पृथ्वी के रहस्य

टिड्डियों के कुछ रोचक तथ्य

टिड्डियों के कुछ रोचक तथ्य

जानते हैं टिड्डियों के बारे में कुछ रोचक तथ्य :-

टिड्डियों को अंग्रेजी में Locusts कहा जाता है।

टिड्डियों की दुनिया भर में 10 हज़ार से ज़्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन भारत में मुख्य तौर से चार प्रजातियां रेगिस्तानी टिड्डा, प्रव्राजक टिड्डा, बम्बई टिड्डा और पेड़ वाला टिड्डा ही पाई जाती है।

जब हरे भरे घास के मैदान में रेगिस्तानी टिड्डे इकठ्ठे होते हैं तो जुंड में भयानक हो जाते हैं, और वे हर भरे घास के मैदान को साफ कर सकते हैं।

इसलिए इन्हें दुनिया का सबसे खतरनाक कीट कहा जाता है।

आसमान में उड़ते टिड्डी दलों में दस अरब टिड्डे तक हो सकते हैं। Read More : टिड्डियों के कुछ रोचक तथ्य about टिड्डियों के कुछ रोचक तथ्य

भूकंप भविष्यवाणी की तकनीक खोज रहे हैं भारतीय वैज्ञानिक

भूकंप भविष्यवाणी की तकनीक खोज रहे हैं भारतीय वैज्ञानिक

भूकंप आखिर क्यों आता है? इस अनसुलझे रहस्य का पता लगाने के लिए देश के वैज्ञानिक अब तक की सबसे बड़ी रिसर्च में लगे हुए हैं.
हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय भू-भौतिकी अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई) वैज्ञानिकों ने इसके लिए महाराष्ट्र के कोयना में जमीन के 7 किमी अदंर होने वाली हलचलों का अध्यन शुरु किया है.
Read More : भूकंप भविष्यवाणी की तकनीक खोज रहे हैं भारतीय वैज्ञानिक about भूकंप भविष्यवाणी की तकनीक खोज रहे हैं भारतीय वैज्ञानिक

पृथ्वी पर उत्पत्ति का राज़ क्या है?

पृथ्वी पर उत्पत्ति का राज़ क्या है?

पृथ्वी पर जीवन कैसे शुरू हुआ, इसे समझने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों का एक समूह ब्रिटेन से मध्य अटलांटिक महासागर के लिए रवाना हो रहा है.

वैज्ञानिकों का ये दल समुद्र तल की गहराई से सूक्ष्म जीवों के नमूने इकट्ठे करेगा.

नमूने जुटाने के लिए रिमोट-कंट्रोल ड्रिल की मदद ली जाएगी.

रिमोट-कंट्रोल ड्रिल की मदद से वैज्ञानिक समुद्र तल में छेद करके पत्थरों और समुद्री सूक्ष्म जीवों के नमूने जुटाएंगे.

वे समुद्र में पानी के नीचे मौजूद पहाड़ों का शृंखला की खोज करेंगे. Read More : पृथ्वी पर उत्पत्ति का राज़ क्या है? about पृथ्वी पर उत्पत्ति का राज़ क्या है?

नक़्शों में उत्तर दिशा ऊपर क्यों? जबकी दुनिया गोल

 नक़्शों में उत्तर दिशा ऊपर क्यों? जबकी दुनिया गोल

सभी नक़्शों में उत्तर दिशा को ऊपर दिखाया जाता है. क्या कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों किया जाता है? जबकि धरती तो गोल है.

अगर इसको आसमान से देखें तो क्या आपको ऊपर से उत्तर सबसे ऊपर नज़र आएगा? आपका जवाब शायद हां में हो.

क्योंकि बचपन से आप नक़्शे में उत्तर दिशा को ऊपर जो देखते आ रहे हैं. मगर, आपका ख़्याल ग़लत है.

वैसे उत्तर दिशा को सबसे ऊपर समझने का ग़लत ख़्याल सिर्फ़ आपका नहीं, पूरी दुनिया ही ऐसा समझती, मानती है.

मगर, सच तो ये है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है. वैज्ञानिक आधार पर कोई ये नहीं कह सकता कि उत्तर दिशा सबसे ऊपर होती है. Read More : नक़्शों में उत्तर दिशा ऊपर क्यों? जबकी दुनिया गोल about नक़्शों में उत्तर दिशा ऊपर क्यों? जबकी दुनिया गोल

कई जंगलों को निगलने वाला 'महादैत्य' मशरूम

कई जंगलों को निगलने वाला 'महादैत्य' मशरूम

इक्कीसवीं सदी का दूसरा दशक ख़त्म होने को है. आबादी के बोझ से धरती कराह रही है. धरती की आब-ओ-हवा बिगड़ रही है. पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है. प्लास्टिक का कचरा इंसानियत के भविष्य को रौंद रहा है.

ऐसे में इंसान को आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित बनाने के लिए ज़रूरत है चमत्कार की. ऐसा चमत्कार, जो इन चुनौतियों से पार पाने में मदद करे. धरती पर प्रदूषण कम करे. पर्यावरण को नुक़सान पहुंचाने वाली चीज़ों का बेहतर क़ुदरती विकल्प बने.

अब ये चमत्कार तो क़ुदरत ही कर सकती है. वैज्ञानिकों को लगता है कि प्रकृति ने हमें वो नेमत दे रखी है. ज़रूरत है बस उसके फ़ायदों पर से पर्दा हटाने की. Read More : कई जंगलों को निगलने वाला 'महादैत्य' मशरूम about कई जंगलों को निगलने वाला 'महादैत्य' मशरूम

दैत्याकार चींटियाँ हुआ करती थीं

दैत्याकार चींटियाँ हुआ करती थीं

अमरीकी वैज्ञानिकों की एक टीम ने ऐसी दैत्याकार चींटियों की प्रजाति का जीवाश्म खोज निकाला हैं जिनके बारे में आज तक दुनिया अनजान थी.

वैज्ञानिकों ने चींटी की इस प्रजाति का नाम दिया है ”टाइटैनोमिरमा लुबई”.

इन चींटियों की लम्बाई दो इंच यानि पांच सेटीमीटर से भी ज़्यादा थी.

वैज्ञानिकों का मानना है कि आज के मुकाबले जब धरती ज़्यादा गर्म थी तब चींटियों की इस प्रजाति ने या तो यूरोप से उत्तरी अमरीका की ओर या फिर उत्तरी अमरीका से यूरोप की ओर पलायन किया. Read More : दैत्याकार चींटियाँ हुआ करती थीं about दैत्याकार चींटियाँ हुआ करती थीं

पहिया आख़िर किसने बनाया और इसके आविष्कार में देर क्यों लगी?

पहिया आख़िर किसने बनाया और इसके आविष्कार में देर क्यों लगी?

इंसानों के लिए पहिया बेहद महत्वपूर्ण आविष्कार है. इतना ज्यादा कि इसके बिना दुनिया की कल्पना नहीं की जा सकती.

असंख्य मशीनों में पहियों को इस्तेमाल किया जाता है. मगर यह पहिया आया कहां से?

पहिया यानी एक ऐसा यांत्रिक पुर्ज़ा जो चक्र के आकार का होता है और एक धुरी पर घूमता है.

सबसे पुराने पहिये के सबूत 3500 ईसा पूर्व के हैं, जो प्राचीन मेसोपोटामिया में पाए गए थे. इन पहियों को मिट्टी के बर्तन बनाने वाले इस्तेमाल करते थे. हर जगह पहिये को लेकर जो साक्ष्य मिले हैं, उनसे पता चलता है कि पहिया बहुत सी चीज़ों से अपेक्षाकृत नया आविष्कार है. Read More : पहिया आख़िर किसने बनाया और इसके आविष्कार में देर क्यों लगी? about पहिया आख़िर किसने बनाया और इसके आविष्कार में देर क्यों लगी?

डायनासोर का सबसे प्राचीन बिल

जब ख़त्म हुए डायनासोर, कैसा था पृथ्वी पर वो आख़िरी दिन?

जब ख़त्म हुए डायनासोर, कैसा था पृथ्वी पर वो आख़िरी दिन?

पृथ्वी पर सबसे विनाशकारी दिनों में से एक के बारे में वैज्ञानिकों को नए साक्ष्य मिले हैं. वैज्ञानिकों ने मैक्सिको की खाड़ी से मिले एक 130 मीटर की चट्टान के एक टुकड़े का परीक्षण किया है. इस चट्टान में मौजूद कुछ ऐसे तत्व मिले हैं जिनके बारे में बताया जा रहा है कि 6.6 करोड़ साल पहले एक बड़े क्षुद्रग्रह (ऐस्टरॉइड) के पृथ्वी से टकराने के बाद यह जमा हुई थी.

इसके प्रभाव का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह वही उल्कापिंड है जिसके कारण विशालकाल डायनासोर विलुप्त हो गए थे. इस उल्का पिंड से टकराने से वहां 100 किलोमीटर चौड़ा और 30 किलोमीटर गहरा गड्ढा बन गया था. Read More : जब ख़त्म हुए डायनासोर, कैसा था पृथ्वी पर वो आख़िरी दिन? about जब ख़त्म हुए डायनासोर, कैसा था पृथ्वी पर वो आख़िरी दिन?

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