्रैस्ट कैंसर होने की सम्भावना काफी कम हो जाती है

ब्रेस्ट कैंसर की जाँच व इलाज

स्तनों में पड़ने वाली गांठ को मेमोग्राफी के ज़रिए पता किया जा सकता है। इससे ब्रेस्ट कैंसर का भी पता लगाया जा सकता है और मेमोग्राफी कराने में ज्य़ादा पैसे भी नहीं लगते। 30 से 35 साल की महिला को एक बार मेमोग्राफी ज़रूर करानी चाहिए। ब्रेस्ट में गांठ और समय के साथ इसका आकार बढ़ना,  ब्रेस्ट का असामान्य तरीके से बढ़ना, बगल में सूजन आना, निप्पल का लाल पड़ना या उनसे खून आना, यदि आपके स्तन में कोई उभार या असामान्य मोटाई लगे तो तुरंत अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें। Read More : ब्रेस्ट कैंसर की जाँच व इलाज about ब्रेस्ट कैंसर की जाँच व इलाज

स्तन को दबाने पर दर्द न होना

महिलाओं के स्तन में दर्द के कई कारण होते हैं। कभी कभी पीरियड्स आने के समय हार्मोन्स असंतुलित होने की वजह से भी स्तन में दर्द की शिकायत रहती है। इस दर्द को चक्रीय दर्द कहा जाता है। चक्रीय दर्द, माहवारी आने के एक या दो हफ्ते पहले शुरू होता है और माहवारी के बाद यह दर्द बंद हो जाता है। इसके अलावा गैर चक्रीय कारण भी हैं जो कि स्तन में दर्द का कारण बनता है। लेकिन यदि आपको एसा किसी भी प्रकार का दर्द नहीं हो रहा और खासकर स्तन को दबाने पर तो आपको अपने डॉक्टर से सलाह जरुर लेनी चाहिए Read More : स्तन को दबाने पर दर्द न होना about स्तन को दबाने पर दर्द न होना

स्तनों में खुजली होना

स्तनों में बिना किसी कारण खुजली होना भी ब्रैस्ट कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है, लेकिन यह बहुत ही दुर्लभ कारण है। यह ज्यादातर इन्फ्लामेट्री ब्रैस्ट कैंसर के केसेस में होता है। ट्यूमर के कारण ऊपर की स्किन लाल, सूजी हुई, दर्दनाक और खुजलीदार हो सकती है।

इस दौरान खुजली काफी ज्यादा होती है और आपको खरोंच-खरोंच कर खुजाने का मन करता है। लेकिन काफी खुजाने के बाद भी और दवा या लोशन लगाने के बाद भी खुजली से आराम नहीं मिलता। दि आपको अपने स्तनों में अत्यधिक होती है जो खुजलाने के बाद या दवा लगाने के बाद भी ठीक नहीं होती तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। Read More : स्तनों में खुजली होना about स्तनों में खुजली होना

Pages

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.