लगातार जननांग उत्तेजना विकार के लक्षण

लगातार जननांग उत्तेजना विकार के लक्षण

लगातार जननांग उत्तेजना विकार एक व्यक्ति की जीवन शैली को प्रभावित कर सकता है और परेशानी तथा शर्मिंदगी का कारण बन सकता है।

हर समय यौन उत्तेजना महसूस होने के प्राथमिक लक्षण जननांग ऊतकों के अंदर और आसपास के क्षेत्र में चल रही संवेदनाओं से सम्बंधित हैं, जो असुविधाजनक हो सकते हैं। इस समस्या से सम्बंधित लक्षण यौन इच्छा (sexual desire) की अनुपस्थिति में उत्पन्न होते हैं। इन लक्षणों को भगशेफ (clitoris), लेबिया (labia), योनि, पेरिनेम (perineum) और गुदा आदि क्षेत्रों में महसूस किया जा सकता है। Read More : लगातार जननांग उत्तेजना विकार के लक्षण about लगातार जननांग उत्तेजना विकार के लक्षण

लगातार जननांग उत्तेजना विकार क्या है

लगातार जननांग उत्तेजना विकार (PGAD) को लगातार यौन उत्तेजना सिंड्रोम (persistent sexual arousal syndrome) भी कहा जाता है। इस स्थिति से पीड़ित व्यक्ति के जननांग किसी भी प्रकार की यौन गतिविधि या उत्तेजना के बिना ही उत्तेजित हो जाते हैं। अतः जब यौन उत्तेजना महसूस करने का कोई कारण नहीं होता है, फिर भी व्यक्ति यौन उत्तेजना के सभी लक्षणों को महसूस करता है, तो इस स्थिति को लगातार जननांग उत्तेजना विकार कहा जाता है। Read More : लगातार जननांग उत्तेजना विकार क्या है about लगातार जननांग उत्तेजना विकार क्या है

लगातार जननांग उत्तेजना विकार क्या है, कारण, लक्षण और इलाज

असुरक्षित सेक्स से होने वाली बीमारियों से बचने के तरीके

एक ही साथी के साथ सेक्स करना (Monogamy to one uninfected partner)
एक दीर्घकालिक, व्यक्ति जो संक्रमित नहीं है के साथ एकरस यौन संबंध एसटीडी को अनुबंधित करने के जोखिम को कम कर सकता है।

टीकाकरण (Vaccinations)
ऐसे टीकाकरण हैं जो किसी व्यक्ति को अंततः एचपीवी और हेपेटाइटिस बी के कारण होने वाले कुछ प्रकार के कैंसर से बचा सकते हैं।

संक्रमण की जाँच करें (Check for infections)
नए साथी के साथ संभोग करने से पहले, जाँच लें कि साथी या आपको कोई यौन रोग तो नहीं है। Read More : असुरक्षित सेक्स से होने वाली बीमारियों से बचने के तरीके about असुरक्षित सेक्स से होने वाली बीमारियों से बचने के तरीके

ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी

ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी

ह्यूमन पेपिलोमावायरस, वायरस के एक समूह का एक नाम है जो त्वचा और श्लेष्म झिल्ली को प्रभावित करता है, जैसे कि गले, गर्भाशय ग्रीवा, गुदा और मुंह। एक बेहद खतरनाक है, आम और सबसे तेजी से फैलने वाला वायरस है।
100 से अधिक प्रकार के एचपीवी हैं, जिनमें से लगभग 40 जननांग क्षेत्रों को प्रभावित कर सकते हैं। ये प्रकार व्यक्ति के मुंह और गले तक भी पहुंच सकते हैं।
इतना ही नहीं इसके अधिकतर मामलों में इस ह्यूमन पेपिलोमावायरस से होने वाली बीमारी के लक्षण मालूम भी नहीं चलते। जिसके कारण प्रभावित व्यक्ति को इस बीमारी का पता नहीं चलता है।
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ट्राइकोमोनियासिस

ट्राइकोमोनियासिस

यह बीमारी महिला और पुरुष दोनों को होती है। हालांकि महिलाओं में इसके लक्षण जल्दी दिखायी नहीं देते हैं। यह संक्रमण प्रोटोजोआ परजीवी ट्राइकोमोनास वजानेलिस के कारण होता है। महिलाओं की योनि जबकि पुरुषों के मूत्रमार्ग में यह बीमारी होती है। इसके अलावा बिना कंडोम के सेक्स करने से जननांगों के संपर्क में आने से यह रोग होता है। ट्राइकोमोनियासिस होने पर महिलाओं की योनि से गंध आती है, तरल पदार्थ स्रावित होता है और संभोग के दौरान दर्द होता है जबकि पुरुषों को पेशाब के दौरान दर्द होता है।

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जेनाइटल वार्ट्स या जननांगों के आस-पास मस्से

जननांगों के आस-पास मस्से की यह बीमारी ह्यूमन पैपीलोमा वायरस के कारण होती है। शुरूआत में इस बीमारी का कोई भी लक्षण दिखायी नहीं देता है लेकिन वायरस के संपर्क में आने के तीन से चार महीनों बाद यह बीमारी उभरती है। इस वायरस के कारण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होता है इसलिए समय पर इलाज कराना बेहद जरूरी है। ह्यूमन पैपीलोमा वायरस 70 प्रकार का होता है जिनमें से 35 वायरस जननांगों को बहुत बुरी तरीके से प्रभावित करते हैं।

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हेपेटाइटिस बी

हेपेटाइटिस बी

यह लीवर की बीमारी है जो असुरक्षित सेक्स करने के कारण होती है। हेपेटाइटिस बी का वायरस खून, लार, सीमेन या शरीर के अन्य तरल पदार्थ के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के शरीर में पहुंच जाता है। डिलीवरी के समय यह वारयस मां से शिशु में भी पहुंच सकता है। थकान, भूख न लगना, बुखार, उल्टी, जोड़ों में दर्द, पीलिया, त्वचा पीला पड़ना आदि इस बीमारी के मुख्य लक्षण हैं। Read More : हेपेटाइटिस बी about हेपेटाइटिस बी

एचआईवी और एड्स

एचआईवी और एड्स

यह बीमारी वायरस के कारण होती है। असुरक्षित यौन संबंध बनाने से मानव इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) के वायरस शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करके इसे कमजोर बनाते हैं जिसके कारण शरीर संक्रमण या कैंसर से लड़ने में सक्षम नहीं हो पाता है। एनल, ओरल या वजाइनल सेक्स के दौरान या फिर एचआईवी वायरस से संक्रमित व्यक्ति को लगे इंजेक्शन को साझा करने से किसी भी व्यक्ति के शरीर में एचआईवी का वायरस पहुंच सकता है। प्रेगनेंसी, डिलीवरी या फिर स्तनपान कराने वाली मां से उसके बच्चे के शरीर में यह वायरस पहुंच सकता है।

यह एक लाइलाज बीमारी है और इससे बचने के लिए असुरक्षित यौन संबंध नहीं बनाना चाहिए। Read More : एचआईवी और एड्स about एचआईवी और एड्स

गोनोरिया

गोनोरिया

यह बीमारी बैक्टीरिया के कारण होती है और असुरक्षित यौन संबंध बनाने के दौरान संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से दूसरे व्यक्ति को यह बीमारी हो जाती है। यह बीमारी पुरुषों के लिंग के मूत्राशय वाले हिस्से को संक्रमित करती है जबकि महिलाओं के योनि के गर्भाशय ग्रीवा, रेक्टम और गले को संक्रमित करती है।

गोनोरिया होने पर पुरुषों को पेशाब करते समय लिंग में जलन का अनुभव होता है जबकि महिलाओं में इसके लक्षण नहीं दिखायी देते हैं। यदि इस बीमारी का समय पर इलाज न कराया जाए तो पुरुष एवं महिला दोनों को बांझपन हो सकता है। Read More : गोनोरिया about गोनोरिया

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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