सामान्य बीपी में भी ज्यादा नमक होता है खतरनाक
जब भी हम नमक का नाम सुनते हैं, सबसे पहले हमारे दिमाग में उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) की बात आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ हाई बीपी वालों को ही नहीं, बल्कि सामान्य बीपी (नॉर्मल ब्लड प्रेशर) वालों को भी नमक का ज्यादा सेवन गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है? यह हम नहीं, बल्कि वैज्ञानिक शोध कह रहा है।
नया शोध क्या कहता है?
हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ डेलावेयर के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि नमक की अधिक मात्रा शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर विपरीत प्रभाव डालती है, भले ही व्यक्ति का रक्तचाप सामान्य हो। यह अध्ययन इस धारणा को चुनौती देता है कि अगर बीपी सामान्य है तो नमक की अधिकता से कोई खतरा नहीं है।
कौन से अंग प्रभावित होते हैं?
नमक की अधिकता से निम्नलिखित अंगों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है:
- हृदय: अत्यधिक नमक हृदय की मांसपेशियों में तनाव उत्पन्न करता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
- मस्तिष्क: ज्यादा नमक संज्ञानात्मक क्षमता और स्मरण शक्ति को प्रभावित कर सकता है।
- गुर्दे (किडनी): नमक से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है जिससे वह विषैले पदार्थों को फिल्टर करने में कमजोर हो सकती है।
- खून की नलियां: अत्यधिक नमक खून की नलियों की लचीलापन कम कर देता है जिससे रक्तसंचार प्रभावित होता है।
क्या होता है साल्ट सेंसिटिव ब्लड प्रेशर?
सभी लोग नमक के प्रति समान संवेदनशील नहीं होते। कुछ लोग "साल्ट-सेंसिटिव" होते हैं, यानी नमक के सेवन से उनका बीपी बढ़ जाता है, जबकि कुछ लोगों पर असर नहीं होता। लेकिन शोध में पाया गया कि नमक साल्ट-सेंसिटिव न होने पर भी शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।
नमक और दिमाग का संबंध
अध्ययन के अनुसार ज्यादा नमक का सेवन मस्तिष्क की रक्त नलिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे अल्जाइमर जैसी बीमारियों की संभावना बढ़ सकती है। इसके अलावा, उच्च नमक सेवन से मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर एक्टिविटी में भी बदलाव होता है।
WHO क्या कहता है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सिफारिश है कि एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन में 5 ग्राम (लगभग एक छोटा चम्मच) से अधिक नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। लेकिन भारत में अधिकांश लोग इससे कहीं अधिक नमक का सेवन कर रहे हैं।
अधिक नमक लेने के कारण
- तले-भुने और पैकेटबंद खाद्य पदार्थ
- अचार, पापड़, चटनी
- रेस्टोरेंट और फास्ट फूड
- चिप्स, नमकीन, बिस्किट
कैसे करें नमक की मात्रा को नियंत्रित?
यदि आपका बीपी सामान्य भी है, तब भी आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- खाने में स्वाद के लिए अन्य मसालों का प्रयोग करें (नींबू, धनिया, जीरा)
- रेडीमेड और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं
- घर के खाने में धीरे-धीरे नमक की मात्रा कम करें
- लेबल पढ़कर कम सोडियम वाले उत्पाद चुनें
- बाहर खाने की बजाय घर का ताजा खाना प्राथमिकता दें
क्या प्राकृतिक नमक (जैसे सेंधा नमक) सुरक्षित है?
सेंधा नमक या हिमालयन पिंक सॉल्ट को कुछ लोग स्वास्थ्यवर्धक मानते हैं, लेकिन इनमें भी सोडियम की मात्रा कम नहीं होती। इसलिए इनका भी सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए।
निष्कर्ष
सिर्फ हाई बीपी वालों को ही नहीं, सामान्य बीपी वालों को भी नमक के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए। नमक का सीमित और संतुलित उपयोग शरीर के कई अंगों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। जब बात स्वास्थ्य की हो, तो स्वाद की कुर्बानी देना एक समझदारी का निर्णय है।
स्वस्थ जीवन की ओर पहला कदम: कम करें नमक, बढ़ाएं जीवन की गुणवत्ता।




