12वीं के बाद प्रतियोगी परीक्षाएं जो दे रही हैं दस्तक

12वीं के बाद प्रतियोगी परीक्षाएं जो दे रही हैं दस्तक

12वीं बोर्ड की परीक्षा एक ओर जहाँ ख़त्म हो जाती है। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव अब बढ़ जाता है। कई प्रतियोगी परीक्षाओं की आवेदन प्रक्रिया जारी हो जाती है, जिनके लिए 12वीं पास विद्यार्थी ही नहीं, 12वीं की परीक्षा की तैयारी में जुटे विद्यार्थी भी आवेदन कर सकते हैं।
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कारण- जिनकी वजह से पढाई में मन नहीं लगता

कारण- जिनकी वजह से पढाई में मन नहीं लगता

"पढाई में नहीं लगता",  "पढा हुआ याद नहीं रह्ता", "बार बार मन उचटता है", क्या करूं??, ये वो मैसेज हैंं जो हमें प्रतिदिन प्राप्त होते हैं  इस समस्या का सामना अक्सर तैयारी करने वाले छात्रों को करना पडता है, आज हम इस समस्या को समझने का प्रयास करते हैं और आशा है बहुत हद तक आपकी समस्या का समाधान आपको मिल जायेगा, तो सबसे पहले उन कारणों को देखते हैं जिनकी वजह से अक्सर पढाई में मन नहीं लगता

1 . फोकस की कमी 

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पढाई मे मन लगाने के आसान टिप्स

पढाई मे मन लगाने

आजकल सभी विद्यार्थी अपनी कक्षा में टॉप करना चाहते है. लेकिन उनकी एक ही समस्या होती है कि वह एक या दो घंटो से ज्यादा देर तक नहीं पढ़ पाते. यह समस्या अधिकतर सभी विद्यार्थियों को आती है. इस समस्या को दूर करने के लिए यहाँ आपको कुछ ऐसी आसान टिप्स बताई जा रही है जिनको आप डेली फोकस करके अपने पढ़ने का समय 2-3 घंटे तक बढ़ा सकते है.

 

पढाई करते समय ध्यान देने योग्य बाते  –

पढ़ते समय आप केवल चेयर में बैठकर ही पढ़ाई करे. पढ़ाई करते-करते बिस्तर पर न लेटे. बिस्तर पर लेटने से हमारा ध्यान पढ़ाई से ज्यादा सोने में लगता है. और हमे नींद आने लगती है. Read More : पढाई मे मन लगाने के आसान टिप्स about पढाई मे मन लगाने के आसान टिप्स

गर्भावस्था में व्यायाम से दुबले बच्चे

गर्भावस्था में व्यायाम से दुबले बच्चे

गर्भावस्था में हल्का व्यायाम होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है.

न्यूज़ीलैंड और अमरीका के शोधकर्ताओं का कहना है कि व्यायाम से गर्भ में पल रहे बच्चे के वज़न को नियंत्रण में रखा जा सकता है.

स्थूलकाय और मोटी औरतों के बच्चे का आकार औसत से बड़ा होने की अधिक संभावना रहती है और इन बच्चों को जीवन में आगे चलकर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

पहली बार मां बनने वाली 84 महिलाओं पर किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि जिन महिलाओं ने हल्का व्यायाम किया उनके बच्चों का वज़न कुछ कम रहा.

ब्रिटन में गर्भवती महिलाओं को ज़्यादा खाने को मना किया जाता है और उन्हे नियमित रूप से हल्का व्यायाम करने को प्रेरित किया जाता है. Read More : गर्भावस्था में व्यायाम से दुबले बच्चे about गर्भावस्था में व्यायाम से दुबले बच्चे

परिवार के लिए बुरा है मम्मी-पापा का मोबाइल

परिवार के लिए बुरा है मम्मी-पापा का मोबाइल

माध्यमिक कक्षा के छात्रों पर किए एक सर्वे के मुताबिक़ अभिभावकों का ज़रूरत से ज़्यादा मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करना पारिवारिक जीवन में दरार ले आता है.

11 से 18 साल के छात्रों के सर्वेक्षण में 2000 में से एक तिहाई छात्रों ने जवाब दिया कि वो अपने अभिभावकों को लगातार मोबाइल इस्तेमाल करने के लिए मना करते रहे हैं.

14 प्रतिशत छात्रों ने बताया कि उनके अभिभावक खाने के वक़्त ऑनलाइन रहते हैं, जबकि 3000 अभिभावकों के अलग-अलग सर्वेक्षण में 95 प्रतिशत इस बात से इनकार करते हैं.

ये रिसर्च डिजिटल अवेयरनेस यूके एंड द हेडमास्टर्स एंड हेडमिस्ट्रेस कॉन्फ्रेंस ने की है.

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ये इंजेक्शन बाप बनने से रोकेगा

ये इंजेक्शन बाप बनने से रोकेगा

अमरीकी वैज्ञानिकों ने पुरुषों के लिए एक सुरक्षित और कारगर इंजेक्शन तैयार किया है, जो शुक्राणुओं को निष्क्रिय कर देता है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस इंजेक्शन को करीब 270 पुरुषों पर आजमाया गया. इंजेक्शन को 96 फीसदी कारगर पाया गया. गर्भ ठहरने के केवल चार मामले सामने आए.

हालांकि इंजेक्शन के इस्तेमाल के बाद जिन लोगों में साइड इफेक्ट दिखे, उनकी संख्या कहीं ज्यादा थी. इंजेक्शन के इस्तेमाल के बाद मुंहासे निकलने और मूड खराब होने जैसे साइड इफेक्ट्स दिखे.

वैज्ञानिक करीब 20 साल से पुरुषों के लिए एक कारगर हार्मोन गर्भनिरोधक तैयार करने के लिए शोध कर रहे थे. Read More : ये इंजेक्शन बाप बनने से रोकेगा about ये इंजेक्शन बाप बनने से रोकेगा

शुक्राणु पर अंकुश वाली गोलियां बाज़ार में क्यों नहीं आती?

शुक्राणु पर अंकुश वाली गोलियां बाज़ार में क्यों नहीं आती?

दुनिया भर के वैज्ञानिक लगभग आधी सदी से पुरुषों के इस्तेमाल के लिए गर्भनिरोधक जैसी गोली विकसित करने पर काम कर रहे हैं.

इससे जुड़ी कई बेहतरीन रिपोर्ट तो देखने को मिलती हैं लेकिन अभी भी इन गोलियां मेडिकल स्टोर्स तक नहीं पहुंच पाई हैं.

पैसों की कमी और पुरुषों की उदासीनता की वजह से इन गोलियों का उत्पादन बड़े पैमाने पर नहीं हो पाया. इसके अलावा अभी भी महिलाओं से ही यह उम्मीद की जाती है कि गर्भ न ठहरने की ज़िम्मेदारी वो उठाएं.

हालांकि कई रिसर्च से यह पता चला है कि अगर पुरुषों के लिए ऐसी गोलियां होतीं तो पुरुष आसानी से उसे स्वीकार कर लेते. Read More : शुक्राणु पर अंकुश वाली गोलियां बाज़ार में क्यों नहीं आती? about शुक्राणु पर अंकुश वाली गोलियां बाज़ार में क्यों नहीं आती?

गोल्डन मिल्क दुनिया भर में क्यों हो रहा है मशहूर

गोल्डन मिल्क दुनिया भर में क्यों हो रहा है मशहूर

गोल्डन मिल्क- दक्षिण एशिया की ये रेसिपी अब पश्चिम के कई देशों में खूब लोकप्रिय हो रही है.

लेकिन आप सोच रहे होंगे कि ये गोल्डन मिल्क आख़िर है क्या?

गोल्डन मिल्क दुनिया के अन्य देशों के लिए नई रेसिपी हो सकती है. लेकिन भारत के लोगों के लिए ये सदियों पुरानी चीज़ है. ये घर-घर में इस्तेमाल किया जाने वाला नुस्खा है जो नानी-दादी के वक्त से कई तरह की बीमारियों से बचने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता रहा है.

पश्चिमी देश आज जिसे 'गोल्डन मिल्क' कह रहे हैं, वो भारत के लोगों के लिए 'हल्दी वाला दूध' है. इसके ख़ास खूबियों की वजह से अब से कई देशों में लोकप्रिय हो रहा है. Read More : गोल्डन मिल्क दुनिया भर में क्यों हो रहा है मशहूर about गोल्डन मिल्क दुनिया भर में क्यों हो रहा है मशहूर

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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