संगीत में विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी

विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी में नए नए अविष्कार के साथ ही म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट एवं म्यूजिक सिस्टम में काफी नए अविष्कार हो रहे हैं और इसी कारण भारतीय शास्त्रीय संगीत में भी विज्ञान का आविष्कार अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है माना कि शास्त्रीय संगीत पुराने वाद्य यंत्रों पर ही फेमस है लेकिन फिर भी उन्हें सुनने के लिए एवं उन्हें रिकॉर्ड करने के लिए वैज्ञानिक उपकरणों की ही आवश्यकता पड़ती है और यह विज्ञान का ही देन है कि आज हम उन कलाकारों को भी सुन पाते हैं जो मौजूद नहीं है

ऊँची आवाज़ ख़तरनाक भी हो सकती है

ऊँची आवाज़ ख़तरनाक
ऊँची आवाज़ में संगीत सुनने से केवल आपके कानों को ही नुक़सान नहीं होता बल्कि इसके कुछ और भी ख़तरे हैं.

वैज्ञानिकों का कहना है कि ऊँची आवाज़ में संगीत सुनने से फेफड़े भी बेकार हो सकते हैं.

श्वास प्रणाली की विशेष स्वास्थ्य पत्रिका थोरेक्स में के ताज़ा अंक में ऐसे चार मामलों के बारे में लिखा गया है जिनमें संगीत प्रेमियों को न्यूमोथोरैक्स नाम की एक बीमारी हुई है. Read More : ऊँची आवाज़ ख़तरनाक भी हो सकती है about ऊँची आवाज़ ख़तरनाक भी हो सकती है

माइक्रोफोन का कार्य

माइक्रोफोन का कार्य

माइक्रोफोन एक ऐसा डिवाइस है जो आपकी आवाज़ को डिजिटल डाटा में बदलता है. इसको माइक भी कहा जाता है. ये कंप्यूटर में एक इनपुट डिवाइस की तरह इस्तेमाल होता है. इसकी मदद से आप अपने कंप्यूटर में ऑडियो डाटा को डाल सकते हो, साथ ही आप इसकी मदद से अपने कंप्यूटर में टाइप कर सकते हो क्योकि इसमें एक ऐसा यंत्र लगा रहता है जो आपकी आवाज़ को पहचानता है और उसी के आधार पर टाइप करता है. इसके लिए बस अपने माइक्रोफोन को अपने कंप्यूटर के साथ जोड़ना होता है और फिर माइक में जो आप टाइप करना चाहते हो उसे बोलना होता है. इस तरह से टाइप करने से आपका समय बचता है. Read More : माइक्रोफोन का कार्य about माइक्रोफोन का कार्य

मूड के मुताबिक म्यूज़िक सुनाएगा गूगल

म्यूज़िक सुनाएगा गूगल

मशहूर ऑनलाइन सर्च इंजन गूगल ने अपनी संगीत सेवा पोर्टफोलियो को मजबूत करने के इरादे से म्यूजिक स्ट्रीमिंग सर्विस सॉन्गज़ा को खरीद लिया है.

सॉन्गज़ा एक ऐसी सर्विस हो जो उत्तर अमरीका के इंटरनेट यूजर्स को मुफ़्त म्यूजिक स्ट्रीमिंग उपलब्ध कराती है. इसका कहना है कि यह सुनने वाले के मूड के हिसाब से प्लेलिस्ट तैयार कर सकती है.

गूगल ने अभी ये नहीं बताया है कि ये सौदा कितने में हुआ है.

मोबाइल की दिग्‍गज कंपनी ऐपल और ऑनलाइन म्यूजिक स्ट्रीम सर्विस स्पॉटिफाई के साथ कड़े मुकाबले को देखते हुए अपनी गूगल प्ले स्ट्रीमिंग सर्विस को बेहतर बनाने का यह गूगल का प्रयास है. Read More : मूड के मुताबिक म्यूज़िक सुनाएगा गूगल about मूड के मुताबिक म्यूज़िक सुनाएगा गूगल

टोपी पहनिए और दिमाग से तैयार कीजिए धुन

टोपी पहनिए और

शास्त्रीय संगीत की शिक्षा के दौरान मैं ख़ाली पन्ने को घूरती रहती और उम्मीद करती कि कोई शॉर्टकट हो जिससे मैं "सोच" कर संगीत को पेज पर उतार सकूँ.

अब मैं कंप्यूटर पर संगीत तैयार करती हूं और पिक्सल्स के ऊपर पेंसिल घुमाती रहती हूं.

लेकिन मैं हमेशी ही सोचती थी कि एक दिन मैं सीधे अपने दिमाग से अपने संगीतमय विचारों को रिकॉर्ड कर पाउंगी.

तो प्लीमथ विश्वविद्यालय में एक लैपटॉप को घूरते हुए मैं एक ऐसी तकनीक की जांच करने जा रही हूं जो मेरे संगीत के सपने को हक़ीक़त बनाने का वादा करता है. Read More : टोपी पहनिए और दिमाग से तैयार कीजिए धुन about टोपी पहनिए और दिमाग से तैयार कीजिए धुन

खुल जाएंगे दिमाग़ के रहस्य

दिमाग़ के रहस्य

सदियों से इंसानी दिमाग़ एक रहस्य रहा है. हालांकि पिछले कुछ दशकों में वैज्ञानिक इसके कुछ रहस्यों से पर्दा उठाने में सफल रहे हैं.

हाल के कुछ सालों में नई तकनीक और शक्तिशाली कंप्यूटरों की मदद से कुछ प्रमुख खोजें हो सकी हैं.

हालांकि इंसान के दिमाग़ के बारे में अभी भी बहुत कुछ समझना बाक़ी है. यहाँ हम आपको उन पांच महत्पूर्ण विषयों के बारे में बता रहे हैं जिनके पता लगने पर इंसानी दिमाग़ के अनसुलझे रहस्यों का राज़ जाना जा सकता है. Read More : खुल जाएंगे दिमाग़ के रहस्य about खुल जाएंगे दिमाग़ के रहस्य

नई स्वरयंत्र की सूजन

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नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला)

कारण :-

अधिक सर्दी लगना, पानी में अधिक भींगना, अधिक देर तक गाना गाना, गले में धूल का कण जमना, धुंआ मुंह में जाना, अधिक जोर से बोलना तथा अचानक मौसम परिवर्तन के कारण यह रोग होता है।

लक्षण :-

इस रोग में स्वरयंत्र की श्लैष्मिक झिल्ली फूल जाती है और उससे लसदार श्लेष्मा निकलने लगता है। गला कुटकुटाना और जलन होना, कड़ा श्लेष्मा निकलना, कुत्ते की तरह आवाज होना, सूखी खांसी आना, आवाज खराब होना या गला बैठ जाना, बुखार होना, प्यास अधिक लगना, भूख न लगना, सांस लेने में कष्ट होना आदि इस रोग के मुख्य लक्षण है। Read More : नई स्वरयंत्र की सूजन about नई स्वरयंत्र की सूजन

कंठध्वनि

स्वर (Voice) या कंठध्वनि की उत्पत्ति उसी प्रकार के कंपनों से होती है जिस प्रकार वाद्ययंत्र से ध्वनि की उत्पत्ति होती है। अत: स्वरयंत्र और वाद्ययंत्र की रचना में भी कुछ समानता है। वायु के वेग से बजनेवाले वाद्ययंत्र के समकक्ष मनुष्य तथा अन्य स्तनधारी प्राणियों में निम्नलिखित अंग होते हैं :

1. कंपक (Vibrators) इसमें स्वर रज्जुएँ (Vocal cords)Clone भी सम्मिलित हैं।

2. अनुनादक अवयव (resonators) इसमें निम्नलिखित अंग सम्मिलित हैं :

क. नासा ग्रसनी (nasopharynx), ख. ग्रसनी (pharynx), Read More : कंठध्वनि about कंठध्वनि

माइक्रोफोन के प्रकार :

माइक्रोफोन के प्रकार :

माइक्रोफोन के भी अनेक प्रकार होते है, लेकिन इनके काम करने के तरीके और इनकी आवाज़ की गुणवत्ता को ध्यान में रख कर इन्हें तीन भागो में बांटा गया है. जो निम्नलिखित है.

1. Shotgun माइक्रोफोन : ये एक बूम पोल ( Boom Pole ) और बूम स्टैंड ( Boom Stand ) का बना होता है. इन माइक्रोफोन का इस्तेमाल बिलकुल सही ऑडियो को निकलने के लिए किया जाता है, इनमे आसपास हो रही हलचल या फिर शोर नही आता बल्कि ये सिर्फ आपके द्वारा इसमें बोली गई आवाज़ को ही एनालॉग डाटा के रूप में लेता है. Read More : माइक्रोफोन के प्रकार : about माइक्रोफोन के प्रकार :

माइक्रोफोन की हानि :

माइक्रोफोन

माइक्रोफोन की हानि :

- माइक्रोफोन की आवाज की गुणवत्ता उतनी अच्छी नही होती.

- जब भी हम माइक्रोफोन में कुछ बोलते है तो उसके आसपास की हलचल भी माइक्रोफोन की आवाज की गुणवत्ता को कम करती है.

- बिना तार पर काम करने वाले माइक्रोफोन में बैटरी का इस्तेमाल होता है जो सिर्फ एक निर्धारित समय तक ही काम करती है.

- इनकी कीमत इनकी गुणवत्ता पर आधारित होती है. अगर आप अच्छी कीमत का माइक्रोफोन खरीदते हो तभी आपको आवाज़ की अच्छी गुणवत्ता मिलती है.

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जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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