मोमोस खाना हो सकता है स्वास्थ्य के लिए हानिकारक

मोमोज ने आजकल स्ट्रीट फ़ूड में अपना दबदबा बना लिया है। अब ये लोगों के बीच में बेहद मशहूर हो गए हैं और चटपटा खाना पसंद करने वालों की पहली पसंद बन गए हैं। लोग इसे नियमित रूप से और बड़े चाव के साथ खाते हैं लेकिन वे ये नहीं जानते कि सस्ते बिकने वाले इस मोमो के अनेको नुक्सान होते हैं।

कुछ इसका स्वाद और कुछ इसका दाम इसकी प्रसिद्धि के लिए ज़िम्मेदार हैं। सिर्फ 20-30 रूपए में भरपेट मिलने वाले इन मोमोज के पीछे बनने वाली सामग्री पर लोग अकसर ध्यान नहीं देते हैं।हालांकि, एक बात लोग हमेशा भूल जाते हैं कि स्ट्रीट फ़ूड हमेशा ही अपने साथ बीमारियाँ लेकर आता है और इसके कई नुक्सान भी होते हैं।

1.इसमें ब्लीच्ड मैदा का प्रयोग किया जाता है
मोमो, मैदा के बने होते हैं जिसे अनाज की फाइबर हटाकर निकाला जाता है। ये उसका स्टार्च वाला हिस्सा होता है। इसे रिफाइंड फ्लौर के नाम से जाना जाता है। लेकिन मोमो बनाने के लिए इसमें रसायनों को जोड़ा जाता है। इन रसायनों में अज़ोडिकारबोनामाइड, क्लोरीनगास, बैंजोल पेरोक्साइड, या अन्य ब्लीचर्स शामिल होते हैं।
ये रसायन पैंक्रियास यानी गुर्दे को नुकसान पहुंचाते हैं और उसकी इन्सुलिन बनाने की क्षमता को खत्म कर देते हैं जिससे लोगों को डायबिटीज (मधुमेह) का खतरा बढ़ जाता है।

2. मोमो की चटनी अत्यधिक तीखी होती है
मोमो के साथ मिलने वाली चटनी सभी बड़े चाव से खाते हैं। आमतौर पर तीखा नहीं खाने वाले भी मोमो की चटनी का भरपूर सेवन करते हैं। इसके साथ मिलने वाली चटनी बहुत ही ज्यादा तीखी होती है और उसमे हद्द से ज्यादा लाल मिर्च का प्रयोग किया जाता है। वैसे तो लाल मिर्च सेहत के लिए लाभदायक होती है लेकिन अगर वो पीसी हुई न हो।
हालांकि, हम मोमो बेचने वालों के द्वारा इस्तेमाल किये गए पदार्थों की गुणवत्ता का भरोसा नहीं कर सकते हैं। वे उसमे सस्ते वाले मिर्ची पाउडर का इस्तेमाल करते हैं। ये वो पाउडर होता है जिसमें मिलावट होती है और फिर बाज़ार में सस्ता बेचा जाता है।
इसके अलावा अत्यधिक लाल मिर्च पाउडर का सेवन करना सेहत को नुक्सान पहुंचा सकता है और इससे पाईल्स की समस्या का खतरा बढ़ सकता है।

3. बिना धुली और बिना पकी सब्जियां होती हैं इस्तेमाल
मोमो के अन्दर भरे जाने वाले मसाले में सब्जियों का प्रयोग होता है लेकिन हम यह नहीं मान सकते कि इनको शुद्धता से इस्तेमाल किया गया होगा। स्ट्रीट फूड बेचने वाले वेंडर्स अक्सर इस्तेमाल की जाने वाली सब्जियों को धोते भी नहीं हैं।
हम सभी यह बात जानते हैं कि बिना धुली हुई सब्जियां बिमारियों का घर होती हैं और इन पर अक्सर कीटनाशक भी रह जाते हैं जिसके कारण इनको धोना आवश्यक होता है। इसी कारण मोमो और भी ज्यादा नुक्सान करते हैं।
इसके अलावा कभी कभी सस्ती चीजें इस्तेमाल करने के चक्कर में वेंडर्स खराब और सड़ी हुई सब्जियां खरीद लेते हैं। इनमें वे सब्जियां होती हैं जो बाज़ार से अस्वीकार कर दी जाती है और जिनको कोई नहीं खरीदता है।

4. मरे जानवरों का मांस
कई अध्ययनों में ऐसा पाया गया है कि रोड साइड पर बिकने वाले मोमो के अन्दर जो भरा रहता है उसमें ऐसे जानवरों का मांस डाला जाता है जो बीमारियों से ग्रस्त होकर मर जाते हैं।
यह मांस सस्ते में बाज़ार से खरीद लिया जाता है जिसके कारण मोमो के दाम भी कम ही रहते हैं। इसको खाने वालों पर बिमारियों का खतरा बना रहता है। 
ऐसे मोमो का सेवन करने से हमारे ऊपर बिमारियों का खतरा बना रहता है और कभी कभी ये बीमारियाँ इंसान की मृत्यु की ज़िम्मेदार होती है।

5. उसमे एमएसजी होती है
एमएसजी मतलब मोनो सोडियम ग्लूटामेट होता है। इसका सेवन इंसानों में मोटापे को बढ़ावा देता है। इसके अलावा इससे नर्वस डिसऑर्डर, अत्यधिक पसीना, छाती में दर्द, जी मिचलाने और घबराहट जैसी समस्याएं हो जाती हैं।
मोमो में इसके पाए जाने की आशंका जताई जाती है इसलिए इसका अत्यधिक सेवन करने से बचना चाहिए।

6. मोमो में हो सकता है कुत्ते का मीट
अक्सर यह कहा जाता है कि मोमो में कुत्ते का मीट मिलाया जाता है। यह बहुत ही निराशाजनक बात है। यह बोला जाता है कि मोमो के मसाले के रूप में कुत्ते का मीट उसमें भरा जाता है।
इसी कारण मोमो हमेशा अच्छी और साफ़ जगह से खाने की ही सलाह दी जाती है ताकि हम उसकी शुद्धता पर निर्भर हो सकें।

7. इसमें मल पदार्थ शामिल हो सकता है
स्ट्रीट फूड, विशेष रूप से समोसा, बर्गर, गोलगप्पे और मोमो पर किये गए शोध में ये बात सामने आई है कि इनमें ज़रुरत से ज्यादा मल होता है। 
इन पैथोजिन में बैसिलस सीरीस, क्लॉस्ट्रिडियम पेरफ्रेंस, स्टैफिलोकोकस ऑरियस और साल्मोनेला प्रजाति शामिल थे। ये पेट की ऐंठन, टाइफाइड और यहां तक ​​कि फूड पोइजनिंग के लिए भी ज़िम्मेदार हैं।

8. टेपवोर्म (कीड़ा) होने की आशंका
मोमो के मसाले में पत्ता गोभी का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें टेपवोर्म होने की आशंका रहती है। स्ट्रीट फूड वेंडर्स सब्जी उचित प्रकार से धोते नहीं हैं। इसके अलावा यदि पत्ता गोभी को ठीक से पकाया न जाये तो टेपवोर्म मोमो में रह जाता है।
ऐसा पाया गया है कि यदि टेपवोर्म मस्तिष्क तक पहुँच जाता तो यह मस्तिष्क को हानि पहुंचा सकता है। टेपवोर्म मस्तिष्क में पहुंचकर बढ़ता है जिससे मस्तिष्क का संतुलन खराब कर देनी वाली बीमारियाँ हो जाती हैं। इससे इंसान की मृत्यु तक हो सकती है।

9. इसमें उपयोग किये जाने वाले पदार्थ बासी होते हैं
मोमो के अंदर इस्तेमाल होने वाली सब्जियां और चिकन बासी होते हैं या बहुत खराब गुणवत्ता के होते हैं। वास्तव में, अधिकांश चिकन उत्पाद जो अस्वस्थ होते हैं और सस्ते आउटलेट पर मिलते हैं वही मोमो को बनाने में इस्तेमाल की जाती हैं। कोलाई बैक्टीरिया के लिए सकारात्मक परीक्षण करते हैं, एक शक्तिशाली विष है जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

10. सेहत के लिए हानिकारक
मोमो का सेवन सेहत पर अनेक प्रकार के दुष्प्रभाव डाल सकता है। इससे कब्ज़, एसिडिटी, बेल्चिंग आदि की समस्याएं हो जाती हैं। इसमें मौजूद मैदा पेट के लिए अत्यंत नुक्सानदायक होती है।
नियमित रूप से मोमोज का सेवन करने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

 

 
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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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