मोटापे से कमज़ोर होती है याददाश्त?

मोटापे से कमज़ोर होती है याददाश्त?

कहते हैं मोटापा सौ बीमारियों की एक बीमारी है. इससे ब्लड प्रेशर की शिकायत हो जाती है, आप चलने-फिरने से लाचार होने लगते हैं. शुगर बढ़ने लगती है.

मोटापा याददाश्त कमज़ोर करता है, शायद ये आपको नहीं पता. यही नहीं अल्ज़ाइमर जैसी बीमारी को भी जन्म देता है.

वैज्ञानिक रिसर्च साबित करती है कि मोटापे और याददाश्त में दो-तरफ़ा रिश्ता होता है. दोनों आपस में एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं.

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर लूसी चेक ने हाल ही में अपने लैब में एक तजुर्बा किया. इसका नाम था 'ट्रेजर हंट'. सभी प्रतिभागियों को कंप्यूटर की स्क्रीन पर अलग-अलग जगह पर कुछ चीज़ें छिपाने को कहा गया. बाद में उनसे कुछ सवाल पूछे गए. पाया गया कि जिन प्रतिभागियों का बीएमआई (BMI) ज़्यादा था, उनकी याददाश्त ज़्यादा कमज़ोर थी. बीएमआई का मतलब है बॉडी मास इंडेक्स. यानि लंबाई के मुताबिक वज़न का होना.

2010 में अमरीका की बोस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन ने भी एक रिसर्च की थी. इसके नतीजे में पाया गया था कि अधेड़ उम्र के ऐसे लोग, जिनके पेट पर चर्बी ज़्यादा थी उनका ज़हन दुबले-पतले अधेड़ उम्र वालों के मुक़ाबले ज़्यादा कमज़ोर था. ऐसा ही तज़ुर्बा जानवरों के साथ भी किया गया था. उनके भी बढ़ते-घटते वज़न और खाने की आदतों पर ध्यान दिया गया. जानवर जितना खाते हैं, वो उतनी ही कैलोरी खर्च भी करते रहते हैं. इससे उनकी याद्दाश्त पर असर नहीं पड़ता. बल्कि वो तेज़ी से नई चीज़ें सीखते हैं.

मोटापा एक पेचीदा मसला है. इसके साथ बहुत सी वजहें जुड़ी हैं. लिहाज़ा ये कह पाना मुश्किल है कि ये हमारे दिमाग़ को कैसे असर करता है. हाल ही में 500 लोगों पर एक स्टडी की गई. इसमें पाया गया कि मोटापे और उम्र में भी आपस में ताल्लुक़ है. अगर अधेड़ उम्र में मोटापा आता है तो दिमाग पर उसका असर ज़्यादा होता है जबकि कम उम्र वालों के मोटापे का उनके दिमाग पर कम असर पड़ता है.

प्रोफेसर लूसी चेक कहती हैं मोटापा आने के साथ ही हाई ब्लड प्रेशर और इंसुलिन की समस्या भी बढ़ जाती है. जिसकी वजह से खाने की आदतों में भी फ़र्क़ पड़ता है. इससे भी दिमाग पर असर पड़ता है. इंसुलिन एक अहम न्यूरोट्रांसमीटर है. इस बात का पुख्ता सबूत हैं कि इसका असर नई चीज़ों सीखने की क्षमता और याद रखने की क़ुव्वत पर भी पड़ता है.

इसके अलावा सूजन का आना भी याद्दाश्त को कमज़ोर करने में एक अहम रोल निभाता है. अमरीका की अरिज़ोना यूनिवर्सिटी के एक मनोवैज्ञानिक ने एक अनोखा तजुर्बा किया. उन्हों ने साल 1998 से लेकर 2013 तक करीब बीस हज़ार लोगों की याद्दाश्त, बीएमआई और सी-रिएक्टिव प्रोटीन के सैंपल लिए.

शहद और पेस्ट्रीइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

इस रिसर्च में भी यही पाया गया कि याद्दाश्त का ताल्लुक़ बॉडी मास इंडेक्स से है. साथ ही इनफ्लेमेटरी प्रोटीन भी बहुत हद तक इस के लिए ज़िम्मेदार हैं. हालांकि सीधे तौर पर इनको ही ज़िम्मदार ठहराना भी सही नहीं है. इन वजहों के साथ भी और भी बहुत से कारक जुड़े हैं जो दिमाग़ के काम पर अपना असर डालते हैं.

हमें भूख तब लगती है जब हमारा दिमाग़ हमें खाना खाने का हुक्म देता है. लेकिन जब दिमाग ही ये बात भूल जाता है कि वो हमें खाना खाने का हुक्म दे चुका है तो बार-बार हमें आदेश देता रहता है. और, हम कुछ ना कुछ खाते रहते हैं. नतीजतन वज़न बढ़ जाता है. सवाल उठता है कि अगर किसी की याद्दाश्त में सुधार आ जाएगा तो क्या वो खाना कम कर देगा?

ब्रिटेन की लिवरपूल यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञानिक एरिक रॉबिनसन ने एक तजुर्बा किया. उन्होंने अपने लैब में क़रीब 48 लोगों को खाने पर बुलाया. इन सभी को दो हिस्सों में बांट दिया गया. एक ग्रुप को खाते समय कुछ रिकार्डिंग सुनने को कहा गया, जिसमें खाने का ज़िक्र नहीं था. जबकि दूसरे ग्रुप को जो ऑडियो दिया गया, उसमें उन्हें खाने पर ध्यान देने को कहा गया था. दूसरे दिन इन सभी को हाई-एनर्जी वाला खाना परोसा गया. जिन लोगों ने एक दिन पहले खाने पर ध्यान देने वाली रिकॉर्डिंग को सुनते हुए खाना खाया था, इस बार उन्होंने कम खाना खाया.

आल चिप्सइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

जबकि जिन्होंने दूसरी रिकॉर्डिंग सुनते हुए खाना खाया था उन्होंने इस बार ज़्यादा खाना खाया. तवज्जो और याद्दाश्त दोनों एक दूसरे से अलग हैं, लेकिन एक दूसरे से जुड़े भी हैं. हम अक्सर वो चीज़ें याद नहीं रखते जिन पर हम तवज्जो नहीं देते. इसीलिए मुमकिन है कि जब हमें ये याद रहता है कि हमें खाना खाना है तो हम वक़्त पर खाना खा लेते हैं, और कम खाना खाते हैं.

वहीं अगर हम एक वक़्त ख़ुद को खाने से दूर रखते हैं, तो, दूसरे वक़्त अपने आप ही ये सोच ज़हन में आती है कि एक वक़्त का खाना हम ने नहीं खाया. लिहाज़ा जब खाना मिलता है तो भूख से ज़्यादा खाना खा लेते हैं. रॉबिनसन का कहना है ज़्यादा खाना और याद्दाश्त का कमज़ोर होना एक-दूसरे पर असर डालते हैं. हो सकता है याद्दाश्त कमज़ोर होने की वजह से ही कोई ज़्यादा खाता हो. लिहाज़ा ज़रूरी है कि आप अपने जीने के तौर तरीक़ों को बदलें. अच्छा खाना खाएं और वक़्त पर खाएं.

लोगों की खाने की आदतें बदल सकें. वो क्या खा रहे हैं? कितना खा रहे हैं? कब खा रहे हैं? इसे लेकर लोगों में जागरुकता फैलाने की ज़रूरत है. लोगों का ध्यान इस तरफ़ दिलाना ज़रूरी है. इसके लिए रॉबिन्सन और उनके साथियों ने मिलकर एक स्मार्ट फोन ऐप बनाया है जो लोगों को खाने पर तवज्जो दिलाता है.

तला हुआ भोजनइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

प्रोफेसर लूसी चेक और उनके साथी भी लोगों के रहन-सहन और जिंदगी के रंग ढंग की जानकारी लेने के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रही हैं. चेक कहती हैं कई बार मोटापा ख़ानदानी भी होता है. कुछ लोग खाते ज़्यादा हैं और वर्ज़िश नहीं करते, इसलिए मोटे होते हैं, कुछ के मोटापे की वजह इंसुलिन होती है. लेकिन मोटापे का असली मुज़रिम कौन है, रिसर्चर अभी उसकी तलाश कर रहे हैं.

तब तक आप अपने खान-पान और रहन-सहन में थोड़े-बहुत बदलाव के साथ इससे बच सकते हैं. क्योंकि ये आपकी याददाश्त को कमज़ोर करता है.

 

यह भी पढ़ें

मोटापा ले सकता है बच्चों की जान

मोटापा कम करने के घरेलू नुस्खे

शयनकक्ष में बहुत रोशनी बढ़ा सकती है मोटापा

कब्‍ज, मोटापा और मधुमेह का खात्‍मा करता है कच्‍चा केला खाने का ये तरीका

काली मिर्च खाकर करें मोटापा दूर

बादाम खाएं ,मोटापा,कोलेस्ट्रोल घटाएं और भी फायदे पाये

वजन कम करने के फायदे, जानकर रहे जायगे हैरान

विज्ञान ने खोजा सौंदर्य का समीकरण

प्याज से करें प्यार और रहें फिट

फिट रहना है तो रात में कम, सुबह ज्यादा खाएं

कमर की चर्बी कम करने के लिये पीजिये ढेर सारा पानी

पेट कम करना सबसे चुनौतीपूर्ण है इसलिए

मोटापे से कमज़ोर होती है याददाश्त?

सोने से पहले नहीं करें इन चीजों का सेवन:

वजन बढ़ाने वाले हर्ब्स

मोटापा कम करने के घरेलू नुस्खे

बच्चों के मोटापे के लिए आप तो ज़िम्मेदार नहीं?

परफेक्ट फिगर के लिए करें त्रिकोणासन

सुंदर, सलोनी, छरहरी और सुडौल काया किसे पसंद नहीं है?

स्त्री-पुरुष दोनों में ही शारीरिक फिटनेस योग से

 

Vote: 
No votes yet

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.

New Health Updates

Image
सेक्स के लिए पागल रहती है महिलाएं कब सेक्स के लिए पागल रहती है महिलाएं
लिंग बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
लहसुन रात को तकिये के नीचे रखने का जादू लहसुन रात को तकिये के नीचे रखने का जादू
स्पर्म काउंट कितना होना चाहिए स्पर्म काउंट कितना होना चाहिए
पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से नुकसान नहीं बल्कि होते हैं फायदे पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से नुकसान नहीं बल्कि होते हैं फायदे
स्त्रियों के ये अंग होते हैं सबसे ज्यादा कामुक स्त्रियों के ये अंग होते हैं सबसे ज्यादा कामुक
सप्ताह में इतनी बार सेक्स करना जरूरी है सप्ताह में इतनी बार सेक्स करना जरूरी है
महिलाएं बिना शारीरिक सम्बन्ध बनाये हो रही है प्रेग्नेंट, जानें कारण महिलाएं बिना शारीरिक सम्बन्ध बनाये हो रही है प्रेग्नेंट, जानें कारण
सेक्स कैसे करते हैं
गुप्तांगो या बगलों के बालों की सफाई का महत्व गुप्तांगो या बगलों के बालों की सफाई का महत्व
फिस्टुला या भगंदर, पाइल्स या बवासीर, किशमिश से बवासीर का इलाज, एलोवेरा से बवासीर का इलाज, हल्दी से बवासीर का इलाज इन हिंदी, केला से बवासीर का इलाज, पुरानी बवासीर का इलाज, फिटकरी से बवासीर का इलाज, बवासीर का होम्योपैथिक इलाज, बवासीर का अंग्रेजी दवा बवासीर का आयुर्वेदिक इलाज
लड़की या औरत को कैसे गर्म करें घरेलू उपाय
हाइड्रोसील के कारण लक्षण और इलाज इस प्रकार है जानिए
टिटनेस इंजेक्‍शन से हो सकती हैं ये दिक्‍कतें टिटनेस इंजेक्‍शन से हो सकती हैं ये दिक्‍कतें
 ख़तरनाक है सेक्स एडिक्शन ख़तरनाक है सेक्स एडिक्शन
झाइयां होने के कारण
यौन संबंध के दौरान दर्द का सच क्या है? यौन संबंध के दौरान दर्द का सच क्या है?
इसलिए छोटे कद की लड़कियों से सम्बन्ध बनाना ज्यादा पसंद करते है लड़के इसलिए छोटे कद की लड़कियों से सम्बन्ध बनाना ज्यादा पसंद करते है लड़के
जबरदस्त फोरप्ले ही देता है दमदार सम्बन्ध का मजा जबरदस्त फोरप्ले ही देता है दमदार सम्बन्ध का मजा
कम उम्र में सेक्‍स करने से बढ़ जाता है इस चीज का खतरा कम उम्र में सेक्‍स करने से बढ़ जाता है इस चीज का खतरा