कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है-
Submitted by Anand on 19 November 2019 - 12:23pmबागेश्री- विरहोत्कंठिता नारी का सजीव चित्रण
गुणक्री -वासक सज्जा नायिका
तोड़ी - विरह दग्धा, विरहिणी
ललित- खंडिता नारी (वियोग श्रृंगार)
रागेश्री- विप्रलब्धा
बहार- उत्साही युवक
जोगिया - वेदना, करूणा से भरी स्त्री
सोहनी- आवेश युक्त प्रेम कलह से उग्र
भैरवी - अनेक रंग, भक्ति, करूणा, विरह, खुशी।
दरबारी - प्रौढ़, गम्भीर, राजसी व्यक्तित्व वाला
अड़ाना - चंचल, उत्साही युवक
मारवा- वेदना ग्रस्त पुरूष
मालकौंस- शान्त, सौम्य
हिंडोल -आवेश युक्त, उग्र, उदभट Read More : कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- about कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है-












