पवनमुक्तासन कैसे किया जाता है
Submitted by Anand on 31 July 2019 - 12:29pmसीधे लेटकर दांये पैर के घुटने को छाती पर रखें। दोनों हाथों को अंगुलियां एक दूसरे में डालते हुये घुटने पर रखें, श्वांस बाहर निकालते हुये घुटने को दबाकर छाती से लगायें एवं सिर को उठाते हुये घुटने से नासिका का स्पर्श करें। 10 से 30 सैकण्ड रोकते हुये फिर पैर को सीधा कर दें। इसी तरह दूसरे पैर से करें। अन्त में दोनों पैरों से एक साथ करें।
वायु विकार, स्त्रीरोग, मोटापा, कमरदर्द, हृदयरोग में लाभप्रद। यदि कमर में दर्द हो तो सिर उठाकर घुटने से नासिका ना लगायें। केवल पैरो को दबाकर छाती से स्पर्श करें। इससे स्लिपडिस्क, सायटिका, कमरदर्द में लाभ होता है। Read More : पवनमुक्तासन कैसे किया जाता है about पवनमुक्तासन कैसे किया जाता है




