पांच तरह के एप जिन्हें आपको अपने स्मार्टफोन से हटा देना चाहिए

स्मार्टफोन के आ जाने से बहुत सारी चीजें आसान हो गई हैं. एक स्मार्टफोन में नार्मल मोबाइल फोन के मुकाबले आप कहीं ज्यादा और कई तरह के टास्क परफॉर्म कर सकते हैं. हर टास्क को पूरा करने के लिए इसमें अलग-अलग एप होते हैं जिन्हें आप ‘एप स्टोर’ या ‘प्ले स्टोर’ से इन्स्टॉल कर सकते हैं.

ज्यादातर लोगों के स्मार्टफोन में जरूरी एप होने के साथ ही बहुत से बेमतलब के एप भी भरे पड़े रहते हैं. ये एप फोन के स्टोरेज, बैटरी कैपेसिटी और परफॉर्मेंस पर असर डालते हैं. साथ ही इनसे फोन में वायरस आने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है. यहां हम आपको कुछ ऐसे एप्स के बारे में बता रहे हैं जिन्हें अनइन्स्टॉल करके आप कई तरह की परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं.

फ्री एंटी-वायरस

कैसपर्सकी, अवास्ट, एवीजी, 360 सिक्योरिटी जैसे एप सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले एंटी-वायरस एप्स में से हैं. ये एप्स आपके मोबाइल फोन को सुरक्षित रखने वाले तमाम फीचर्स का दावा करके यूजर को अपनी ओर खीचते हैं और यूजर इन्हें इन्स्टॉल कर लेता है. ऐसा इसलिए होता है कि अधिकांश लोग यह नहीं जानते कि इस तरह के सारे जरूरी फीचर्स एंड्राइड या आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम और गूगल प्ले स्टोर या एप स्टोर में पहले से ही मौजूद होते हैं.

दरअसल, प्ले या एप स्टोर में अपलोड होने से पहले हर एप को वेरीफाई किया जाता है. अपलोड होने के बाद भी यहां पर मौजूद एप्स में समय-समय पर मालवेयर (एक तरह का वायरस) की जांच होती रहती है. इसके अलावा किसी भी स्मार्टफोन में एंटी-वायरस की जरुरत केवल तब होती है जब आप कुछ डाउनलोड कर रहे हों या प्ले स्टोर या एप स्टोर के बाहर से कोई एप इन्स्टॉल कर रहे हों. इसलिए अगर आप कहीं और से कोई एप डाउनलोड नहीं कर रहे हैं और अनावश्यक ही आपके पास आए किसी लिंक पर क्लिक नहीं कर रहे हैं तो आपको किसी एंटी वायरस की जरूरत नहीं है.

बैटरी सेविंग एप

गूगल प्ले स्टोर में आपको ऐसे ढेरों ऐप मिल जायेंगे जो बैटरी सेव करने का दावा करते हैं. लेकिन, इन एप्स के साथ बहुत से अनचाहे फीचर्स भी जुड़े होते हैं, जो आपके फोन का बैटरी बैक-अप बढ़ाने के बजाय और कम कर देते हैं. ऐसे अधिकांश एप आपके स्मार्टफोन में लगातार बैकग्राउंड में चलते रहते हैं और इंटरनेट डाटा के साथ-साथ उसकी बैटरी का भी भरपूर इस्तेमाल करते हैं.

यूजर्स इन एप्स का इस्तेमाल करने के बजाय कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखकर ही अपने स्मार्टफोन का बैटरी बैकअप बढ़ा सकते हैं. स्मार्टफोन में एक पावर मैनेजमेंट सिस्टम होता है, जिसकी मदद से बैकग्राउंड प्रोसेस को बंद करके और उसकी ब्राइटनेस को कम करके फोन का बैटरी बैक-अप बढ़ाया जा सकता है. इसके अलावा फोन के कीपैड आदि की गैरजरूरी आवाजों को बंद करके और रिंग टोन को कम करने के साथ-साथ उसके बाइब्रेशंस आदि को बंद करके भी बैटरी सेव की जा सकती है.

क्लीन मास्टर

आमतौर पर अपने स्मार्टफोन की परफॉर्मेंस बढ़ाने के लिए फोन मेमोरी को बीच-बीच में क्लीन करना जरूरी होता है. ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि जब आप अपने फोन में कोई एप यूज करते हैं तो कुछ कैश डाटा आपके फोन में स्टोर हो जाता है. ऐसा तब भी होता है जब हम कोई एप अपने फोन से रिमूव करते हैं. बहुत से लोग इस कैश डाटा को हटाने के लिए फोन में क्लीन मास्टर जैसे एप का इस्तेमाल करते हैं. हालंकि, फोन में इसकी कोई जरुरत नहीं होती है. इन एप्स को यूज करने के बजाय आप एप मैनेजर की मदद से या फिर सेटिंग्स में जाकर कैश डाटा को क्लीन कर सकते हैं.

रैम क्लीनर

आपके स्मार्टफोन में बहुत से ऐसे एप इन्स्टॉल होते हैं जो बैकग्राउंड में चलते रहते हैं. इन एप्स को बंद करने के बाद भी ये खुद ही रीस्टार्ट हो जाते हैं. ऐसे में जरूरत न होने के बाद भी इस तरह के एप फोन में मौजूद ‘रैम स्पेस’ को लगातार यूज करते हैं. नतीजा यह होता है कि दूसरे एप को चलाने के लिए रैम स्पेस कम पड़ने लगता है और फोन स्लो हो जाता है. इस समस्या से बचने के लिए ज्यादातर लोग रैम क्लीनर जैसे एप फोन में इन्स्टॉल करके रखते हैं. शायद ऐसा जानकारी कम होने के चलते होता है. क्योंकि आपको रैम क्लीन करने के लिए किसी थर्ड पार्टी एप की जरुरत नहीं है. इसके लिए आप इस्तेमाल के बाद कुछ एप्स को बंद कर सकते हैं. और दिन में एक बार अपना स्मार्ट फोन बंद करने की आदत डाल लें ताकि चल रहे ज्यादातर एप बंद हो जाएं और फिर से सिर्फ वहीं एप खुलें जिनकी या तो आपके फोन को जरूरत हो या आपको. बाकी का काम एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम खुद ही कर लेता है.

9 एप स्टोर

कई बार आप प्ले स्टोर की बजाय ‘9 एप स्टोर’ से फालतू के एप डाउनलोड कर लेते हैं. इसमें ज्यादातर फनी या गेमिंग एप्स होते हैं. ‘9 एप स्टोर’ के बारे में कई बातें जाननी जरूरी हैं. इस पर मिलने वाले एप अन-अॉथराइज्ड होते हैं जिस वजह से ये आपके फोन के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं. कई सर्वेक्षणों में यह बात भी सामने आ चुकी है कि इन एप्स के साथ दूसरे ऐसे एप भी यूजर्स के फोन में इन्स्टॉल हो जाते हैं, जो दिखाई नहीं देते. इन एप्स के जरिए यूजर्स की निजी जानकारी थर्ड पार्टी के पास भेजी जाती है. इसके अलावा ‘9 एप स्टोर’ से लिये गये एप्स की वजह से आपके फोन में वायरस आने की संभावना भी काफी ज्यादा रहती है. ऐसी परेशानियों से बचने का सबसे अच्छा उपाय यही है कि आप अपने फोन में प्ले स्टोर या एप स्टोर के अलावा कहीं और से एप इन्स्टॉल न करें.

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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