स्मार्ट तरीके से पढ़ाई करने के ये बेहतर टिप्स

स्मार्ट तरीके से पढ़ाई करने के ये बेहतर टिप्स

जब हम पढाई करते है तो कई बार कई विषय हमें कठिन लगते है। कभी किसी टॉपिक को समझने में दिक्कत आती है, कभी-कभी हम भूल जाते है, कभी हमारा पढाई में मन नहीं लगता है, कभी हम परीक्षा में लिखकर तो आते हैं, लेकिन नंबर कम आते हैं, तो कभी-कभी हम तनाव में आ जाते है। आखिर क्या करें, जिससे की हम हमारे ज्ञान को बढा सके और सहजता के साथ, सरलता से पढाई कर सके एवं अपने ज्ञान में वृद्वि कर सके। इसके लिए वैज्ञानिक हमें कुछ तथ्य बताते है, जो पढाई करने में हमें मदद करते हैं।

 

बीच-बीच में ब्रेक जरूर लें पढ़ाई करते वक्त हर 40 से 50 मिनट के बाद एक ब्रेक जरूर लें। ब्रेक में आप स्ट्रेचेस कर सकते है। योग कर सकते है, घूम सकते है, रेस्ट कर सकते है। याद रखें आपको किसी से बात नहीं करना है, पढाई के माहौल से बाहर नहीं आना है और मन को चंचल नहीं होने देना है। आप लाइट म्यूजिक भी सुन सकते हैं। पानी जरूर पीएँ। ब्रेक 5 मिनट से ज्यादा का नहीं होना चाहिए। 

 

नोट्स बनाएं पढाई करते वक्त जो भी तथ्य आपको महत्वपूर्ण लगते हैं, उनके नोट्स बनाएँ, हाईलाइटर से उन्हे हाईलाइट करें, विभिन्न कलरों का उपयोग करें, उनके चित्र बनाएँ, चार्ट्स भी बना सकते है। किसी एग्जाम्पल के द्वारा अपने दैनिक जीवन से जोडते हुए मनोरंजक तरीके से उसका एक काल्पनिक चित्र मस्तिष्क में बैठा ले। कठिन उत्तर को पहले सरल करें फिर बिंदुवार उसे याद करें। हमारा मस्तिष्क कठिन चीजों को नहीं समझ पाता हैं इसलिए हमें कठिन उत्तरों को पहले सरल करना होगा। वह चाहे हम हमारे दोस्त की मदद से करें, शिक्षक की मदद से करे या फिर सीडी की सहायता से उसे समझने का प्रयास करें। हमारा मस्तिष्क रंगीन वस्तुओं को, बडी-बडी वस्तुओं को, दैनिक जीवन से हट कर मनोरंजक चीजों को, हमारे जीवन से जुडी हुई वस्तुओं को ज्यादा अच्छे से याद रख पाता हैं, अत: हमें पढाई करने वक्त तकनीकों को इस्तेमाल करना होगा। ताकि हम बेहतर तरीके से चीजों को समझ पाएँगे और नए याद करके परीक्षा में अच्छे से लिख पाएँगे।

 

रिवीजन है महत्वपूर्ण जिस समय आप सबसे ज्यादा एनर्जेटिक फील करते हों, उस समय कठिन चीजों को समझने का प्रयास करें। समझ में ना आने पर उसे किसी की सहायता से हल करें। जितनी देर हमने पढ़ाई की है उसका 10 प्रतिशत भाग कुछ अंतराल के बाद रिवीजन के लिए दें। रिवीजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। मान लीजिए आपने प्रात: काल में 60 मिनट पढाई की है। तो शाम को 10 मिनट का रिवीजन अवश्य करें। रिवीजन में आप महत्वपूर्ण बिंदूओं को दोबारा पढ सकते है। कुछ प्रश्नों को हल करके देख सकते है। अपने आप को उसे समझा सकते है। इस प्रकार का रिवीजन आपकी मेमोरी में स्टेबिलिटी लाएगा 

 

स्वयं का टेस्ट लें जब कभी भी पढने का मन ना हो तो लिखने का अभ्यास करें, नोट्स बनाएँ, रिविजन करें, चार्ट्स बनाएँ, अपने स्वयं को टेस्ट लें, बचें हुए कार्यो को पूर्ण करें। कैसे भी करने अपने आप को पढाई में व्यस्थ रखें। थोडी देर बाद आपको पता ही नहीं पडेगा और आपका मन पढाई में लग चुका होगा। किसी भी कठिन चीज को सरल करने का सबसे उत्तम तरीका है, कठिन विषयों को दूसरो को पढाना इससे हमारे आत्मविश्वास में बढोत्तरी होती हैं और हमारी कठिन बिन्दू हमें पता लग जाते है। फिर वे हमें जल्दी समझ में आ जातें है। 

 

जब हम पढाई करते है तो कई बार कई विषय हमें कठिन लगते है। कभी किसी टॉपिक को समझने में दिक्कत आती है, कभी-कभी हम भूल जाते है, कभी हमारा पढाई में मन नहीं लगता है, कभी हम परीक्षा में लिखकर तो आते हैं, लेकिन नंबर कम आते हैं, तो कभी-कभी हम तनाव में आ जाते है। आखिर क्या करें, जिससे की हम हमारे ज्ञान को बढा सके और सहजता के साथ, सरलता से पढाई कर सके एवं अपने ज्ञान में वृद्वि कर सके। इसके लिए वैज्ञानिक हमें कुछ तथ्य बताते है, जो पढाई करने में हमें मदद करते हैं।

 

 

बीच-बीच में ब्रेक जरूर लें पढ़ाई करते वक्त हर 40 से 50 मिनट के बाद एक ब्रेक जरूर लें। ब्रेक में आप स्ट्रेचेस कर सकते है। योग कर सकते है, घूम सकते है, रेस्ट कर सकते है। याद रखें आपको किसी से बात नहीं करना है, पढाई के माहौल से बाहर नहीं आना है और मन को चंचल नहीं होने देना है। आप लाइट म्यूजिक भी सुन सकते हैं। पानी जरूर पीएँ। ब्रेक 5 मिनट से ज्यादा का नहीं होना चाहिए। 

 

 

नोट्स बनाएं पढाई करते वक्त जो भी तथ्य आपको महत्वपूर्ण लगते हैं, उनके नोट्स बनाएँ, हाईलाइटर से उन्हे हाईलाइट करें, विभिन्न कलरों का उपयोग करें, उनके चित्र बनाएँ, चार्ट्स भी बना सकते है। किसी एग्जाम्पल के द्वारा अपने दैनिक जीवन से जोडते हुए मनोरंजक तरीके से उसका एक काल्पनिक चित्र मस्तिष्क में बैठा ले। कठिन उत्तर को पहले सरल करें फिर बिंदुवार उसे याद करें। हमारा मस्तिष्क कठिन चीजों को नहीं समझ पाता हैं इसलिए हमें कठिन उत्तरों को पहले सरल करना होगा। वह चाहे हम हमारे दोस्त की मदद से करें, शिक्षक की मदद से करे या फिर सीडी की सहायता से उसे समझने का प्रयास करें। हमारा मस्तिष्क रंगीन वस्तुओं को, बडी-बडी वस्तुओं को, दैनिक जीवन से हट कर मनोरंजक चीजों को, हमारे जीवन से जुडी हुई वस्तुओं को ज्यादा अच्छे से याद रख पाता हैं, अत: हमें पढाई करने वक्त तकनीकों को इस्तेमाल करना होगा। ताकि हम बेहतर तरीके से चीजों को समझ पाएँगे और नए याद करके परीक्षा में अच्छे से लिख पाएँगे।

 

 

रिवीजन है महत्वपूर्ण जिस समय आप सबसे ज्यादा एनर्जेटिक फील करते हों, उस समय कठिन चीजों को समझने का प्रयास करें। समझ में ना आने पर उसे किसी की सहायता से हल करें। जितनी देर हमने पढ़ाई की है उसका 10 प्रतिशत भाग कुछ अंतराल के बाद रिवीजन के लिए दें। रिवीजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। मान लीजिए आपने प्रात: काल में 60 मिनट पढाई की है। तो शाम को 10 मिनट का रिवीजन अवश्य करें। रिवीजन में आप महत्वपूर्ण बिंदूओं को दोबारा पढ सकते है। कुछ प्रश्नों को हल करके देख सकते है। अपने आप को उसे समझा सकते है। इस प्रकार का रिवीजन आपकी मेमोरी में स्टेबिलिटी लाएगा 

 

 

स्वयं का टेस्ट लें जब कभी भी पढने का मन ना हो तो लिखने का अभ्यास करें, नोट्स बनाएँ, रिविजन करें, चार्ट्स बनाएँ, अपने स्वयं को टेस्ट लें, बचें हुए कार्यो को पूर्ण करें। कैसे भी करने अपने आप को पढाई में व्यस्थ रखें। थोडी देर बाद आपको पता ही नहीं पडेगा और आपका मन पढाई में लग चुका होगा। किसी भी कठिन चीज को सरल करने का सबसे उत्तम तरीका है, कठिन विषयों को दूसरो को पढाना इससे हमारे आत्मविश्वास में बढोत्तरी होती हैं और हमारी कठिन बिन्दू हमें पता लग जाते है। फिर वे हमें जल्दी समझ में आ जातें है। 

 

 

जब हम पढाई करते है तो कई बार कई विषय हमें कठिन लगते है। कभी किसी टॉपिक को समझने में दिक्कत आती है, कभी-कभी हम भूल जाते है, कभी हमारा पढाई में मन नहीं लगता है, कभी हम परीक्षा में लिखकर तो आते हैं, लेकिन नंबर कम आते हैं, तो कभी-कभी हम तनाव में आ जाते है। आखिर क्या करें, जिससे की हम हमारे ज्ञान को बढा सके और सहजता के साथ, सरलता से पढाई कर सके एवं अपने ज्ञान में वृद्वि कर सके। इसके लिए वैज्ञानिक हमें कुछ तथ्य बताते है, जो पढाई करने में हमें मदद करते हैं।

 

 

बीच-बीच में ब्रेक जरूर लें पढ़ाई करते वक्त हर 40 से 50 मिनट के बाद एक ब्रेक जरूर लें। ब्रेक में आप स्ट्रेचेस कर सकते है। योग कर सकते है, घूम सकते है, रेस्ट कर सकते है। याद रखें आपको किसी से बात नहीं करना है, पढाई के माहौल से बाहर नहीं आना है और मन को चंचल नहीं होने देना है। आप लाइट म्यूजिक भी सुन सकते हैं। पानी जरूर पीएँ। ब्रेक 5 मिनट से ज्यादा का नहीं होना चाहिए। 

 

 

नोट्स बनाएं पढाई करते वक्त जो भी तथ्य आपको महत्वपूर्ण लगते हैं, उनके नोट्स बनाएँ, हाईलाइटर से उन्हे हाईलाइट करें, विभिन्न कलरों का उपयोग करें, उनके चित्र बनाएँ, चार्ट्स भी बना सकते है। किसी एग्जाम्पल के द्वारा अपने दैनिक जीवन से जोडते हुए मनोरंजक तरीके से उसका एक काल्पनिक चित्र मस्तिष्क में बैठा ले। कठिन उत्तर को पहले सरल करें फिर बिंदुवार उसे याद करें। हमारा मस्तिष्क कठिन चीजों को नहीं समझ पाता हैं इसलिए हमें कठिन उत्तरों को पहले सरल करना होगा। वह चाहे हम हमारे दोस्त की मदद से करें, शिक्षक की मदद से करे या फिर सीडी की सहायता से उसे समझने का प्रयास करें। हमारा मस्तिष्क रंगीन वस्तुओं को, बडी-बडी वस्तुओं को, दैनिक जीवन से हट कर मनोरंजक चीजों को, हमारे जीवन से जुडी हुई वस्तुओं को ज्यादा अच्छे से याद रख पाता हैं, अत: हमें पढाई करने वक्त तकनीकों को इस्तेमाल करना होगा। ताकि हम बेहतर तरीके से चीजों को समझ पाएँगे और नए याद करके परीक्षा में अच्छे से लिख पाएँगे।

 

 

रिवीजन है महत्वपूर्ण जिस समय आप सबसे ज्यादा एनर्जेटिक फील करते हों, उस समय कठिन चीजों को समझने का प्रयास करें। समझ में ना आने पर उसे किसी की सहायता से हल करें। जितनी देर हमने पढ़ाई की है उसका 10 प्रतिशत भाग कुछ अंतराल के बाद रिवीजन के लिए दें। रिवीजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। मान लीजिए आपने प्रात: काल में 60 मिनट पढाई की है। तो शाम को 10 मिनट का रिवीजन अवश्य करें। रिवीजन में आप महत्वपूर्ण बिंदूओं को दोबारा पढ सकते है। कुछ प्रश्नों को हल करके देख सकते है। अपने आप को उसे समझा सकते है। इस प्रकार का रिवीजन आपकी मेमोरी में स्टेबिलिटी लाएगा 

 

 

स्वयं का टेस्ट लें जब कभी भी पढने का मन ना हो तो लिखने का अभ्यास करें, नोट्स बनाएँ, रिविजन करें, चार्ट्स बनाएँ, अपने स्वयं को टेस्ट लें, बचें हुए कार्यो को पूर्ण करें। कैसे भी करने अपने आप को पढाई में व्यस्थ रखें। थोडी देर बाद आपको पता ही नहीं पडेगा और आपका मन पढाई में लग चुका होगा। किसी भी कठिन चीज को सरल करने का सबसे उत्तम तरीका है, कठिन विषयों को दूसरो को पढाना इससे हमारे आत्मविश्वास में बढोत्तरी होती हैं और हमारी कठिन बिन्दू हमें पता लग जाते है। फिर वे हमें जल्दी समझ में आ जातें है। 

 

 

जब हम पढाई करते है तो कई बार कई विषय हमें कठिन लगते है। कभी किसी टॉपिक को समझने में दिक्कत आती है, कभी-कभी हम भूल जाते है, कभी हमारा पढाई में मन नहीं लगता है, कभी हम परीक्षा में लिखकर तो आते हैं, लेकिन नंबर कम आते हैं, तो कभी-कभी हम तनाव में आ जाते है। आखिर क्या करें, जिससे की हम हमारे ज्ञान को बढा सके और सहजता के साथ, सरलता से पढाई कर सके एवं अपने ज्ञान में वृद्वि कर सके। इसके लिए वैज्ञानिक हमें कुछ तथ्य बताते है, जो पढाई करने में हमें मदद करते हैं।

 

 

बीच-बीच में ब्रेक जरूर लें पढ़ाई करते वक्त हर 40 से 50 मिनट के बाद एक ब्रेक जरूर लें। ब्रेक में आप स्ट्रेचेस कर सकते है। योग कर सकते है, घूम सकते है, रेस्ट कर सकते है। याद रखें आपको किसी से बात नहीं करना है, पढाई के माहौल से बाहर नहीं आना है और मन को चंचल नहीं होने देना है। आप लाइट म्यूजिक भी सुन सकते हैं। पानी जरूर पीएँ। ब्रेक 5 मिनट से ज्यादा का नहीं होना चाहिए। 

 

 

नोट्स बनाएं पढाई करते वक्त जो भी तथ्य आपको महत्वपूर्ण लगते हैं, उनके नोट्स बनाएँ, हाईलाइटर से उन्हे हाईलाइट करें, विभिन्न कलरों का उपयोग करें, उनके चित्र बनाएँ, चार्ट्स भी बना सकते है। किसी एग्जाम्पल के द्वारा अपने दैनिक जीवन से जोडते हुए मनोरंजक तरीके से उसका एक काल्पनिक चित्र मस्तिष्क में बैठा ले। कठिन उत्तर को पहले सरल करें फिर बिंदुवार उसे याद करें। हमारा मस्तिष्क कठिन चीजों को नहीं समझ पाता हैं इसलिए हमें कठिन उत्तरों को पहले सरल करना होगा। वह चाहे हम हमारे दोस्त की मदद से करें, शिक्षक की मदद से करे या फिर सीडी की सहायता से उसे समझने का प्रयास करें। हमारा मस्तिष्क रंगीन वस्तुओं को, बडी-बडी वस्तुओं को, दैनिक जीवन से हट कर मनोरंजक चीजों को, हमारे जीवन से जुडी हुई वस्तुओं को ज्यादा अच्छे से याद रख पाता हैं, अत: हमें पढाई करने वक्त तकनीकों को इस्तेमाल करना होगा। ताकि हम बेहतर तरीके से चीजों को समझ पाएँगे और नए याद करके परीक्षा में अच्छे से लिख पाएँगे।

 

 

रिवीजन है महत्वपूर्ण जिस समय आप सबसे ज्यादा एनर्जेटिक फील करते हों, उस समय कठिन चीजों को समझने का प्रयास करें। समझ में ना आने पर उसे किसी की सहायता से हल करें। जितनी देर हमने पढ़ाई की है उसका 10 प्रतिशत भाग कुछ अंतराल के बाद रिवीजन के लिए दें। रिवीजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। मान लीजिए आपने प्रात: काल में 60 मिनट पढाई की है। तो शाम को 10 मिनट का रिवीजन अवश्य करें। रिवीजन में आप महत्वपूर्ण बिंदूओं को दोबारा पढ सकते है। कुछ प्रश्नों को हल करके देख सकते है। अपने आप को उसे समझा सकते है। इस प्रकार का रिवीजन आपकी मेमोरी में स्टेबिलिटी लाएगा 

 

 

स्वयं का टेस्ट लें जब कभी भी पढने का मन ना हो तो लिखने का अभ्यास करें, नोट्स बनाएँ, रिविजन करें, चार्ट्स बनाएँ, अपने स्वयं को टेस्ट लें, बचें हुए कार्यो को पूर्ण करें। कैसे भी करने अपने आप को पढाई में व्यस्थ रखें। थोडी देर बाद आपको पता ही नहीं पडेगा और आपका मन पढाई में लग चुका होगा। किसी भी कठिन चीज को सरल करने का सबसे उत्तम तरीका है, कठिन विषयों को दूसरो को पढाना इससे हमारे आत्मविश्वास में बढोत्तरी होती हैं और हमारी कठिन बिन्दू हमें पता लग जाते है। फिर वे हमें जल्दी समझ में आ जातें है। 

 

 

जब हम पढाई करते है तो कई बार कई विषय हमें कठिन लगते है। कभी किसी टॉपिक को समझने में दिक्कत आती है, कभी-कभी हम भूल जाते है, कभी हमारा पढाई में मन नहीं लगता है, कभी हम परीक्षा में लिखकर तो आते हैं, लेकिन नंबर कम आते हैं, तो कभी-कभी हम तनाव में आ जाते है। आखिर क्या करें, जिससे की हम हमारे ज्ञान को बढा सके और सहजता के साथ, सरलता से पढाई कर सके एवं अपने ज्ञान में वृद्वि कर सके। इसके लिए वैज्ञानिक हमें कुछ तथ्य बताते है, जो पढाई करने में हमें मदद करते हैं।

 

 

बीच-बीच में ब्रेक जरूर लें पढ़ाई करते वक्त हर 40 से 50 मिनट के बाद एक ब्रेक जरूर लें। ब्रेक में आप स्ट्रेचेस कर सकते है। योग कर सकते है, घूम सकते है, रेस्ट कर सकते है। याद रखें आपको किसी से बात नहीं करना है, पढाई के माहौल से बाहर नहीं आना है और मन को चंचल नहीं होने देना है। आप लाइट म्यूजिक भी सुन सकते हैं। पानी जरूर पीएँ। ब्रेक 5 मिनट से ज्यादा का नहीं होना चाहिए। 

 

 

नोट्स बनाएं पढाई करते वक्त जो भी तथ्य आपको महत्वपूर्ण लगते हैं, उनके नोट्स बनाएँ, हाईलाइटर से उन्हे हाईलाइट करें, विभिन्न कलरों का उपयोग करें, उनके चित्र बनाएँ, चार्ट्स भी बना सकते है। किसी एग्जाम्पल के द्वारा अपने दैनिक जीवन से जोडते हुए मनोरंजक तरीके से उसका एक काल्पनिक चित्र मस्तिष्क में बैठा ले। कठिन उत्तर को पहले सरल करें फिर बिंदुवार उसे याद करें। हमारा मस्तिष्क कठिन चीजों को नहीं समझ पाता हैं इसलिए हमें कठिन उत्तरों को पहले सरल करना होगा। वह चाहे हम हमारे दोस्त की मदद से करें, शिक्षक की मदद से करे या फिर सीडी की सहायता से उसे समझने का प्रयास करें। हमारा मस्तिष्क रंगीन वस्तुओं को, बडी-बडी वस्तुओं को, दैनिक जीवन से हट कर मनोरंजक चीजों को, हमारे जीवन से जुडी हुई वस्तुओं को ज्यादा अच्छे से याद रख पाता हैं, अत: हमें पढाई करने वक्त तकनीकों को इस्तेमाल करना होगा। ताकि हम बेहतर तरीके से चीजों को समझ पाएँगे और नए याद करके परीक्षा में अच्छे से लिख पाएँगे।

 

रिवीजन है महत्वपूर्ण जिस समय आप सबसे ज्यादा एनर्जेटिक फील करते हों, उस समय कठिन चीजों को समझने का प्रयास करें। समझ में ना आने पर उसे किसी की सहायता से हल करें। जितनी देर हमने पढ़ाई की है उसका 10 प्रतिशत भाग कुछ अंतराल के बाद रिवीजन के लिए दें। रिवीजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। मान लीजिए आपने प्रात: काल में 60 मिनट पढाई की है। तो शाम को 10 मिनट का रिवीजन अवश्य करें। रिवीजन में आप महत्वपूर्ण बिंदूओं को दोबारा पढ सकते है। कुछ प्रश्नों को हल करके देख सकते है। अपने आप को उसे समझा सकते है। इस प्रकार का रिवीजन आपकी मेमोरी में स्टेबिलिटी लाएगा 

 

स्वयं का टेस्ट लें जब कभी भी पढने का मन ना हो तो लिखने का अभ्यास करें, नोट्स बनाएँ, रिविजन करें, चार्ट्स बनाएँ, अपने स्वयं को टेस्ट लें, बचें हुए कार्यो को पूर्ण करें। कैसे भी करने अपने आप को पढाई में व्यस्थ रखें। थोडी देर बाद आपको पता ही नहीं पडेगा और आपका मन पढाई में लग चुका होगा। किसी भी कठिन चीज को सरल करने का सबसे उत्तम तरीका है, कठिन विषयों को दूसरो को पढाना इससे हमारे आत्मविश्वास में बढोत्तरी होती हैं और हमारी कठिन बिन्दू हमें पता लग जाते है। फिर वे हमें जल्दी समझ में आ जातें है। 

 

जब हम पढाई करते है तो कई बार कई विषय हमें कठिन लगते है। कभी किसी टॉपिक को समझने में दिक्कत आती है, कभी-कभी हम भूल जाते है, कभी हमारा पढाई में मन नहीं लगता है, कभी हम परीक्षा में लिखकर तो आते हैं, लेकिन नंबर कम आते हैं, तो कभी-कभी हम तनाव में आ जाते है। आखिर क्या करें, जिससे की हम हमारे ज्ञान को बढा सके और सहजता के साथ, सरलता से पढाई कर सके एवं अपने ज्ञान में वृद्वि कर सके। इसके लिए वैज्ञानिक हमें कुछ तथ्य बताते है, जो पढाई करने में हमें मदद करते हैं।

 

बीच-बीच में ब्रेक जरूर लें पढ़ाई करते वक्त हर 40 से 50 मिनट के बाद एक ब्रेक जरूर लें। ब्रेक में आप स्ट्रेचेस कर सकते है। योग कर सकते है, घूम सकते है, रेस्ट कर सकते है। याद रखें आपको किसी से बात नहीं करना है, पढाई के माहौल से बाहर नहीं आना है और मन को चंचल नहीं होने देना है। आप लाइट म्यूजिक भी सुन सकते हैं। पानी जरूर पीएँ। ब्रेक 5 मिनट से ज्यादा का नहीं होना चाहिए। 

 

नोट्स बनाएं पढाई करते वक्त जो भी तथ्य आपको महत्वपूर्ण लगते हैं, उनके नोट्स बनाएँ, हाईलाइटर से उन्हे हाईलाइट करें, विभिन्न कलरों का उपयोग करें, उनके चित्र बनाएँ, चार्ट्स भी बना सकते है। किसी एग्जाम्पल के द्वारा अपने दैनिक जीवन से जोडते हुए मनोरंजक तरीके से उसका एक काल्पनिक चित्र मस्तिष्क में बैठा ले। कठिन उत्तर को पहले सरल करें फिर बिंदुवार उसे याद करें। हमारा मस्तिष्क कठिन चीजों को नहीं समझ पाता हैं इसलिए हमें कठिन उत्तरों को पहले सरल करना होगा। वह चाहे हम हमारे दोस्त की मदद से करें, शिक्षक की मदद से करे या फिर सीडी की सहायता से उसे समझने का प्रयास करें। हमारा मस्तिष्क रंगीन वस्तुओं को, बडी-बडी वस्तुओं को, दैनिक जीवन से हट कर मनोरंजक चीजों को, हमारे जीवन से जुडी हुई वस्तुओं को ज्यादा अच्छे से याद रख पाता हैं, अत: हमें पढाई करने वक्त तकनीकों को इस्तेमाल करना होगा। ताकि हम बेहतर तरीके से चीजों को समझ पाएँगे और नए याद करके परीक्षा में अच्छे से लिख पाएँगे।

 

रिवीजन है महत्वपूर्ण जिस समय आप सबसे ज्यादा एनर्जेटिक फील करते हों, उस समय कठिन चीजों को समझने का प्रयास करें। समझ में ना आने पर उसे किसी की सहायता से हल करें। जितनी देर हमने पढ़ाई की है उसका 10 प्रतिशत भाग कुछ अंतराल के बाद रिवीजन के लिए दें। रिवीजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। मान लीजिए आपने प्रात: काल में 60 मिनट पढाई की है। तो शाम को 10 मिनट का रिवीजन अवश्य करें। रिवीजन में आप महत्वपूर्ण बिंदूओं को दोबारा पढ सकते है। कुछ प्रश्नों को हल करके देख सकते है। अपने आप को उसे समझा सकते है। इस प्रकार का रिवीजन आपकी मेमोरी में स्टेबिलिटी लाएगा 

 

स्वयं का टेस्ट लें जब कभी भी पढने का मन ना हो तो लिखने का अभ्यास करें, नोट्स बनाएँ, रिविजन करें, चार्ट्स बनाएँ, अपने स्वयं को टेस्ट लें, बचें हुए कार्यो को पूर्ण करें। कैसे भी करने अपने आप को पढाई में व्यस्थ रखें। थोडी देर बाद आपको पता ही नहीं पडेगा और आपका मन पढाई में लग चुका होगा। किसी भी कठिन चीज को सरल करने का सबसे उत्तम तरीका है, कठिन विषयों को दूसरो को पढाना इससे हमारे आत्मविश्वास में बढोत्तरी होती हैं और हमारी कठिन बिन्दू हमें पता लग जाते है। फिर वे हमें जल्दी समझ में आ जातें है। 

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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