'सोने के पहले न देखें फोन'
Submitted by Anand on 15 July 2025 - 5:02pmनीली रोशनी के हमारे ऊपर असर को लेकर पहले भी रिसर्च हुई हैं. ये रिसर्च बताती हैं कि नीली रोशनी की वजह से हमारे शरीर को नींद की याद दिलाने वाले केमिकल मेलाटोनिन का रिसाव रुक जाता है. इससे हमारी नींद पर प्रभाव पड़ता है. नींद न आने से हमारी 'क्वालिटी ऑफ़ लाइफ़' गिरती है. दिमाग़ी सेहत बुरी होती जाती है.
हमारे दिमाग़ी तौर पर बीमार होने का ख़तरा बढ़ जाता है. बच्चों और किशोरों में नींद न आने या बेवक़्त आने पर हुई रिसर्च बताती हैं कि इसक सीधा ताल्लुक़, उनके डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल से है. मसलन, कंप्यूटर, लैपटॉप या स्मार्टफ़ोन. Read More : 'सोने के पहले न देखें फोन' about 'सोने के पहले न देखें फोन'




