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Comments
Anand
26 November 2019 - 4:23pm
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राग खमाज स्वरमालिका त्रिताल
स्थायी
सा – नी. सा । ग म प ध । म प ध ग । – म ग – ।
सा – ग म । प ध नी सां । *गम *पध नी सां । ध नी सां – ।
नी॒ ध प म । ग म ग – । म प ध प । म – ग – ।
आंतरा
प म प ध । नी – सां – । गं – रें सां । नी॒ ध प – ।
म – ग – । सा ग म प । ध नी सां नी॒ । ध प म ग ।
म ग रे सा । – ग म प । ध नी सां रें । *सांनी *धप म ग ।
स्थायी
आंतरा
Anand
26 November 2019 - 4:26pm
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राग खमाज
राग खमाज भारतीय शास्त्रीय संगीत का एक राग है। यह खमाज थाट का राग है। इसकी जाति है षाडव-सम्पूर्ण। इसका वादी स्वर है ग तथा सम्वादी स्वर है नि। इसका विकृत स्वर है नि कोमल, तथा आरोह में रे वर्जित। इसके गायन का समय है रात्रि का प्रथम प्रहर।
इसका आरोह है - स, गम, प, ध नि सं।
इसका अवरोह है - संनि धप, मग, रेस।
इसका स्वरूप है - नि ध, म प, ध, म ग।