काशी की गिरिजा
Submitted by vasna on 27 July 2019 - 12:59pmउत्तर भारत कोकिला, गान शिरोमणि, संगीत शिरोमणि, गान सरस्वती जैसी उपाधियां उन्हें अल्पायु में ही मिल गयीं थीं. दुनिया उन्हें सुर साम्राज्ञी और अप्पा जी जैसे अनेक सम्मान सूचक शब्दों से नवाजती थी लेकिन बनारस आने के बाद वो सिर्फ गिरिजा होकर रह जाती थीं. उन्हें इस बात का गौरव सदा रहा कि वे उन कुछ गिने चुने लोगों में से थीं जिन्हें शास्त्रीय संगीत के उदभट विद्वान पंडित श्रीचन्द्र मिश्र का शिष्यत्व प्राप्त हुआ. Read More : काशी की गिरिजा about काशी की गिरिजा













